वाराणसी जिले में आठ विधानसभा क्षेत्रों में 2022 के चुनाव में जीत के अंतर से अधिक वोट कट गए हैं, जिससे एसआईआर के बाद राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है। जिले में पहले कुल 31,53,705 मतदाता थे, जो अब घटकर 24,07,143 रह गए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर ; फाइल फोटो
वाराणसी जिले की राजनीति अब पुराने चुनाव नतीजों पर निर्भर नहीं रह सकती। एसआईआर के बाद जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में जितने वोट कटे हैं, वहां 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत-हार का अंतर कम था। इसका मतलब यह है कि जिन सीटों पर पहले जीत सुनिश्चित मानी जाती थी, वहां राजनीतिक समीकरण अब बदल गए हैं। अब जीत का नया गणित गढ़ना और रणनीति को नए सिरे से तैयार करना आवश्यक होगा।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शहर उत्तरी से सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र तक वोट बैंक में हुई इस कटौती ने सत्ता और विपक्ष—दोनों के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है। स्पष्ट है कि 2027 के चुनाव की राह अब सीधी नहीं है; इसे नए सिरे से गुणा-भाग, जोड़-घटाव और सामाजिक समीकरणों के आधार पर तय करना होगा। जो राजनीतिक दल इस बदले हुए मतदाता नक्शे को समझने में विफल रहेगा, वह इतिहास तक ही सीमित रह जाएगा। अब सभी दलों को अपनी चुनावी रणनीति और बिसात नए सिरे से बिछानी होगी।
इन आंकड़ों से यह समझा जा सकता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रत्येक दल को कितने वोट मिले थे, जीत का अंतर कितना था और एसआईआर के बाद मतदाता सूची से कितने वोट कटे हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि किन सीटों पर परिणाम प्रभावित होने की संभावना है और राजनीतिक समीकरण कैसे बदल सकते हैं।
विधानसभा क्षेत्र – शहर उत्तरी
विजेता – रविंद्र जायसवाल, भाजपा (1,34,471)
उपविजेता – अशफाक अहमद, सपा (93,695)
जीत का अंतर – 40,776
एसआईआर के बाद हटाए गए मतदाता – 1,11,457
विधानसभा क्षेत्र – शहर दक्षिणी
विजेता – डॉ. नीलकंठ तिवारी, भाजपा (99,622)
उपविजेता – कामेश्वर दीक्षित उर्फ किशन, सपा (88,900)
जीत का अंतर – 10,722
एसआईआर से हटे मतदाता – 76,722
विधानसभा क्षेत्र – शहर कैंट
विजेता – सौरभ श्रीवास्तव, भाजपा (1,47,833)
उपविजेता – पूजा यादव, सपा (60,989)
जीत का अंतर – 86,844
एसआईआर के बाद हटाए गए मतदाता – 1,12,384
विधानसभा क्षेत्र – पिंडरा
विजेता – डॉ. अवधेश सिंह, भाजपा (84,325)
उपविजेता – बाबूलाल, बसपा (48,766)
जीत का अंतर – 35,559
एसआईआर के बाद हटे मतदाता – 52,426
विधानसभा क्षेत्र – रोहनिया
विजेता – डॉ. सुनील पटेल, अपना दल (एस) (1,18,663)
उपविजेता – अभय पटेल, अपना दल (क) (72,191)
जीत का अंतर – 46,472
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 77,262
विधानसभा क्षेत्र – अजगरा
विजेता – त्रिभुवन राम, भाजपा (1,00,821)
उपविजेता – सुनील सोनकर, सुभासपा (91,768)
जीत का अंतर – 9,053
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 35,961
विधानसभा क्षेत्र – शिवपुर
विजेता – अनिल राजभर, भाजपा (1,15,231)
उपविजेता – अरविंद राजभर, सुभासपा (87,544)
जीत का अंतर – 27,687
एसआईआर के बाद हटे मतदाता – 51,963
विधानसभा क्षेत्र – सेवापुरी
विजेता – नील रतन पटेल, भाजपा (1,05,163)
उपविजेता – सुरेंद्र सिंह पटेल, सुभासपा (82,632)
जीत का अंतर – 22,531
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 55,028
एसआईआर: जिले में 25 लाख से ज्यादा मतदाता
जिले में एसआईआर से पहले कुल 31,53,705 मतदाता थे, जो अब घटकर 25,08,502 रह गए हैं। इनमें से 1,62,080 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। केवल उनके जवाब और चुनाव आयोग की संतुष्टि के बाद ही उनके नाम मतदाता सूची में बनाए जाएंगे। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इन सभी के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
