इलाहाबाद। यूपी में चुनावी दौर चल रहा है। जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता प्रदेश में सपा सरकार के गुंडाराज पर हमला बोलते हैं और भाजपा की सरकार बनवाकर उनका निवारण करने की बात करते हैं। वहीं बीजेपी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य एक नए आरोप फंसते दिख रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य पर वैसे तो दर्जनों आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं लेकिन हाल ही में इलाहाबाद के बड़े डॉक्टर और जीवन ज्योति हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर एके बंसल की हत्या में उनका नाम आ रहा है।

ए के बंसल की सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है, इस मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। चुनावी माहौल के बीच हुई इस वारदात की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग ने तलब कर ली है तथा जिलाधिकारी ने आयोग को प्राथमिक रिपोर्ट भी भेज दी है। अब तक की प्रथम द्रष्टया जांच में केशव प्रसाद मौर्या शक के घेरे में हैं और पुलिस जल्दी ही उनसे इस मामले में पूछताछ कर सकती है।
इसबीच यह बात भी चर्चा में है कि डाक्टर ए के बंसल बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के बिजनेस पार्टनर थे तथा पिछले कुछ दिनों से दोनों के रिश्ते आपस में ठीक नहीं थे। केशव प्रसाद मौर्य की पत्नी राजकुमारी देवी भी डाक्टर बंसल के साथ पार्टनर थीं। इनके रिश्तों में पिछले करीब दो साल से काफी खटास आ गई थी, जांच के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से पूछताछ की बात से पुलिस अधिकारियों ने इनकार नहीं किया है।
सूत्रों का दावा है कि रिश्ते बिगड़ने के बाद डाक्टर बंसल और केशव मौर्य एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे। यह अलग बात है कि दोनों ने अपने रिश्तों में आई तल्खी को कभी सार्वजानिक नहीं किया था। केशव और उनकी पत्नी राजकुमारी देवी डाक्टर बंसल के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में पार्टनर थे तथा केशव ने साल 2014 के चुनावी हलफनामे में इसका जिक्र भी किया था।
केशव और डाक्टर बंसल इसके अलावा लखनऊ में महर्षि युनिवर्सिटी आफ इन्फॉर्मेशन टेक्नलॉजी को भी चला रहे थे। दोनों ने एमओयू के ज़रिये अजय प्रकाश श्रीवास्तव से यह युनिवर्सिटी चलाने के लिए ली हुई थी तथा इलाहाबाद में डॉक्टर बंसल और केशव प्रसाद मौर्य के तीन अलग-अलग बैंकों में ज्वाइंट एकाउंट भी है। दोनों के साझा बैंक एकाउंट इलाहाबाद में पंजाब नेशनल बैंक की रामबाग शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा की कीडगंज शाखा और बैंक ऑफ इंडिया की जीरो रोड ब्रांच में हैं। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने साझा तौर पर युनिवर्सिटी चलाने और इन तीनो बैंक एकाउंट का जिक्र अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया था।
केशव मौर्य के यूपी बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद कथित तौर पर डाक्टर बंसल के कुछ करीबियों ने चुनाव आयोग में शिकायत कर तथ्यों को छिपाने के आधार पर उनका निर्वाचन रद्द किये जाने की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि केशव प्रसाद मौर्य HRD मिनिस्ट्री की संसदीय सलाहकार समिति का सदस्य रहते हुए चुपचाप यह युनिवर्सिटी चला रहे थे।
आरोप यह है कि केशव के दबाव के चलते ही तमाम गड़बड़ियों की शिकायत होने के बावजूद यूजीसी जांच नहीं कर रही थी, केशव मौर्य और डॉक्टर बंसल लखनऊ की जिस महेश युनिवर्सिटी को चला रहे थे, पिछले साल उस युनिवर्सिटी से जुड़े कुछ हाई प्रोफ़ाइल लोगों ने नौकरी देने के नाम पर एक युवती के साथ गैंग रेप भी किया था। इस मामले में इलाहाबाद के धूमनगंज थाने में युनिवर्सिटी के चांसलर अजय प्रकाश श्रीवास्तव, मैनेजर अनूप श्रीवास्तव और डिप्टी रजिस्ट्रार विनय सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। केशव मौर्य और डाक्टर बंसल ने युनिवर्सिटी चलाने के लिए एमओयू दो मार्च साल 2013 में साइन किया था।
