राजनीती
June 22, 2019
मोदी सरकार दूसरी बार सत्ता में चुनकर आने के बाद कथित हिंदुत्ववादी संगठनों के लोग धर्म के विस्तार के नाम पर हिंसा पर उतर रहे हैं। ये लोग संविधान की मूल भावना के खिलाफ काम कर रहे हैं औऱ सरकार व प्रशासन की भी मूक सहमति इन्हें मिली हुई है। दिल्ली में एक बार फिर ‘जय श्री राम’ नहीं बोलने पर हमला किया गया है। एक मौलवी ने आरोप लगाते हुए कह, “रोहिणी में गुरूवार को तीन लोगों ने...
June 22, 2019
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन परिस्थितियां इस कदर विपरीत हैं जिनसे पार पाना सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और शिवसेना के लिए आसान नहीं रहने वाला। सूखे की मार और किसानों की बदहाली ने स्थिति को नियंत्रण से लगभग बाहर कर दिया है। राज्य में इसी वर्ष 610 से अधिक किसानों ने आत्महत्या कर ली है। प्रदेश के सहकारिता एवं पुनर्वास मंत्री सुभाष देशमुख ने एक सवाल के लिखित जवाब में माना है कि 2015...
June 22, 2019
वैसे तो आज आम जनता से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण खबर है जीएसटी कौंसिल की बैठक में लिए गए निर्णय और दैनिक भास्कर ने इसे कायदे से लीड के रूप में पेश किया है। अन्य दूसरी जानकारी प्रमुखता से दी है। दैनिक जागरण का शीर्षक है, आधार नंबर से हो जाएगा जीएसटी पंजीकरण - बताता कम उलझाता ज्यादा है। य चलताऊ प्रस्तुति है। कारोबार के लिए जीएसटी का पंजीकरण कारोबारी सबूतों से होना चाहिए आधार से व्यक्तिगत जीएसटी...
June 21, 2019
जिस तरह चक्रवाती तूफानों के नाम होते हैं उसी तरह अब सूखे का भी नाम रखना चाहिए। मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर ‘नीतीश सूखा’ रखना चाहता हूं। ‘नीतीश सूखा’ वह सूखा है जो राज्य सरकार की हज़ारों सबमर्सिबल पंप लगाने की नीति से आ चुका है या आने वाला है। आप जानते हैं कि 2016 के चुनाव के समय नीतीश कुमार ने सात निश्चय किया था। इसमें एक निश्चय यह है कि सभी घरों को नल...
June 21, 2019
आजादी के बाद एक देश एक चुनाव से ही शुरुआत हुई थी। पर आयाराम-गयाराम की राजनति से लेकर राजभवनों में खेली जाने वाली राजनीति का नतीजा यह रहा कि चुनाव आगे पीछे हो गया। पहले की व्यवस्था का लाभ पहले के सत्तारूढ़ दल ने उठाया। अब जो दल सत्तारूढ़ है वह अपना लाभ क्यों ना सोचे। सारा राजनीति उसे खेल का हिस्सा है और इसके तहत तय योजना के अनुसार मशहूर मौसम विज्ञानी, राम विलास पासवान का राज्यसभा में जाना तय है।...
June 21, 2019
गुजरात की एक अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 1990 में हिरासत में हुई मौत के एक मामले में गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हिरासत में मौत के मामले में किसी आईपीएस को सजा होने का यह दुर्लभ मामला है और इस कारण तथा कई अन्य कारणों से आज इस खबर को अखबारों में प्रमुखता से होनी चाहिए थी। खबर की प्रमुखता का मतलब पहले पन्ने पर दिख जाने वाली खबर ही होता है और इस लिहाज से यह खबर आज...
June 21, 2019
गुवाहाटी: चार, घातक 'डीएस' (डी वोटर्स, घोषित विदेशी (डीएफ), डिटेंशन शिविर और वर्तमान में चल रही एनआरसी प्रक्रिया का संदिग्ध आचरण) ने 19 जून को दो अलग-अलग घटनाओं में असम में दो और लोगों की जान ले ली। 19 जून को एक पति ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसकी पत्नी को विदेशी घोषित कर दिया गया था। दूसरे मामले में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु इसलिए हो गई क्योंकि उसे विदेशी होने की सूचना मिली थी।...
June 20, 2019
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के नेताओं की सोशल मीडिया पर आलोचना करना आजकल लोगों को महंगा पड़ रहा है। हाल ही में पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया को एक पोस्ट को लेकर गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद उन्हें रिहा किया गया। अब ऐसा ही नया मामला सामने आया है। ब्रिटेन स्थित चर्चित रैपर हार्ड कौर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ...
June 20, 2019
गुजरात काडर के बर्ख़ास्त आईपीएस अफ़सर संजीव भट्ट को स्थानीय कोर्ट ने 30 साल पुराने एक मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। क़रीब आठ महीने से वो जेल में बंद हैं। उन्हें नार्कोटिक्स के एक मामले में पैसा उगाही के आरोप में बीते सितम्बर में गिरफ़्तार किया गया था। संजीव भट्ट वही अफ़सर हैं, जिन्होंने 2002 में हुए गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे।...
June 20, 2019
देश में भले ही मुजफ्फरपुर के अस्पताल में हो रही बच्चों की मौत की चर्चा या गिनती चल रही हो, लोग नहीं समझ पा रहे हों कि स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई के नाम पर पांच साल पहले जो आश्वासन दिए थे, घोषणाएं की थीं उन्हें फिर दोहराने का क्या मतलब है और सरकार ने जब गरीबों के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजना की घोषणा कर रखी है उसका भरपूर प्रचार किया गया है तो क्यों गरीब बच्चे मर रहे हैं और यह योजना दरअसल है क्या...