आदिवासी
July 16, 2021
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गोरे अंग्रेजों के समय के दमनकारी ''देशद्रोह'' कानून की वैधता पर हैरानी जताते हुए सरकार से पूछा है कि आजादी के 75 साल बाद भी राजद्रोह कानून को बनाए रखने का क्या औचित्य है? लोगों ने भी कोर्ट की टिप्पणी का आगे बढ़कर स्वागत किया। यही नहीं, नागरिक अधिकारों से जुड़े एक और कानून ''आईटी एक्ट 66ए'' के दुरुपयोग को लेकर भी कोर्ट ने संज्ञान लिया।...
May 24, 2021
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के सिलगर गांव में सीआरपीएफ के सुरक्षा शिविर के खिलाफ आदिवासियों के प्रदर्शन के दौरान फायरिंग में तीन लोगों की मौत के मामले की मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा की गई है। दरअसल सुरक्षाबलों ने मारे गए लोगों को माओवादी बताया था और मृतकों के परिजनों ने इस बात से इनकार किया है।
सुकमा जिले के अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर विनीत नंदनवार ने जगरगुंडा थाना...
May 18, 2021
सीजेपी ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बीके-15 की रिहाई की सिफारिश का आग्रह किया है
झारखंड जनाधिकार महासभा ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल को पत्र लिखकर 84 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को एक अच्छे अस्पताल में स्थानांतरित करने पर विचार करने के लिए लिखा है, जो वर्तमान में तलोजा जेल में बंद हैं। महासभा ने कहा कि फादर स्टेन, झारखंड में दशकों से रह रहे हैं और...
April 19, 2021
कहावत है कि संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। बल्कि संघर्ष से मिली ऊर्जा और हौसला, लोगों के लिए लड़ने और आगे बढ़ने की चाह और राह दोनों को आसान बना देता है। यही कहानी है वनाधिकार आंदोलन से निकली लखीमपुर खीरी की थारू आदिवासी महिलाओं सहवनिया, अनीता और निवादा राणा की। जो सामान्य सीट होने के बावजूद प्रधानी के चुनाव में कूद पड़ी हैं। इन आदिवासी महिलाओं का कहना है कि ग्राम प्रधान, पुरुष होता है तो महिलाओं की...
April 10, 2021
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, महाराजगंज, गोंडा और बलरामपुर के 33 वनटांगिया गांवों में पहली बार लोगों की अपनी सरकार बनेगी। राजस्व गांव घोषित होने के बाद इन वनटांगिया गांवों में भी पंचायत चुनाव का बिगुल बज उठा है। आजादी के 74 सालों के बाद वनटांगिया गांव के लोग पहली बार पंचायत चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए, ग्राम प्रधान चुनेंगे और अपने गांव की सरकार बनाएंगे। 2017 से पहले यह टांगिया गांव, राजस्व...
March 25, 2021
आदिवासी समुदाय का कहना है कि वे राज्य के वन विभाग द्वारा ज़बरदस्ती ज़मीन ख़ाली करवाए जाने और प्रताड़ना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्नाटक में नागरहोल टाइगर रिज़र्व के खिलाफ़ 6000 से ज़्यादा जेनु कुरुबा आदिवासी कठोर प्रदर्शन कर रहे हैं। फॉरेस्ट रेंजर के ऑफ़िस के सामने अनिश्चितकाल तक चलने वाला यह विरोध प्रदर्शन 17 मार्च को शुरू हुआ है।
समुदाय का आरोप है कि राज्य सरकार, वन विभाग और WCS (...
March 25, 2021
नई दिल्ली। पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर सभी पार्टियां अपने घोषणापत्रों में तमाम तरह के वादे कर रही हैं, लेकिन केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने राज्य में 6 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में दलित और आदिवासी छात्रों को कॉलेज और विश्वविद्यालय कैंपसों में होने वाले भेदभाव से लड़ने के लिए ‘रोहित एक्ट’...
March 11, 2021
खुद को शिक्षित और सभ्य कहने वाले समाज अभी जिस पर्यावरण की रक्षा की बाबत कुछ सोच नहीं पाए हैं, उस दिशा में आदिवासी समाज ने एक बार फिर पहल की है। पर्यावरण (जंगल) बचाने को गोंड़ आदिवासियों ने फैसला किया है कि गोंड समाज में अब शवों को जलाया नहीं जाएगा, बल्कि दफनाया जाएगा। ऐसा करने से लकड़िया बचेंगी। जंगल नहीं कटेंगे।
प्रतीकात्मक फोटो
दरअसल, पिछले कुछ सालों में जिस तेज़ी से पेड़ कटे हैं और शवों...
March 3, 2021
2006 में देश की संसद द्वारा ऐतिहासिक अन्याय खत्म करने को एकमत से 'वनाधिकार' कानून बनाया गया था। कानून से आस जगी थी कि देश में पीढ़ियों से वनभूमि पर अपने अधिकारों से वंचित करोडों दलित, आदिवासी व घुमंतु परिवारों को न्याय मिलेगा। अन्याय खत्म होगा। करोड़ों लोगों की ज़िंदगी में आजादी का सूरज उग सकेगा। अंधियारा मिटेगा और एक सबसे बड़े भूमि-सुधार के आंदोलन को दुनिया देखेगी।
फॉरेस्ट कर्मियों...
February 17, 2021
उत्तराखंड के उलट, उत्तर प्रदेश में 40 से ज्यादा वनटांगिया गांवों को राजस्व (गांव) का दरजा दिया जा चुका हैं। सहारनपुर ज़िले की बात करें तो यहां कालूवाला, भगवतपुर व सोढ़ीनगर तीन वनटोंगिया गांव को राजस्व का दर्जा मिले डेढ़ साल से भी ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन धरातल पर यह दर्जा कागज़ों तक में ही महदूद होकर रह गया है। ज्यादातर ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र नहीं मिल सके हैं और न ही राजस्व गांव होने का कोई...