राजनीती

February 4, 2021
नई दिल्ली। केंद्र के नये कृषि कानूनों के विरोध में दो महीने से ज्यादा समय से राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों की अगुवाई करने वाले संगठनों के समूह संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को कहा कि सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ रही है। किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने मोर्चा की तरफ से एक बयान में कहा कि दुनिया की प्रख्यात हस्तियां किसानों के प्रति संवेदनशीलता प्रकट कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर, भारत...
February 4, 2021
नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन ने एक बार फिर सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। जींद में कंडेला खाप की महापंचायत में जुटे हजारों किसानों की भीड़ ने साफ संकेत दे दिया है कि कानूनी वापसी के बाद ही बात बनेगी। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने भी जमकर हुंकार भरी। मोदी सरकार को चेताते हुए दो टूक कहा कि अभी तो कृषि बिलों (कानूनों) की वापसी की बात है, अगर नौजवानों ने गद्दी वापसी की बात कर दी तो...
February 3, 2021
गृह मंत्रालय ने विरोध करने वाले किसानों पर आंसू गैस और वाटर कैनन के उपयोग को भी उचित ठहराया   कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने से साफ इंकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि 1 फरवरी 2021 तक इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान 190 से अधिक लोगों की मौत हो गई है जो 2 महीने से...
February 3, 2021
अगर बजट आते ही शेयर मार्केट ऊंची छलांग लगाए तो मूर्ख से मूर्ख व्यक्ति भी समझ सकता है कि बजट किसके हित के लिए है! सवाल है कि जैसे-तैसे पेट भरते 90 करोड़ लोगों यानि गांव, गरीब, किसान और बेरोजगारों के लिए बजट में खास क्या है? मसलन, किसान आंदोलन के मद्देनजर देखें तो कृषि क्षेत्र का बजट घटा दिया गया है। 2021-22 के बजट में कृषि के लिए आवंटन घटाकर 1,42,711 करोड़ से 1,31,474 करोड़ कर दिया। यही...
February 3, 2021
देश की ताकतवर मोदी सरकार इंटरनेट व पानी-बंदी के बाद जिस तरह नुकीले कंटीले तारों और कीलों की बाड़बंदी से किसानों की किलेबंदी में जुट गई है, उसके पीछे सरकार की मंशा क्या है, यह तो वह ही जानें लेकिन सार्वजनिक तौर से इससे जहां बनती बात और बिगड़ती दिख रही है वहीं, सरकार की ही मजाक बनती दिख रही है। वहीं विपक्ष भी भड़क उठा है। संसद में भी इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल...
February 3, 2021
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन को आज 71वां दिन है। किसान अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं तो सरकार भी जिद पर अड़ी है। दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जिससे ये साफ हो चला है कि आने वाला वक्त किसान आंदोलन के लिए बहुत अहम होने वाला है। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के आंदोलन की गूंज अब सात समंदर पार पहुंचने लगी है, जिसके...
February 3, 2021
नई दिल्ली। सिंघू बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार फ्रीलांस पत्रकार मनदीप पूनिया को जमानत मिल गई है।   रोहिणी कोर्ट ने मनदीप को 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत दी है। मनदीप को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा कि ज़मानत एक नियम है जबकि जेल एक अपवाद है।  गौरतलब है कि पुलिस ने पुनिया को सिंघू बॉर्डर...
February 2, 2021
तालाबंदी के कारण निवेश बैठ गया। नौकरी चली गई। सैलरी घट गई। मांग घट गई। तब कई जानकार कहने लगे कि सरकार अपना खर्च करे। वित्तीय घाटे की परवाह न करे। इस बजट में निर्मला सीतारमण ने ज़ोर देकर कहा कि हमने ख़र्च किया है। हमने ख़र्च किया है। हमने ख़र्च किया है।  ब्लूमबर्ग क्विंटल में इरा दुग्गल की रिपोर्ट है कि सरकार ने ख़ास कुछ खर्च नहीं किया है। वित्त वर्ष में 30.42 लाख करोड़ का प्रावधान था...
February 2, 2021
नागरिक आत्म निर्भर हो जाएं तो देश आत्मनिर्भर हो ही जाएगा। पर हम उल्टा चल रहे हैं। बिल्कुल बेकार में। इस बार के बजट की सबसे निराशाजनक बात है कि एमएसएमई और पर्यटन क्षेत्र के लिए इसमें लगभग कुछ नहीं है। कम पैसों में रोजगार सबसे आसानी से इन्हीं दो क्षेत्रों में बनते हैं। देश में बेरोजगारी की जो दशा है उसमें रोजगार के मौके पैदा करना सबसे जरूरी है। सरकार कौशल विकास और अप्रेंटिसशिप ऐक्ट में...
February 2, 2021
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया था कि इस बार जो बजट पेश होगा, वैसा पिछले सौ साल में भी नहीं आया होगा। यह सदी का सबसे अच्छा बजट होगा, जो लोग इस उम्मीद में उनका एक घंटा 50 मिनट का बजट भाषण सुनते रहे वह बेहद निराश हुए। वास्तव में इस बजट में न मध्य वर्ग को कुछ मिला, न गरीबों को, कृषक भी इस बजट से निराश ही हुए, अगर किसी को फायदा मिलता नजर आया तो वह देश के बड़े पूंजीपति वर्ग को और इसी के कारण...