महाराष्ट्र: रेप के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ से जुड़े मंत्रियों की जांच की मांग विपक्ष ने उठाई

Written by sabrang india | Published on: March 23, 2026
महाराष्ट्र में रेप के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ के मामले में विपक्ष ने उन नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिनका अशोक खरात से किसी भी तरह का संबंध रहा है। विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक नेताओं से करीबी संबंध होने के कारण राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर सकती है।


साभार : सोशल मीडिया एक्स

महाराष्ट्र के नासिक में रेप के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात और उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में विपक्ष ने शनिवार (21 मार्च) को महाराष्ट्र के उन सभी नेताओं, जिनमें कुछ मंत्री भी शामिल हैं, के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जो किसी भी तरह से अशोक खरात से जुड़े हुए हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मांग एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) नेता रूपाली चाकणकर द्वारा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद उठाई गई।

विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने मांग की है कि खरात द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्ट की प्रमुख चाकणकर को आरोपी से संबंध होने के कारण इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाए। बताया जाता है कि खरात के कई राजनेताओं, व्यापारियों और मशहूर हस्तियों से संबंध रहे हैं।

इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्होंने चाकणकर का इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।

ज्ञात हो कि चाकणकर ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा दे दिया था। बताया गया है कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पद से हटने के लिए कहा गया था।

उद्धव ठाकरे ने खरात से कथित संबंधों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में अंधविश्वास के खिलाफ कानून है, और अब हम देख रहे हैं कि जिन लोगों से इसे लागू कराने की उम्मीद थी, वही लोग खरात की अंधविश्वासी गतिविधियों में शामिल पाए जा रहे हैं। खरात के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; उनके राजनीतिक समर्थकों को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।”

द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, खरात के साथ कई मंत्रियों की तस्वीरें सामने आने का जिक्र करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, “मुख्यमंत्री को इन मंत्रियों की जांच करानी चाहिए। ऐसे करीब आठ-नौ मंत्री हैं और उन सभी को मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।”

वहीं, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चाकणकर का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। खरात के साथ देखे गए मंत्रियों और राजनीतिक नेताओं के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

वडेट्टीवार ने कहा, “खरात ने भारी मात्रा में धन जमा किया था और सत्ताधारी गठबंधन के राजनीतिक नेताओं से उसके संबंध थे। इसलिए संभावना है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश करेगी।”

इस संबंध में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसात ने कहा कि स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात से जुड़ा मामला महाराष्ट्र पर एक कलंक है और इसमें कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

शिवसेना के एक नेता ने कहा कि खरात की कई प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आई हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन व्यक्तियों का उससे कोई प्रत्यक्ष संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और सरकार उचित कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि अशोक खरात को नासिक जिले से बुधवार (18 मार्च) को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन वर्षों तक कई बार दुष्कर्म किया। जांच के दौरान पुलिस को एक पेन ड्राइव भी मिली, जिसमें 58 वीडियो पाए गए हैं, जिनमें कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी शामिल बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने अपने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों का इस्तेमाल करके महिलाओं का विश्वास हासिल किया और फिर धार्मिक या आध्यात्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उनका शोषण किया। अशोक खरात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत दुष्कर्म और आपराधिक धमकी समेत काला जादू विरोधी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

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