BJP शासित राज्य छत्तीसगढ़ सरकार अब खुद बेचेगी शराब, तीखी नोंक-झोंक के बीच विधेयक पारित

Published on: March 31, 2017
पटना में प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनवरी महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की थी। इस दौरान पीएम ने नीतीश की पीठ ठोकते हुए सभी से इस कदम को पूरी तरह सफल बनाने की अपील भी की थी।



वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि प्रधानमंत्री हिम्मत करें और देश भर में शराबबंदी लागू करें। इस दौरान नीतीश ने पीएम मोदी को सलाह देते हुए कहा था कि अगर, इसमें कठिनाई है तो कम-से-कम भाजपा शासित राज्यों में लागू करें, ताकि देश में एक संकेत जाए।

लेकिन उलट बीजेपी शासित राज्य छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों का संचालन अब रमन सरकार खुद करेगी। जी हां, विधानसभा में गुरुवार(30 मार्च) को तीखी नोंक-झोंक के बीच छत्तीसगढ़ आबकारी संशोधन विधेयक 2017 को बहुमत के अाधार पर पारित कर दिया गया।
 
इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में अब निगम के माध्यम से सरकारी दुकानों में देशी, विदेशी मदिरा की बिक्री हो सकेगी। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के मत विभाजन की मांग के बाद विधेयक के पक्ष में 49 तथा विरोध में 33 मत प्राप्त हुए।
 
राज्य के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक के पारित होने से राज्य में अवैध शराब की बिक्री बंद होगी तथा कोचियों के माध्यम से शराब बेचना समाप्त होगा। इससे राज्य का कोष बढ़ेगा।

अग्रवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शराब बिक्री के लिए लाईसेंस प्रदान नहीं किए जाए। इससे राज्य की 416 शराब दुकानें प्रभावित हो रही है। इन दुकानों को दूसरी जगह पर स्थानांतरित किया जा रहा है। इन दुकानों का राजस्व लगभग 2200 करोड़ रूपए है।

उन्होंने कहा कि उन दुकानों का व्यवस्थापन नहीं होने की संभावना है, जो राजस्व हित में नहीं है। साथ ही राजस्व हित में शराब की अवैध बिक्री की रोकथाम भी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि इसलिए राज्य सरकार ने राजस्व को सुरक्षित रखने की दृष्टि से मदिरा के फुटकर विक्रय का अधिकार पृथक से सार्वजनिक उपक्रम को प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य शासन के पूर्ण स्वामित्व वाले सार्वजनिक उपक्रम का सृजन आवश्यक था।

हालांकि, गुजरात और बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शराबबंदी की मांग उठती रही है, लेकिन इसके उलट रमन सरकार खुद शराब बेचने का निर्णय किया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में नेशनल हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर रोक लगा दी है। ऐसे में घाटे से बचने के लिए रमन सरकार ने यह फैसला किया है।

Courtesy: Janta Ka Reporter
 

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