दिल्ली: उत्तम नगर तरुण हत्या मामले में आरोपी के घर पर बुलडोज़र कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने 10 दिनों की रोक लगाई

Written by sabrang india | Published on: April 15, 2026
उत्तम नगर में तरुण हत्या मामले के एक आरोपी के निर्माणाधीन मकान के कुछ हिस्सों को एमसीडी ने ध्वस्त किया। हालांकि, एजेंसियों ने इस कार्रवाई को मामले से असंबंधित बताया है। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने संपत्ति पर 10 दिनों तक किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाते हुए परिवार को अपील करने का अवसर दिया है।


फोटो साभार : एनडीटीवी

होली के दिन उत्तम नगर में 26 वर्षीय युवक तरुण की हत्या के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के निर्माणाधीन बहुमंजिला मकान के कुछ हिस्सों को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सोमवार, 13 अप्रैल को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गिरा दिया। हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एमसीडी और पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का तरुण की हत्या से कोई संबंध नहीं है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (12 मार्च) को एमसीडी को इस संपत्ति पर 10 दिनों तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से रोक दिया। जस्टिस अमित बंसल ने आरोपी के परिवार को एक सप्ताह का समय दिया है, ताकि वे एमसीडी के अपीलीय अधिकरण में ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दे सकें। साथ ही, इस अवधि के दौरान संपत्ति की यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया।

अखबार के अनुसार, अभियान से जुड़े एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निगम किसी एक विशेष मकान को निशाना नहीं बना रहा है और संपत्ति के मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। उन्होंने बताया, “यह नए अवैध निर्माण का मामला है, जिसके लिए कई दिन पहले ही नोटिस दिया गया था। बिना अनुमति के आसपास के प्लॉट्स को जोड़कर बड़ा मकान बनाया जा रहा था। हम पूरे जोन में इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं।”

अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्हें कोई स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और अदालत में पहले दायर याचिकाएं बिना किसी राहत के निपटा दी गई थीं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया कि घटना से कई सप्ताह पहले ही मकान मालिक को नोटिस दिया गया था और मकान को सील भी कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “एमसीडी के पास इस तरह की संरचनाओं को हटाने की मासिक योजना होती है और यह कार्रवाई उसी का हिस्सा थी।”

द वायर के अनुसार, अदालत के समक्ष यह याचिका आरोपी इस्माइल की बेटी ने दायर की थी। इस्माइल होली के दिन हुई हत्या के मामले में 5 मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं। याचिका में आरोप लगाया गया कि एमसीडी बिना सुनवाई का अवसर दिए अवैध निर्माण के आधार पर उनकी संपत्ति को गिराने की कार्रवाई कर रहा था।

बार एंड बेंच के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने कहा, “मैंने वही किया है जो अन्य इमारतों में भी होता है। मुझे चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पूरा इलाका एक जैसा है।”

इससे पहले, हत्या के चार दिन बाद, यानी 8 मार्च को भी अधिकारियों ने तरुण की मौत के मामले में शामिल एक अन्य आरोपी उमरदीन से जुड़ी संपत्ति के कथित अवैध हिस्सों को ध्वस्त किया था।

गौरतलब है कि 4 मार्च (होली) के दिन तरुण कुमार की हत्या के बाद से उत्तम नगर का माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।

एक मामूली विवाद से शुरू हुई यह घटना जल्द ही सांप्रदायिक तनाव में बदल गई। हत्या का आरोप एक मुस्लिम परिवार पर लगा है। आरोप है कि पहले अज्ञात लोगों ने उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की, इसके बाद नगर निगम की ओर से बुलडोज़र कार्रवाई की गई, और अब आरोपी परिवार इलाके से पलायन कर चुका है।

घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में अभी भी भारी पुलिस बल तैनात है। गली-गली में बैरिकेड्स लगाए गए हैं।

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