मुंबई। पुलवामा अटैक के बाद देशभर में कश्मीरियों के बहिष्कार और पीटे जाने की खबरों को लेकर एमटीवी रोडीज फेम टीवी प्रड्यूसर और ऐक्टर रघु राम ने कहा है कि देशभक्ति के नाम पर भारतीयों को पीटना बंद होना चाहिए। रघुराम ने देशभर में कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमले और बेंगलुरु में कराची बेकरी के नाम बदलने के लिए हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए हिंसा की निंदा की।

रघु ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'सरकार और आर्मी में देश के हित में फैसला लेने के लिए लोग मौजूद हैं। एक नागरिक के तौर पर हमें हमारी सरकार का समर्थन करना चाहिए। इसके अलावा पहचान के आधार पर किसी को पीट-पीटकर मार देना बेहूदा है।'
रघु ने कहा, 'देशभक्ति के नाम पर अपने ही लोगों को पीटना देशभक्ति नहीं बेवकूफी है। हम भारतीय हैं और यही हमारी पहचान है। हमारे असली हीरो जो सीमा पर लड़ रहे हैं, वे किसी की जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर अंतर नहीं करते हैं। इंटरनेट पर मौजूद सैनिक ऐसा करते हैं। ये लोग हमारी रोज की जिंदगी की शांति भंग कर रहे हैं।'
रघु ने आगे कहा कि उन भारतीयों को पीटना जो आपके विचारों से सहमत न हों या आपसे अलग हों, यह बहुत खतरनाक है। बता दें कि पुलवामा हमले के बाद देशभर के कई हिस्सों में कश्मीरियों को पीटे जाने की खबरें आई थीं। एक परिवार को इंडिगो ने फ्लाइट में नहीं बिठाया था तथा एक सिक्योरिटी एजेंसी ने तीन कश्मीरी युवाओं को नौकरी से निकाल दिया था।

रघु ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'सरकार और आर्मी में देश के हित में फैसला लेने के लिए लोग मौजूद हैं। एक नागरिक के तौर पर हमें हमारी सरकार का समर्थन करना चाहिए। इसके अलावा पहचान के आधार पर किसी को पीट-पीटकर मार देना बेहूदा है।'
रघु ने कहा, 'देशभक्ति के नाम पर अपने ही लोगों को पीटना देशभक्ति नहीं बेवकूफी है। हम भारतीय हैं और यही हमारी पहचान है। हमारे असली हीरो जो सीमा पर लड़ रहे हैं, वे किसी की जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर अंतर नहीं करते हैं। इंटरनेट पर मौजूद सैनिक ऐसा करते हैं। ये लोग हमारी रोज की जिंदगी की शांति भंग कर रहे हैं।'
रघु ने आगे कहा कि उन भारतीयों को पीटना जो आपके विचारों से सहमत न हों या आपसे अलग हों, यह बहुत खतरनाक है। बता दें कि पुलवामा हमले के बाद देशभर के कई हिस्सों में कश्मीरियों को पीटे जाने की खबरें आई थीं। एक परिवार को इंडिगो ने फ्लाइट में नहीं बिठाया था तथा एक सिक्योरिटी एजेंसी ने तीन कश्मीरी युवाओं को नौकरी से निकाल दिया था।