ब्लॉगर अनस अहमद को तब गिरफ्तार किया गया, जब कुछ लोगों ने क्लिप में शिव की प्रतिमा के विज़ुअल्स शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई और दावा किया कि “इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।”

फोटो साभार : टीओआई
YouTube और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फूड व्लॉगिंग चैनल चलाने वाले 25 वर्षीय ब्लॉगर को शनिवार को मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी तब हुई, जब कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि ब्लॉगर ने एक रील बनाई है, जिसमें कथित तौर पर एक नॉन-वेज खाने की दुकान का प्रचार किया गया है और उसमें शिव की प्रतिमा भी दिखाई गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉगर अनस अहमद को तब गिरफ्तार किया गया, जब कुछ लोगों ने क्लिप में शिव की प्रतिमा के विज़ुअल्स शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई और दावा किया कि “इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।”
खलापार के SHO बबलू कुमार ने कहा, “BNSS की धारा 170 के तहत एक FIR दर्ज की गई है।” (यह धारा पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए बिना वारंट किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है।)
इस रील में एक युवक को खाने की क्लिप बनाते हुए दिखाया गया था। वह प्रमोशन के लिए शहर की अलग-अलग खास जगहों के विज़ुअल्स ले रहा था और इसी दौरान उसने शहर के मशहूर ‘शिव चौक’ तथा वहां मौजूद शिव प्रतिमा का फुटेज भी इस्तेमाल किया।
मामले का संज्ञान लेते हुए मुजफ्फरनगर के खलापार इलाके की पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान कर ली। आरोपी लद्दावाला का रहने वाला है। पुलिस को पता चला कि यह कथित वीडियो शहर की एक खाने की दुकान पर व्यंजनों का रिव्यू करते समय बनाया गया था। बाद में अहमद ने दो वीडियो पोस्ट कर “विवादित रील” के लिए “शहर के लोगों से माफी” भी मांगी।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉगर अनस अहमद को तब गिरफ्तार किया गया, जब कुछ लोगों ने क्लिप में शिव की प्रतिमा के विज़ुअल्स शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई और दावा किया कि “इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।”
खलापार के SHO बबलू कुमार ने कहा, “BNSS की धारा 170 के तहत एक FIR दर्ज की गई है।” (यह धारा पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए बिना वारंट किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है।)
इस रील में एक युवक को खाने की क्लिप बनाते हुए दिखाया गया था। वह प्रमोशन के लिए शहर की अलग-अलग खास जगहों के विज़ुअल्स ले रहा था और इसी दौरान उसने शहर के मशहूर ‘शिव चौक’ तथा वहां मौजूद शिव प्रतिमा का फुटेज भी इस्तेमाल किया।
मामले का संज्ञान लेते हुए मुजफ्फरनगर के खलापार इलाके की पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की पहचान कर ली। आरोपी लद्दावाला का रहने वाला है। पुलिस को पता चला कि यह कथित वीडियो शहर की एक खाने की दुकान पर व्यंजनों का रिव्यू करते समय बनाया गया था। बाद में अहमद ने दो वीडियो पोस्ट कर “विवादित रील” के लिए “शहर के लोगों से माफी” भी मांगी।
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