विश्व
February 5, 2021
नई दिल्ली। किसान आंदोलन को लेकर दुनियाभर में ट्विटर वॉर शुरू हो गई है। इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना और स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के किसान आंदोलन पर बात करने के ट्वीट के बाद बॉलीवुड व खिलाड़ियों का एक वर्ग इसे प्रोपेगैंडा बताते हुए देश की संप्रभुता को तोड़ने का प्रयास बता रहा है। इसे लेकर अमेरिकी एक्ट्रेस और वीलॉगर अमांडा सर्नी ने भी ट्वीट किया है।
अमेरिकी...
February 4, 2021
दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हो रहे किसान आन्दोलन को समर्थन क्या मिला भारत सरकार सहित कई भारतीय हस्तियाँ एकजुटता और आंतरिक मामलों का राग आलापने लगे. दीगर बात यह है कि देश के हजारों लाखों किसानों को 71 दिनों से सड़कों पर लाकर, उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी बताकर, अपने ही देश की जनता पर तानाशाही रवैया अपनाकर, कटीली तार और मजबूत दीवार बनाकर अपने ही देश की राजधानी...
February 3, 2021
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन को आज 71वां दिन है। किसान अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं तो सरकार भी जिद पर अड़ी है। दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जिससे ये साफ हो चला है कि आने वाला वक्त किसान आंदोलन के लिए बहुत अहम होने वाला है।
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के आंदोलन की गूंज अब सात समंदर पार पहुंचने लगी है, जिसके...
February 1, 2021
अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्राइवेट जेल चलाने का करार खत्म कर दिया है। इस तरह उन्होंने ओबामा के दौर की नीति बदलने के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक फैसले को पलट दिया है। देश में कई संगठन और एक्टिविस्ट लंबे समय से प्राइवेट जेलों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। निजी जेलों में कैदियों से बदसलूकी और हिंसा की घटनाएं अधिक होती हैं।
न्याय विभाग की 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार...
January 28, 2021
लिल्ली पिल्ली, वग्गा वग्गा ,आगा भागा, तुल्ला मारिन, मरविल लुम्बा, इंदूरू पिल्ला, वूलूनगब्बा , वूलूविन, ब्लूम्बा, बम्बालाम्बा. ...
ये नाम ऑस्ट्रेलिया की बस्तियों, जंगलों और पहाड़ियों के हैं. ये सैकड़ों या शायद हज़ारों साल पुराने ऐब ओरिजिनल यानी आदिवासी नाम हैं. उस वक़्त ऑस्ट्रेलिया पर आदिवासियों की सत्ता थी. तक़रीबन दो सौ साल पहले यहां गोरे सिपाही और क़ैदी आये. फिर और गोरे आये. और फिर ख़ूनी...
January 9, 2021
लंदन। भारत में चल रहे किसान आंदोलन की चर्चा विदेशों में भी खासकर ब्रिटेन में हो रही है। ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को 100 से अधिक सांसदों और लॉर्ड्स के हस्ताक्षर वाला पत्र भेजा है।
पत्र में तनमनजीत सिंह ढेसी ने पीएम जॉनसन से अपील करते हुए कहा कि जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री अपने समकक्ष पीएम मोदी से अगली बार...
January 7, 2021
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में करारी शिकस्त के बाद भी हार मानने को तैयार नहीं दिख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक बुधवार को जबरन संसद कैपिटल हिल में घुस गए और जमकर हिंसा की।
ट्रंप के समर्थक जब अमेरिकी लोकतंत्र के प्रतीक कहे जाने वाले कैपिटल हिल बिल्डिंग में घुसे उस समय सांसद जो बाइडेन को आधिकारिक रूप से चुनाव में जीत की घोषणा करने की तैयारी कर रहे थे।...
December 1, 2020
नई दिल्ली। भारत में कृषि कानूनों को लेकर किसान भारी विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर हैं। देश की राजधानी नई दिल्ली में चल रहे इन प्रदर्शनों पर पूरी दुनिया की निगाहें भी टिकी हैं। इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडों ने किसानों के साथ समर्थन जाहिर किया है। बता दें कि किसानों के साथ गतिरोध समाप्त करने के लिए सरकार ने मंगलवार दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में किसान संगठनों को बैठक के लिए बुलाया था...
November 30, 2020
इतिहास गवाह है दुनिया में महामारी तत्कालीन व्यवस्था के बदलाव का आगाज करती है वो अलग बात है कि दुनिया भर में गहरी जड़ जमा चुकी पूंजीवादी व्यवस्था बदलते परिवेश के साथ सत्ता पर काबिज होने में सफ़लता हासिल कर लेती है. सामाजिक बदलाव के साथ पूंजीवाद का स्वरुप भी बदल जाता है. दुनिया के हर देश में पूंजीवाद का स्वरुप जरुर अलग है लेकिन उसका चरित्र एक ही है जिसे कोरोना महामारी के प्रभाव ने धराशायी कर दिया है...
April 25, 2020
भारत के स्वभिमान का तेज भला हेनरी किसिंजर ने नहीं देखा कि निक्सन नहीं देखा कि ट्रूमन ने नहीं देखा? शीतयुद्धकालीन समय में भी बार-बार अमेरिका अपने पाले में भारत को खींचने के लिए तमाम हथकण्डे अपनाकर हार मान चुका था, नेहरू की नॉन-अलायमेंट की नीति के आगे युनाइटेड स्टेट्स के सभी तिकड़म ध्वस्त हो गये थे।
जहाँ पूरा विश्व स्टारडम में लगा हुआ था, वहाँ भारत जैसे अभी-अभी आज़ाद हुए ग़रीब और सैन्य मामले...