आदिवासी

July 12, 2022
मोदी सरकार द्वारा वन संरक्षण कानून के नियमों में बदलाव कर, वन संसाधनों को कॉरपोरेट के हाथ सौंपने की तैयारी की जा रही है। जिससे आदिवासियों के अधिकारों में कटौती के तौर पर देखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने जंगलों को काटने के संबंध में नए नियम अधिसूचित किए हैं। ये नए नियम निजी डेवलपर्स को बिना आदिवासियों या जंगल में रहने वाले समुदायों की सहमति लिए जंगल काटने की अनुमति देते हैं। कांग्रेस और सीपीएम के...
July 7, 2022
मध्य प्रदेश में एक आदिवासी महिला को जिंदा जलाए जाने की घटना को मुश्किल से तीन दिन भी नहीं हुए थे कि अब एक आदिवासी महिला की पिटाई करने और पति को कंधे पर बैठाकर जुलूस निकाले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। मामला मध्य प्रदेश के देवास का है। पुलिस के अनुसार, महिला तीन-चार दिनों से लापता थी और बाद में वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ मिली। इससे उसका पति और समुदाय के लोग भड़क गए और उन्होंने कानून अपने हाथ...
July 5, 2022
इसी हफ्ते मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक आदिवासी महिला को जमीन विवाद में जिंदा जलाने की खबर आई।  पिछले माह मध्यप्रदेश में 2 आदिवासी युवकों को पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया था। पिछले हफ्ते बहराइच उत्तर प्रदेश के ककरहा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक आदिवासी के घर/छपरी को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया गया जबकि वनाधिकार कानून जो वन भूमि पर आदिवासियों/वनाश्रितों के कब्जे को मान्यता देता...
July 1, 2022
आदिवासी न ईसाई हैं और न ही हिंदू, हम सिर्फ़ आदिवासी हैं और हमारे धर्म कोड को मान्यता देनी होगी। यह कहना है जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों का। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि झारखंड और पश्चिम बंगाल सरकार पहले ही इस मामले में केंद्र सरकार को अपनी सिफ़ारिश भी भेज चुकी हैं। जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद और बीजेपी उड़ीसा के आदिवासी नेता सलखान मूर्मु का कहना था कि...
July 1, 2022
मानवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार तीस्ता सेतलवाड़ की रिहाई को लेकर लगभग सभी शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उनकी रिहाई की मांग आदिवासी इलाकों में भी की जा रही है। दरअसल तीस्ता के नेतृत्व में आदिवासी हलकों में सीजेपी (सिटीजंस फॉर पीस एंड जस्टिस) ने वन अधिकारों को लेकर लगातार काम किया है। सोनभद्र के बाद चित्रकूट के मानिकपुर में आदिवासी महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और एसडीएम को...
June 25, 2022
आदिवासियों की लंबे समय से चली आ रही अतिक्रमण संबंधी शिकायतों को लेकर मंगलवार को CCTOA द्वारा आवाज उठाई गई। जनजातीय मामलों के मंत्रालय (एमओटीए) का शोध रिकॉर्ड, जो ऑल इंडिया यूनियन ऑफ फॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा खोज किया गया है, बताता है कि, असम में 1901-02 से 524 वन (गैर-राजस्व) गांव बसे हुए हैं। दशकों पुराने यह दस्तावेज़ बताते हैं कि कैसे 1900 के शुरुआती दशक से ही आदिवासी परिवार...
June 25, 2022
झारखंड की पूर्व राज्यपाल ने 2017 में निडर होकर आदिवासी विरोधी वन कानून वापस भेज दिया था Image: PTI   झारखंड की पूर्व राज्यपाल, और प्रसिद्ध आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति से आने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन सकती हैं। ओडिशा के मयूरभंज जिले की मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी महिला होंगी। वह राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की...
June 25, 2022
आदिवासी अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देने के लिए आदिवासी समूहों ने गुवाहाटी में सर्किल कार्यालय को घेर लिया Image Courtesy: TMPK- Facebook   सेंटिनल असम की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के जनजातीय संगठनों (सीसीटीओए) की समन्वय समिति के कार्यकर्ताओं ने 21 जून, 2022 को आदिवासी बेल्ट और ब्लॉक से अतिक्रमणकारियों और अवैध उद्योगों को हटाने की मांग को लेकर गुवाहाटी में सोनपुर सर्कल कार्यालय...
June 23, 2022
गिरफ्तारी की श्रृंखला के खिलाफ शिकायत करने के लिए ग्रामीणों ने पुलिस से संपर्क किया और ₹ 40 लाख के मुआवजे की मांग की   22 जून, 2022 की शाम तक ओडिशा के जगतसिंहपुर के ढिंकिया गांव के पास एक विकास परियोजना के खिलाफ जिंदल विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कम से कम तीन और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। पिछले छह महीनों में पहले ही 60 से अधिक गिरफ्तारियां और कार्यकर्ताओं की जमानत पर...
June 13, 2022
अभी तक आपने सुना होगा कि वन विभाग या प्रशासन ने आदिवासियों को जंगल से बेदखल कर दिया है या उनके जंगल में जाने और लकड़ी चुनने आदि पर रोक लगा दी है लेकिन केरल सरकार का नया फरमान बहुत ही अजीबोगरीब है। केरल सरकार ने आदिवासियों की बस्तियों में बाहरी लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। इसके लिए बाकायदा आदेश निकाला गया है। इस नए आदेश में सरकार ने कहा है कि प्रशासन की अनुमति के बिना केरल की आदिवासी बस्तियों...