पूर्णिया। बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार गुरुवार शाम को समाप्त हो गया। इस दौरान राज्य के पूर्णिया जिले में जदयू उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे नीतीश कुमार ने कहा कि यह उनका अंतिम चुनाव है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस चरण में 2।35 करोड़ मतदाता 1,200 से अधिक उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे, जिसमें अध्यक्ष और राज्य मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य शामिल हैं। शनिवार को मतदान का अंतिम चरण उत्तर बिहार के 19 जिलों में फैले 78 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार गुरुवार को समाप्त होने से चंद घंटे पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा किया कि यह उनका अंतिम चुनाव है और अंत भला तो सब भला।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया जिले के धमदाहा में जदयू की चुनावी रैली में कहा कि ये उनका आखिरी चुनाव है। नीतीश कुमार यहां जदयू प्रत्याशी लेसी सिंह के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि सब लोग मिलकर लेसी सिंह को भारी मतों से विजय बनाइएगा।
उन्होंने कहा, ‘आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और परसों चुनाव है, ये मेरा आखिरी चुनाव है। अंत भला तो सब भला। अब आप बताइए, इनको वोट दीजिएगा या नहीं। हाथ उठाकर बताइए।’ ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि कहीं नीतीश कुमार ने मतदाताओं को ललचाने के लिए ये इमोशनल कार्ड तो नहीं खेला है।
वहीं तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर इस बयान पर तंज कसा है। तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट में लिखा, 'नीतीश जी बिहारवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ-साथ जमीनी हकीकत भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि वो पूर्णत थक चुके हैं और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।'
बता दें कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में नालंदा के हरनौत से अपना पहला चुनाव लड़ा था। यहां से नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े। जिसमें उन्हें 1977 और 1980 में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में नीतीश कुमार ने जीत दर्ज की थी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस चरण में 2।35 करोड़ मतदाता 1,200 से अधिक उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे, जिसमें अध्यक्ष और राज्य मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य शामिल हैं। शनिवार को मतदान का अंतिम चरण उत्तर बिहार के 19 जिलों में फैले 78 निर्वाचन क्षेत्रों को कवर करेगा।
बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार गुरुवार को समाप्त होने से चंद घंटे पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा किया कि यह उनका अंतिम चुनाव है और अंत भला तो सब भला।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया जिले के धमदाहा में जदयू की चुनावी रैली में कहा कि ये उनका आखिरी चुनाव है। नीतीश कुमार यहां जदयू प्रत्याशी लेसी सिंह के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि सब लोग मिलकर लेसी सिंह को भारी मतों से विजय बनाइएगा।
उन्होंने कहा, ‘आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है और परसों चुनाव है, ये मेरा आखिरी चुनाव है। अंत भला तो सब भला। अब आप बताइए, इनको वोट दीजिएगा या नहीं। हाथ उठाकर बताइए।’ ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि कहीं नीतीश कुमार ने मतदाताओं को ललचाने के लिए ये इमोशनल कार्ड तो नहीं खेला है।
वहीं तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर इस बयान पर तंज कसा है। तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट में लिखा, 'नीतीश जी बिहारवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ-साथ जमीनी हकीकत भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि वो पूर्णत थक चुके हैं और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।'
बता दें कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में नालंदा के हरनौत से अपना पहला चुनाव लड़ा था। यहां से नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े। जिसमें उन्हें 1977 और 1980 में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में नीतीश कुमार ने जीत दर्ज की थी।