हालांकि इलाहाबाद पुलिस के अफसरों का कहना है कि चैंबर में घुसकर डाक्टर बंसल की हत्या की कोई ठोस वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। एसएसपी शलभ माथुर की अगुवाई में पुलिस की चार टीमें गठित कर दी गईं हैं, जो हर एंगल पर छानबीन करेंगी। जाहिर है ऐसे में जांच के दायरे में यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव मौर्य व उनकी पत्नी के साथ डाक्टर बंसल की पार्टनरशिप और पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्तों में आई तल्खी भी शामिल होगी।
डाक्टर बंसल ने पिछले साल हुए हमले में जिस बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वह बीजेपी के एक पूर्व विधायक के बेहद करीबी माने जाते हैं, बंसल के रिश्तों के तार रसूखदार सियासी लोगों से जुड़े होने की वजह से ही चुनाव आयोग ने इलाहाबाद के इस सनसनीखेज मर्डर केस की रिपोर्ट यहाँ के डीएम से तलब कर ली है, डीएम दफ्तर के सूत्रों के मुताबिक़ डीएम ने एक शुरुआती रिपोर्ट आज चुनाव आयोग को भेज भी दी है।
एक आरोप यह भी है कि डाक्टर बंसल और केशव मौर्य अपने नाम का इस्तेमाल किये बिना रियल स्टेट के कारोबार से भी जुड़े थे, प्रापर्टी के विवाद में ही डाक्टर बंसल की गाड़ी पर पिछले साल इलाहाबाद के जार्ज टाउन इलाके में देसी बम से हमला किया गया था, हालांकि उस हमले में डाक्टर बंसल बाल- बाल बच गए थे।
सूत्रों का दावा है कि इलाहाबाद में करोड़ों की एक प्रापर्टी को लेकर ही केशव मौर्य और डाक्टर बंसल में विवाद हो गया था, सांसद बनने के बाद केशव मौर्य डाक्टर बंसल पर दबाव बनाने लगे थे। यही वजह है कि केशव मौर्य पिछले साल जब यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बने तो डाक्टर बंसल के करीबियों ने ही उनका क्रिमिनल रिकार्ड सार्वजनिक किया था।
केशव प्रसाद मौर्य का आपराधिक रिकॉर्ड-
धारा 302/120 B थाना कोखराज़, जनपद कौशांबी
धारा 153 A/188 थाना कोखराज़. जनपद कौशांबी
धारा 147/148/153/153 A/352/188/323/ 504 /506 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
धारा 147/295 A/153 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
धारा 420/467/465/171/188 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
धारा 147/352/323/504/506/392 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
धारा 153 A/353/186/504/147/332 थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशांबी
धारा147/332/504/332/353/506/380 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
धारा 147/148/332/336/186/427 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
धारा 143/353/341 थाना सिविल लाइन, जनपद इलाहाबाद
चुनाव आयोग में दाखिल किये गए हलफनामे का विवरण
Courtesy: National Dastak

ए के बंसल की सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है, इस मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। चुनावी माहौल के बीच हुई इस वारदात की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग ने तलब कर ली है तथा जिलाधिकारी ने आयोग को प्राथमिक रिपोर्ट भी भेज दी है। अब तक की प्रथम द्रष्टया जांच में केशव प्रसाद मौर्या शक के घेरे में हैं और पुलिस जल्दी ही उनसे इस मामले में पूछताछ कर सकती है।
इसबीच यह बात भी चर्चा में है कि डाक्टर ए के बंसल बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के बिजनेस पार्टनर थे तथा पिछले कुछ दिनों से दोनों के रिश्ते आपस में ठीक नहीं थे। केशव प्रसाद मौर्य की पत्नी राजकुमारी देवी भी डाक्टर बंसल के साथ पार्टनर थीं। इनके रिश्तों में पिछले करीब दो साल से काफी खटास आ गई थी, जांच के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से पूछताछ की बात से पुलिस अधिकारियों ने इनकार नहीं किया है।
सूत्रों का दावा है कि रिश्ते बिगड़ने के बाद डाक्टर बंसल और केशव मौर्य एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे। यह अलग बात है कि दोनों ने अपने रिश्तों में आई तल्खी को कभी सार्वजानिक नहीं किया था। केशव और उनकी पत्नी राजकुमारी देवी डाक्टर बंसल के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में पार्टनर थे तथा केशव ने साल 2014 के चुनावी हलफनामे में इसका जिक्र भी किया था।
