यूपी : आजमगढ़ में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत; परिवार ने लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, विरोध प्रदर्शन

Written by sabrang india | Published on: April 2, 2025
"प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संकेत मिला है, लेकिन कुमार के परिवार और समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित स्थानीय नेताओं ने हिरासत में यातना और हत्या का आरोप लगाया है।"


प्रतीकात्मक तस्वीर

आजमगढ़ के तरवा थाने में रविवार रात पुलिस हिरासत में 20 वर्षीय दलित युवक सनी कुमार की मौत के बाद उसके परिवार और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की और थाने के बाहर सड़क जाम कर दिया। अधिकारियों ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया।

द ऑब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हरिकांत के बेटे कुमार को एक नाबालिग लड़की द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद रविवार को पुलिस हिरासत में लिया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 28 मार्च को जब लड़की वहां से गुजर रही थी, तब कुमार ने अश्लील इशारे किए और अपने फोन पर अश्लील गाने बजाए। देर रात, एक पुलिस गार्ड ने कथित तौर पर कुमार को थाने के बाथरूम में अपने पायजामे की डोरी से लटका हुआ पाया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संकेत मिला है, लेकिन कुमार के परिवार और समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित स्थानीय नेताओं ने हिरासत में यातना और हत्या का आरोप लगाया है।

घटना के मद्देनजर, स्टेशन हाउस ऑफिसर, एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल सहित कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह चहल ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

कड़ी सुरक्षा के बीच किए गए पोस्टमार्टम में कुमार के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की सभी एंगल से गहन जांच की जाएगी।

ईटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अभिरक्षा में दलित युवक ने आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद थाना प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एससी/एसटी व हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया के निर्देश पर दर्ज हुआ है।

पुलिस अधीक्षक नगर शैलेंद्र लाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद क्षेत्राधिकारी फूलपुर को पूरे इस प्रकरण की जांच सौंपी गई है। प्रत्येक पहलुओं पर जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निलंबित तीनों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में रखा गया है। पुलिस ने इस मामले में जहां युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही, वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर युवक को प्रताड़ित कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है।

मृतक सनी की मां ने थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई कि 29 मार्च 2025 को सुबह करीब 7 बजे थानाध्यक्ष कमलेश कुमार पटेल अपने साथ कुछ पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक गालियां दीं और उनके बेटे सनी कुमार से पूछताछ शुरू कर दी। जब परिवार ने इसका कारण पूछा तो थानाध्यक्ष ने सनी को पकड़ लिया और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की। इसके बाद उसे जीप में डालकर थाने ले गए।

मृतक की मां के मुताबिक, जब वह 30 मार्च को परिवार और गांव के कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचीं तो थानाध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन दिया कि सनी को शाम तक छोड़ दिया जाएगा। हालांकि, रात 11 बजे तक उसे रिहा नहीं किया गया और 31 मार्च की सुबह उसकी मौत की सूचना मिल गई और उसका शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।

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