UP: स्कूल का वीडियो पोस्ट करने के मामले में दो अलग-अलग जगहों पर रिपोर्ट दर्ज

Written by sabrang india | Published on: August 24, 2026
कासगंज रोड स्थित संविलियन विद्यालय नावली लालपुर की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी विजय चौहान ने कोतवाली में गांव के एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं देवरिया में अवकाश के दिन बंद परिषदीय विद्यालय में बिना अनुमति प्रवेश कर मलबे का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।



उत्तर प्रदेश के कासगंज रोड स्थित संविलियन विद्यालय नावली लालपुर की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी विजय चौहान ने कोतवाली में गांव के एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में युवक पर विद्यालय के अनुपयोगी हिस्से का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और शिक्षा विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम की धारा 66-डी और भारतीय न्याय संहिता की धारा 229 (2) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में खंड शिक्षा अधिकारी विजय चौहान ने कहा है कि ग्राम नावली लालपुर में संविलियन विद्यालय है।

इसका कुछ हिस्सा मथुरा-बरेली मार्ग के निर्माण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग टीम द्वारा तोड़कर दूसरी जगह बना दिया गया था, जबकि पुराने भवन का कुछ हिस्सा उसी स्थिति में पड़ा है। उन्होंने कहा है कि बारिश के मौसम में पुराने हिस्से का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जबकि शेष हिस्से में कक्षाएं संचालित हो रही हैं।

विद्यालय के नए हिस्से में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध है। टूटे भवन के अहाते में निराश्रित पशु बारिश से बचने के लिए बैठ जाते हैं और गोबर कर जाते हैं।

छुट्टी के दिन स्कूल का वीडियो बनाया, प्राथमिकी दर्ज

16 अगस्त, रविवार को परिषदीय विद्यालय का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में गौरी बाजार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि 16 अगस्त रविवार को जब विद्यालय बंद था, तब बिना किसी की अनुमति के विद्यालय की चहारदीवारी फांदकर अनाधिकृत रूप से रजत सिंह ने विद्यालय में प्रवेश किया।

विद्यालय में निष्प्रयोज्य भवन की नीलामी के बाद उसका ध्वस्तीकरण कराया गया था। ध्वस्तीकरण के बाद निकला कुछ मलबा परिसर के एक कोने में रखा गया था, जिसे हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान बीईओ ने आरोप लगाया कि रजत सिंह ने विभाग की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से मलबे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। एसओ मृत्युंजय राय ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

देवरिया में इसी तरह का मामला

वहीं राज्य में इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, देवरिया में अवकाश के दिन बंद परिषदीय विद्यालय में बिना अनुमति प्रवेश कर मलबे का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

शिक्षा विभाग ने इसे विद्यालय और विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विनयशील मिश्र की शिकायत पर पुलिस ने रजत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दीवार फांदकर स्कूल में घुसने का आरोप

बीईओ ने शनिवार रात दी गई शिकायत में बताया कि घटना 16 अगस्त की है। रविवार और अवकाश होने के कारण प्राथमिक विद्यालय डमरभिस्वा बंद था और मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय की चहारदीवारी फांदकर परिसर में प्रवेश किया।

पहले ही ध्वस्त हो चुका था इस्तेमाल न होने वाला भवन

तहरीर के अनुसार, विद्यालय परिसर में मौजूद इस्तेमाल न होने वाले भवन को नियमानुसार नीलामी के बाद ध्वस्त कराया जा चुका था। ध्वस्तीकरण के बाद कुछ मलबा परिसर के एक कोने में पड़ा था। विभाग का कहना है कि मलबा हटाने की प्रक्रिया विद्यालय स्तर से चल रही थी और अब उसे पूरी तरह हटा दिया गया है।

मलबे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

बीईओ का आरोप है कि युवक ने इसी मलबे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिक्षा विभाग का कहना है कि वीडियो के जरिए विद्यालय और विभाग के खिलाफ मिथ्या प्रचार किया गया और विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ।

वीडियो की हो रही जांच

बीईओ विनयशील मिश्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रजत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वीडियो बनाए जाने के समय, परिस्थितियों और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के उद्देश्य की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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