केशव और डाक्टर बंसल इसके अलावा लखनऊ में महर्षि युनिवर्सिटी आफ इन्फॉर्मेशन टेक्नलॉजी को भी चला रहे थे। दोनों ने एमओयू के ज़रिये अजय प्रकाश श्रीवास्तव से यह युनिवर्सिटी चलाने के लिए ली हुई थी तथा इलाहाबाद में डॉक्टर बंसल और केशव प्रसाद मौर्य के तीन अलग-अलग बैंकों में ज्वाइंट एकाउंट भी है। दोनों के साझा बैंक एकाउंट इलाहाबाद में पंजाब नेशनल बैंक की रामबाग शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा की कीडगंज शाखा और बैंक ऑफ इंडिया की जीरो रोड ब्रांच में हैं। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने साझा तौर पर युनिवर्सिटी चलाने और इन तीनो बैंक एकाउंट का जिक्र अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया था।
केशव मौर्य के यूपी बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद कथित तौर पर डाक्टर बंसल के कुछ करीबियों ने चुनाव आयोग में शिकायत कर तथ्यों को छिपाने के आधार पर उनका निर्वाचन रद्द किये जाने की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि केशव प्रसाद मौर्य HRD मिनिस्ट्री की संसदीय सलाहकार समिति का सदस्य रहते हुए चुपचाप यह युनिवर्सिटी चला रहे थे।
आरोप यह है कि केशव के दबाव के चलते ही तमाम गड़बड़ियों की शिकायत होने के बावजूद यूजीसी जांच नहीं कर रही थी, केशव मौर्य और डॉक्टर बंसल लखनऊ की जिस महेश युनिवर्सिटी को चला रहे थे, पिछले साल उस युनिवर्सिटी से जुड़े कुछ हाई प्रोफ़ाइल लोगों ने नौकरी देने के नाम पर एक युवती के साथ गैंग रेप भी किया था। इस मामले में इलाहाबाद के धूमनगंज थाने में युनिवर्सिटी के चांसलर अजय प्रकाश श्रीवास्तव, मैनेजर अनूप श्रीवास्तव और डिप्टी रजिस्ट्रार विनय सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। केशव मौर्य और डाक्टर बंसल ने युनिवर्सिटी चलाने के लिए एमओयू दो मार्च साल 2013 में साइन किया था।
हालांकि इलाहाबाद पुलिस के अफसरों का कहना है कि चैंबर में घुसकर डाक्टर बंसल की हत्या की कोई ठोस वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। एसएसपी शलभ माथुर की अगुवाई में पुलिस की चार टीमें गठित कर दी गईं हैं, जो हर एंगल पर छानबीन करेंगी। जाहिर है ऐसे में जांच के दायरे में यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव मौर्य व उनकी पत्नी के साथ डाक्टर बंसल की पार्टनरशिप और पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्तों में आई तल्खी भी शामिल होगी।
डाक्टर बंसल ने पिछले साल हुए हमले में जिस बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वह बीजेपी के एक पूर्व विधायक के बेहद करीबी माने जाते हैं, बंसल के रिश्तों के तार रसूखदार सियासी लोगों से जुड़े होने की वजह से ही चुनाव आयोग ने इलाहाबाद के इस सनसनीखेज मर्डर केस की रिपोर्ट यहाँ के डीएम से तलब कर ली है, डीएम दफ्तर के सूत्रों के मुताबिक़ डीएम ने एक शुरुआती रिपोर्ट आज चुनाव आयोग को भेज भी दी है।
एक आरोप यह भी है कि डाक्टर बंसल और केशव मौर्य अपने नाम का इस्तेमाल किये बिना रियल स्टेट के कारोबार से भी जुड़े थे, प्रापर्टी के विवाद में ही डाक्टर बंसल की गाड़ी पर पिछले साल इलाहाबाद के जार्ज टाउन इलाके में देसी बम से हमला किया गया था, हालांकि उस हमले में डाक्टर बंसल बाल- बाल बच गए थे।
सूत्रों का दावा है कि इलाहाबाद में करोड़ों की एक प्रापर्टी को लेकर ही केशव मौर्य और डाक्टर बंसल में विवाद हो गया था, सांसद बनने के बाद केशव मौर्य डाक्टर बंसल पर दबाव बनाने लगे थे। यही वजह है कि केशव मौर्य पिछले साल जब यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बने तो डाक्टर बंसल के करीबियों ने ही उनका क्रिमिनल रिकार्ड सार्वजनिक किया था।
केशव प्रसाद मौर्य का आपराधिक रिकॉर्ड-
धारा 302/120 B थाना कोखराज़, जनपद कौशांबी
धारा 153 A/188 थाना कोखराज़. जनपद कौशांबी
धारा 147/148/153/153 A/352/188/323/ 504 /506 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
धारा 147/295 A/153 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
धारा 420/467/465/171/188 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
धारा 147/352/323/504/506/392 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
धारा 153 A/353/186/504/147/332 थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशांबी
धारा147/332/504/332/353/506/380 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
धारा 147/148/332/336/186/427 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
धारा 143/353/341 थाना सिविल लाइन, जनपद इलाहाबाद
चुनाव आयोग में दाखिल किये गए हलफनामे का विवरण
Courtesy: National Dastak