सारा खेल खत्म होने के बाद जागा चुनाव आयोग, पढ़िए अब क्या किया

Published on: March 31, 2017
नई दिल्ली। हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म हुए हैं। चुनावों के नतीजे आने के बाद ही बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ईवीएम में गड़बड़ी की बात कहकर चुनाव आयोग से भी शिकायत की। इसके साथ ही मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच गया। चुनाव आयोग ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार कर दिया लेकिन अब चुनाव आयोग के मुताबिक ही सामने आ रहा है कि कहीं न कहीं इन चुनावों में कुछ गड़बड़ हुई है। 

Election Commission

टीवी और समाचार पत्रों में एक तरफा रिपोर्टिंग को देखते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि वोटिंग खत्म होने के पहले से माडिया से ज्योतिषियों, टैरो कार्ड रीडर, राजनीतिक विश्लेषकों और अन्य दूसरी भविष्यवाणियों या अनुमानों को प्रकाशित और प्रसारित न किए जाएं।
 
सभी अखबारों और न्यूज चैनलों के लिए जारी की गई एडवाइजरी में चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह की भविष्यवाणी या अनुमान जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 ए की भावना के खिलाफ है। इसलिए आने वाले चुनावों में इसे प्रकाशित या प्रसारित करने से परहेज करें। आयोग ने कहा है कि ऐसा करने वाले मीडिया संस्थानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकती है।

आयोग की ओर से गुरुवार को जारी ताज़ा निर्देश में कहा गया है कि इस तरह की भविष्यवाणी या अनुमान जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 ए की भावना के ख़िलाफ़ है। आयोग ने कहा है कि सिर्फ व्यावसायिक कारणों से प्रतिद्वंद्वी चैनलों से आगे निकलने के लिए इस तरह का प्रसारण उचित नहीं है, इसलिए स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में सभी तरह की मीडिया को इस तरह के कार्यक्रम को प्रकाशित एवं प्रसारित न करने की सलाह दी जाती है।
 
गौरतलब है कि आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक चुनाव समाप्ति के बाद ही किसी एग्जिट पोल का प्रसारण हो सकता है। कानून की धारा 126 ए मीडिया को वोटिंग के 48 घंटे पहले से लेकर जब तक वोटिंग खत्म नहीं हो जाती, तब तक एग्जिट पोल दिखाने से प्रतिबंधित करती है। आयोग ने कहा कि एक चैनल पर शो के दौरान अलग-अलग फील्ड्स से मौजूद पैनलिस्टों और राजनीतिक विश्लेषकों ने पहले से ही राजनीतिक दलों को मिलने वाली सीटों का अनुमान व्यक्त किया था।

(संपादन- भवेंद्र प्रकाश)

Courtesy: National Dastak
 

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