27 मार्च को पुलिस को मिली अपनी शिकायत में सैयद ने आरोप लगाया कि रामनवमी के मौके पर मालवानी में पुलिस बीट नंबर 2 के पास BMC की अनुमति के बिना एक मंच बनाया गया था और राणे ने वहीं से एक भाषण दिया था, जो "भड़काऊ, उत्तेजक और मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला" था।

फोटो साभार : हिंदुस्तान टाइम्स
पिछले हफ्ते राम नवमी के दौरान दिए गए भाषण के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नितेश राणे के खिलाफ मालवानी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता मालवानी के रहने वाले और एक सामाजिक कार्यकर्ता शानुल सैयद ने पुलिस से राणे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैयद ने 26 मार्च को राम नवमी यात्रा के दौरान राणे द्वारा दिए गए भाषण का वीडियो और साथ ही बीते दिनों मुसलमानों के खिलाफ दिए गए भाषणों के लिए उनके खिलाफ दर्ज FIRs की एक सूची भी शिकायत में शामिल की है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में दर्ज ऐसी 12 FIRs में से पांच तो सिर्फ एक ही साल 2024 में दर्ज की गई थीं। इनमें से दो शिकायतें मालवानी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं।
27 मार्च को पुलिस को मिली अपनी शिकायत में सैयद ने आरोप लगाया कि राम नवमी के दिन मालवानी में पुलिस बीट नंबर 2 के पास BMC की अनुमति के बिना एक मंच बनाया गया था और राणे ने वहीं से एक भाषण दिया था, जो "भड़काऊ, उत्तेजक और मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला" था।
मालवानी पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में सैयद ने लिखा है, "राणे नफरती भाषण और सांप्रदायिक उकसावे से जुड़े मामलों में आदतन अपराधी प्रतीत होते हैं। उनके बयानों में इस इलाके की सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की क्षमता है। इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और उनके खिलाफ FIR दर्ज करें।"
सैयद ने 2024 में भी राणे के खिलाफ इसी तरह की शिकायत दर्ज की थी, जब उन्होंने मालवानी में 'सकल हिंदू समाज' द्वारा आयोजित एक रैली में भड़काऊ भाषण दिया था। हालांकि, पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर सैयद ने बॉम्बे हाई कोर्ट (HC) का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद मानखुर्द, काश्मीरा और घाटकोपर में लगभग उसी समय राणे के खिलाफ दर्ज की गई शिकायतों को एक साथ जोड़ दिया गया और इसी आधार पर HC ने विधायक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।
मालवानी में 2023 में राम नवमी के जुलूस के दौरान दंगे हुए थे, लेकिन उसके बाद से यह त्योहार बिना किसी घटना के शांतिपूर्वक मनाया गया है। सैयद ने बताया कि पिछले साल, "अदालत के हस्तक्षेप की वजह से पुलिस का बंदोबस्त बहुत बढ़िया था और राणे उस इलाके में नहीं आए थे।" इस साल स्थानीय पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को भरोसा दिलाया था कि राम नवमी शांतिपूर्ण ढंग से मनाई जाएगी। हालांकि, त्योहार से एक रात पहले इलाके की मुख्य मस्जिद के बाहर भगवा झंडे फहराने को लेकर कुछ स्थानीय मुसलमानों और राम नवमी यात्रा की तैयारियों में जुटे कुछ हिंदुओं के बीच झड़प हो गई। इस झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अगले दिन राणे ने रैली में हिस्सा लिया और एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी कि जो कोई भी भगवा झंडे की तरफ टेढ़ी नजर से देखेगा, वे उसकी "आंखें निकाल लेंगे" और "उनसे कंचे खेलेंगे"।
मालवानी पुलिस ने सैयद को मंगलवार को पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
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फोटो साभार : हिंदुस्तान टाइम्स
पिछले हफ्ते राम नवमी के दौरान दिए गए भाषण के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नितेश राणे के खिलाफ मालवानी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता मालवानी के रहने वाले और एक सामाजिक कार्यकर्ता शानुल सैयद ने पुलिस से राणे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैयद ने 26 मार्च को राम नवमी यात्रा के दौरान राणे द्वारा दिए गए भाषण का वीडियो और साथ ही बीते दिनों मुसलमानों के खिलाफ दिए गए भाषणों के लिए उनके खिलाफ दर्ज FIRs की एक सूची भी शिकायत में शामिल की है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में दर्ज ऐसी 12 FIRs में से पांच तो सिर्फ एक ही साल 2024 में दर्ज की गई थीं। इनमें से दो शिकायतें मालवानी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं।
27 मार्च को पुलिस को मिली अपनी शिकायत में सैयद ने आरोप लगाया कि राम नवमी के दिन मालवानी में पुलिस बीट नंबर 2 के पास BMC की अनुमति के बिना एक मंच बनाया गया था और राणे ने वहीं से एक भाषण दिया था, जो "भड़काऊ, उत्तेजक और मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला" था।
मालवानी पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में सैयद ने लिखा है, "राणे नफरती भाषण और सांप्रदायिक उकसावे से जुड़े मामलों में आदतन अपराधी प्रतीत होते हैं। उनके बयानों में इस इलाके की सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की क्षमता है। इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और उनके खिलाफ FIR दर्ज करें।"
सैयद ने 2024 में भी राणे के खिलाफ इसी तरह की शिकायत दर्ज की थी, जब उन्होंने मालवानी में 'सकल हिंदू समाज' द्वारा आयोजित एक रैली में भड़काऊ भाषण दिया था। हालांकि, पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर सैयद ने बॉम्बे हाई कोर्ट (HC) का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद मानखुर्द, काश्मीरा और घाटकोपर में लगभग उसी समय राणे के खिलाफ दर्ज की गई शिकायतों को एक साथ जोड़ दिया गया और इसी आधार पर HC ने विधायक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।
मालवानी में 2023 में राम नवमी के जुलूस के दौरान दंगे हुए थे, लेकिन उसके बाद से यह त्योहार बिना किसी घटना के शांतिपूर्वक मनाया गया है। सैयद ने बताया कि पिछले साल, "अदालत के हस्तक्षेप की वजह से पुलिस का बंदोबस्त बहुत बढ़िया था और राणे उस इलाके में नहीं आए थे।" इस साल स्थानीय पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को भरोसा दिलाया था कि राम नवमी शांतिपूर्ण ढंग से मनाई जाएगी। हालांकि, त्योहार से एक रात पहले इलाके की मुख्य मस्जिद के बाहर भगवा झंडे फहराने को लेकर कुछ स्थानीय मुसलमानों और राम नवमी यात्रा की तैयारियों में जुटे कुछ हिंदुओं के बीच झड़प हो गई। इस झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अगले दिन राणे ने रैली में हिस्सा लिया और एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी कि जो कोई भी भगवा झंडे की तरफ टेढ़ी नजर से देखेगा, वे उसकी "आंखें निकाल लेंगे" और "उनसे कंचे खेलेंगे"।
मालवानी पुलिस ने सैयद को मंगलवार को पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
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