6 मार्च को किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे हो जाएंगे। इस दिन जहां किसान अपने घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराएंगे वहीं, पूरे देश में 'एमएसपी दिलाओ अभियान' की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस-वे (केएमपी) पर 5 घंटे की नाकेबंदी की जाएगी। दूसरी ओर, 26 नवंबर को ठंड के मौसम में शुरू हुए आंदोलन के लंबे खींचने के चलते किसान गर्मियों की तैयारियों में जुट गए हैं।

कृषि कानून वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन के 100 दिन पूरे होने पर सुबह 11 बजे से 4 बजे तक केएमपी एक्सप्रेस-वे पर नाकेबंदी का ऐलान किया है। इस दौरान टोल प्लाजा को भी फ्री किया जाएगा।
किसान नेता डॉ. दर्शनपाल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि केएमपी पर नाकेबंदी के अलावा पूरे देश में आंदोलन को समर्थन के लिए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराए जाएंगे। प्रदर्शनकारी उस दिन काली पट्टी भी बांधेंगे।"
इसके साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने 8 मार्च महिला दिवस को महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस दिन के लिए देश के अन्य महिला संगठनों और दूसरे लोगों को आमंत्रित किया है कि वे आंदोलन के समर्थन में कार्यक्रम करें और देश में महिला किसानों के योगदान पर चर्चा करें। 15 मार्च को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर निजीकरण विरोधी दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा इस दिन को 'कॉरपोरेट विरोधी' दिवस के रूप में देखते हुए ट्रेड यूनियनों के इस आह्वान का समर्थन करेगा, और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा इसके साथ ही अपनी दूसरी प्रमुख मांग एमएसपी पर गारंटी कानून के लिए भी 'एमएसपी दिलाओ अभियान' शुरू करेगा जिसके तहत, विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा, जो मोदी सरकार व एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेगा। यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी शुरू किया जाएगा। देश के बाकी राज्यों के किसान भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे
किसान नेता दर्शन पाल ने कहा, "छह मार्च से आंदोलन का स्वरुप भी बदल जाएगा। उनके मुताबिक़, "दूसरे राज्यों में भी किसान छह मार्च को प्रदर्शन करेंगे और नए कृषि क़ानूनों के विरोध में काली पट्टियां लगाएंगे।
वहीं, जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले है, उन राज्यों में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा भाजपा सरकार की किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों को उजागर किया जाएगा और भाजपा को हराने के लिए जनता से अपील की जाएगी। किसान मोर्चा के प्रतिनिधि भी इस उद्देश्य के लिए इन राज्यों का दौरा करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
जानकारी के मुताबिक, 12 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता डॉ. दर्शन पाल, योगेंद यादव, बलबीर सिंह राजेवाल आदि पश्चिम बंगाल में महापंचायत में शामिल होंगे तो वहीं 13 मार्च को राकेश टिकैत बंगाल की किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने एलान किया था कि जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले हैं, उन राज्यों में यह किसान संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों के लिए दंडित करने की जनता से अपील करेगा।
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कृषि कानून वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन के 100 दिन पूरे होने पर सुबह 11 बजे से 4 बजे तक केएमपी एक्सप्रेस-वे पर नाकेबंदी का ऐलान किया है। इस दौरान टोल प्लाजा को भी फ्री किया जाएगा।
किसान नेता डॉ. दर्शनपाल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि केएमपी पर नाकेबंदी के अलावा पूरे देश में आंदोलन को समर्थन के लिए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराए जाएंगे। प्रदर्शनकारी उस दिन काली पट्टी भी बांधेंगे।"
इसके साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने 8 मार्च महिला दिवस को महिला किसान दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस दिन के लिए देश के अन्य महिला संगठनों और दूसरे लोगों को आमंत्रित किया है कि वे आंदोलन के समर्थन में कार्यक्रम करें और देश में महिला किसानों के योगदान पर चर्चा करें। 15 मार्च को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर निजीकरण विरोधी दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा इस दिन को 'कॉरपोरेट विरोधी' दिवस के रूप में देखते हुए ट्रेड यूनियनों के इस आह्वान का समर्थन करेगा, और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा इसके साथ ही अपनी दूसरी प्रमुख मांग एमएसपी पर गारंटी कानून के लिए भी 'एमएसपी दिलाओ अभियान' शुरू करेगा जिसके तहत, विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा, जो मोदी सरकार व एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेगा। यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी शुरू किया जाएगा। देश के बाकी राज्यों के किसान भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे
किसान नेता दर्शन पाल ने कहा, "छह मार्च से आंदोलन का स्वरुप भी बदल जाएगा। उनके मुताबिक़, "दूसरे राज्यों में भी किसान छह मार्च को प्रदर्शन करेंगे और नए कृषि क़ानूनों के विरोध में काली पट्टियां लगाएंगे।
वहीं, जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले है, उन राज्यों में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा भाजपा सरकार की किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों को उजागर किया जाएगा और भाजपा को हराने के लिए जनता से अपील की जाएगी। किसान मोर्चा के प्रतिनिधि भी इस उद्देश्य के लिए इन राज्यों का दौरा करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
जानकारी के मुताबिक, 12 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता डॉ. दर्शन पाल, योगेंद यादव, बलबीर सिंह राजेवाल आदि पश्चिम बंगाल में महापंचायत में शामिल होंगे तो वहीं 13 मार्च को राकेश टिकैत बंगाल की किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने एलान किया था कि जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले हैं, उन राज्यों में यह किसान संगठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों के लिए दंडित करने की जनता से अपील करेगा।
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