इतिहास
April 14, 2018
जब देश की आज़ादी का भी, सदियों से चले आ रहे हिंदू धर्म के जाती प्रथा पर कोई असर नहीं पड़ा, तो आख़िरकार बाबासाहेब ने अपने लाखों साथियों के साथ १९५६ में बौद्ध धर्म की दीक्षा ले ली । सबरंगIndia में देखिए, उस दिन उनके द्वारा ली गयी २२ प्रतिज्ञाएं.
March 29, 2018
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रोफेसर्स पर पिछले दिनों पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाईं. इसके बाद फिर से उनपर हमला हुआ. छात्रों और प्रोफेसर्स के संघर्ष पर गौहर राजा ने एक कविता लिखी है. इसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है. यहां दर्सगाहें का मतलब यूनिवर्सिटी है. पढ़िए.....
दर्सगाहों पे हमले नए तो नहीं
इन किताबों पे हमले नए तो नहीं
इन सवालों पे हमले नए तो नहीं...
March 24, 2018
हरयाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संगम में बसा मेवात हिंदुस्तान की अद्भुत विविधता की एक मिसाल है. यहाँ के मूल बाशिंदे मेवो हें, जिनके दिलचस्प इतिहास की एक झलक इस विडियो में शिफ़ात मेनेजेर दे रहे हैं. शिफ़ातजी एक ज़माने में बैंक आफ बड़ौदा के मेनेजेर थे, और अब शौक़िया इतिहासकार हैं.
महमूद गज़नवी से लेकर औरंगजेब तक से लोहा लेने वाले मेवो अपनी बहादुरी के लिए मशहूर हैं. और 80...
March 22, 2018
हिन्दू राष्ट्रवादी भाजपा के सत्ता में आने के बाद से, पाकिस्तान की तरह, भारत में भी इतिहास का पुनर्लेखन किया जा रहा है। अब तक हम मध्यकालीन इतिहास के साम्प्रदायिक संस्करण के बारे में सुनते रहे हैं। हमें यह बताया जाता है कि दुष्ट मुस्लिम विदेशी आक्रांताओं ने भारत पर हमले किए, तलवार की नोंक पर इस्लाम फैलाया और हिन्दू मंदिरों को तोड़ा। इस तरह के इतिहास का एक नमूना है राणा प्रताप का स्वतंत्रता संग्राम...
March 20, 2018
पिछले दिनों राजस्थान में संगरिया, हनुमानगढ़ के पास गया हुआ था एक दोस्त से मिलने। दोस्त से किसान, मजदूर, महिला मुद्दों पर चर्चा चल निकली, अब चर्चा चल ही निकली तो चर्चा आजादी की लड़ाई के दौर में जा पहुंची। उस दौर में मेरी मुलाकात उस इलाके के एक गुमनाम महान योद्धा से हुई। जो आजादी से पहले गोरे अंग्रेजो और आजादी के बाद काले अंग्रेजो के खिलाफ लड़ा और लड़ते हुए सहादत पायी। सामंतवाद, साम्प्रदायिकता,...
March 19, 2018
नई दिल्ली. अगले साल आम चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राजनीतिक विकल्प के बारे में सवाल अधिक प्रासंगिक हो जाता है. क्या सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की भाजपा की राजनीति बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करेगी और बढ़ती आर्थिक संकट को समाप्त कर देगी?
इन प्रश्नों के मध्य में, किसान लॉन्ग मार्च जैसे आंदोलन बताते हैं कि आंदोलन परिवर्तन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा. इस दूसरे भाग में, कन्हैया और उर्मिलेश ने इन...
March 17, 2018
प्रोफेसर दीपक मलिक, बनारस के गांधियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्टडीज़ के निदेशक रह चुके हैं। तीस्ता सेतलवाड़ के साथ हुई इस दिलचस्प बातचीत में, प्रोफेसर मलिक कई महत्वपूर्ण बातों की ओर हमारा ध्यान खींचते है - ऐसी बातें जो ख़ास तौर पर आज के समय में सुनी जानी चाहिए।
उनके अनुसार हिंदुस्तान की संस्कृति विभिन्न धाराओं का एक संगम है, और ये बहुआयामी, बहुतावादी, मिलीजुली संस्कृति, मध्य-काल के...
March 9, 2018
मोदी सरकार, इतिहास को हिंदू रंग में रँगने की बरसों पुरानी आरएसएस की साध पूरा करने में जुट गई है. इतिहास के पुनर्लेखन के लिए बाक़ायदा एक समिति गठित की गई है जिसने अपना काम शुरू कर दिया है. यह काम काफ़ी चुपचाप हुआ है और भारतीय मीडिया भी इस पर लगभग चुप्पी साधे हुए है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है. एजेंसी के मुताबिक समिति को दो लक्ष्य दिए गए हैं-...
February 18, 2018
पिछड़ों-दबे-कुचलों के उन्नायक, बिहार के शिक्षा मंत्री, एक बार उपमुख्यमंत्री (5.3.67 से 31.1.68) और दो बार मुख्यमंत्री (दिसंबर 70 - जून 71 एवं जून 77- अप्रैल 79) रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर (24.1.1924 – 17.2.88) की आज 30वीं बरसी है। आज़ादी की लड़ाई में वे 26 महीने जेल में रहे, फिर आपातकाल के दौरान रामविलास पासवान और रामजीवन सिंह के साथ नेपाल में रहे। 1952 में बिहार विधानसभा के सदस्य बने।...
February 16, 2018
राजनैतिक शक्तियां अपने एजेंडे को लागू करने के लिए इतिहास को तोड़ती-मरोड़ती तो हैं ही, वे अतीत की घटनाओं और उनकी निहितार्थों के सम्बन्ध में सफ़ेद झूठ बोलने से भी नहीं हिचकिचातीं. जहाँ तक इतिहास का प्रश्न है, उस पर यह सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है कि “तथ्य पवित्र हैं, मत स्वतंत्र है” अर्थात आप तथ्यों के साथ छेड़-छाड़ नहीं कर सकते परन्तु आप उनके बारे में कोई भी राय रखने के लिए स्वतंत्र है...