CPI(M) की केंद्रीय कमेटी ने आगामी राज्य चुनावों की रणनीति का किया खुलासा

Written by sabrang india | Published on: November 2, 2020
30 और 31 अक्टूबर, 2020 को हुई एक ऑनलाइन बैठक के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति (मार्क्सवादी) ने कहा है कि केंद्र सरकार कोविड -19 वैक्सीन की ज़िम्मेदारी राज्यों पर छोड़कर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। पार्टी ने हाल ही में पारित कृषि कानूनों, श्रम संहिता, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि का विरोध करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने सहित कुछ बड़े फैसले लिए हैं।



पार्टी ने कहा कि 'आत्मनिर्भरता के नाम पर पीएम मोदी द्वारा चलाए जा रहे आर्थिक सुधारों का पैकेज' हमारी अर्थव्यवस्था के निजी आत्म-निर्वाह के समान है। केंद्र सरकार ने संदेहास्पद तरीके से भारतीय संसद के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए कृषि विधेयकों को लागू किया है। ये नए कानून हमारी भारतीय कृषि, हमारे उत्पादन और हमारे बाजार को विदेशी और घरेलू कृषि व्यवसाय निगमों को सौंपते हैं। इससे विदेशी और घरेलू कॉरपोरेट्स को लाभ पहुंचता है और किसानों और जनता दोनों को तकलीफ पहुंचती है, इससे भारतीय खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। माकपा ने 26-27 नवंबर 2020 को होने वाले किसानों के प्रदर्शन के आह्वाहन के लिए अपनी एकजुटता और सपोर्ट को बढ़ाया है, 26 नवंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वाहन किया है। 

पार्टी ने कहा कि 26 नवंबर से 26 जनवरी, 2021 के बीच वह धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक दलों, लोगों के आंदोलनों, बुद्धिजीवियों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के व्यापक गठबंधन को स्थापित करने के लिए काम करेंगे, ताकि मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों, राजनैतिक कैदियों, श्रमिकों और किसानों के संरक्षण के मुद्दों पर काम किया जा सके। 

पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने घोषणा की कि 10 दिसंबर से शुरू होने वाला सप्ताह, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस से 18 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस को देशभर में मानव और अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दों को संबोधित करने के लिए समर्पित होगा। उन्होंने गणतंत्र दिवस 2021 पर संविधान के संरक्षण के लिए व्यापक संभावित ताकतों को जुटाने के लिए इन मुद्दों पर राज्य स्तरीय गठबंधन बनाने का आह्वान किया।

पार्टी ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी चुनावी योजनाएं भी सार्वजनिक कीं: केरल में पार्टी एलडीएफ के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ती रहेगी। तमिलनाडु में माकपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के रूप में माकपा चुनाव लड़ेगी। असम में माकपा भाजपा सरकार को हराने के लिए कांग्रेस सहित सभी धर्मनिरपेक्ष विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, पश्चिम बंगाल में माकपा और वाम मोर्चा और कांग्रेस समेत सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के साथ चुनाव लड़ेगी जो भाजपा और टीएमसी को हराना चाहते हैं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति द्वाजा जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका, भारत और ब्राजीत में कोविड 19 से सबसे अधिक मौतें हुई हैं जो अभी तक जारी हैं। भारत में कोविड संक्रमितों और मौतों में लगातार वृद्धि अलार्मिंग हैं। केंद्र सरकार और पीएम मोदी ने महामारी को रोकने में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह नहीं किया। इससे भी बुरी बात यह है कि करोड़ों लोगों पर महामारी के दोहरे हमले और आर्थिक मंदी का गहरा असर पड़ा है। 25 मार्च को राष्ट्रीय लॉकडाउन के लागू होने के बाद से माकपा द्वारा मांग के अनुसार कैश ट्रांसफर और खाद्यान्नों के वितरण की घोषणा करने से पीएम मोदी ने इनकार कर दिया। लोगों की बढ़ती पीड़ा, बेरोजगारी और बढ़ती भूख के लिए राहत का कोई प्रावधान नहीं है।

बयान के मुताबिक पार्टी हमेशा सभी लोगों के लिए नि:शुल्क वैक्सीन के लिए सार्वभौमिक पहुंच के लिए खड़ी हुई है। यह कोविड -19 टीकाकरण सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए, जो उम्मीद है कि जल्द ही उपलब्ध होगा। हालांकि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपती है जो अस्वीकार्य है। केंद्र सरकार को इसे एक राष्ट्रीय अभियान बनाना चाहिए और सभी के लिए वैक्सीन की मुफ्त सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। 

विदेश नीति के मसले पर पार्टी ने बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी साम्राज्यवादी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को मजबूत किया। यह भारत की समय-परीक्षणित विदेश नीति का पूर्ण उल्लंघन है जो अमेरिकी साम्राज्यवाद के साथ किसी भी सैन्य या रणनीतिक गठबंधन के पार्टी के बिना हमारे देश के हितों में स्वतंत्र रूप से स्थान लेने पर आधारित था। पहली बार, क्वाड (Quadrilateral Security Dialogue) संयुक्त सैन्य अभ्यास, मालाबार 2020 नौसेना अभ्यास का आयोजन करने जा रहा है।
 

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