अन्य जानकारी
76,197 मृतक मतदाता मिले।
1,86,000 अनुपस्थित पाए गए।
2,52,312 मतदाताओं का स्थान बदला गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ
भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, 1 जनवरी 2026 को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के तहत जनपद के सभी बूथों पर मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आर्य महिला इंटर कॉलेज में दीप प्रज्ज्वलित कर मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के कार्यों में लगे सभी कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी करने, दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने तथा नए मतदाताओं के नाम जोड़ने में विशेष सतर्कता बरतें। इसके अलावा, तहसील सदर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को विधानसभावार मतदाता सूची वितरित की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सभी से सहयोग का अनुरोध किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और 6 जनवरी से 27 फरवरी के बीच सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस कार्य के लिए 210 एईआरओ की तैनाती भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता अब दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
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वाराणसी जिले की राजनीति अब पुराने चुनाव नतीजों पर निर्भर नहीं रह सकती। एसआईआर के बाद जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में जितने वोट कटे हैं, वहां 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत-हार का अंतर कम था। इसका मतलब यह है कि जिन सीटों पर पहले जीत सुनिश्चित मानी जाती थी, वहां राजनीतिक समीकरण अब बदल गए हैं। अब जीत का नया गणित गढ़ना और रणनीति को नए सिरे से तैयार करना आवश्यक होगा।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, शहर उत्तरी से सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र तक वोट बैंक में हुई इस कटौती ने सत्ता और विपक्ष—दोनों के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है। स्पष्ट है कि 2027 के चुनाव की राह अब सीधी नहीं है; इसे नए सिरे से गुणा-भाग, जोड़-घटाव और सामाजिक समीकरणों के आधार पर तय करना होगा। जो राजनीतिक दल इस बदले हुए मतदाता नक्शे को समझने में विफल रहेगा, वह इतिहास तक ही सीमित रह जाएगा। अब सभी दलों को अपनी चुनावी रणनीति और बिसात नए सिरे से बिछानी होगी।
इन आंकड़ों से यह समझा जा सकता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रत्येक दल को कितने वोट मिले थे, जीत का अंतर कितना था और एसआईआर के बाद मतदाता सूची से कितने वोट कटे हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि किन सीटों पर परिणाम प्रभावित होने की संभावना है और राजनीतिक समीकरण कैसे बदल सकते हैं।
विधानसभा क्षेत्र – शहर उत्तरी
विजेता – रविंद्र जायसवाल, भाजपा (1,34,471)
उपविजेता – अशफाक अहमद, सपा (93,695)
जीत का अंतर – 40,776
एसआईआर के बाद हटाए गए मतदाता – 1,11,457
विधानसभा क्षेत्र – शहर दक्षिणी
विजेता – डॉ. नीलकंठ तिवारी, भाजपा (99,622)
उपविजेता – कामेश्वर दीक्षित उर्फ किशन, सपा (88,900)
जीत का अंतर – 10,722
एसआईआर से हटे मतदाता – 76,722
विधानसभा क्षेत्र – शहर कैंट
विजेता – सौरभ श्रीवास्तव, भाजपा (1,47,833)
उपविजेता – पूजा यादव, सपा (60,989)
जीत का अंतर – 86,844
एसआईआर के बाद हटाए गए मतदाता – 1,12,384
विधानसभा क्षेत्र – पिंडरा
विजेता – डॉ. अवधेश सिंह, भाजपा (84,325)
उपविजेता – बाबूलाल, बसपा (48,766)
जीत का अंतर – 35,559
एसआईआर के बाद हटे मतदाता – 52,426
विधानसभा क्षेत्र – रोहनिया
विजेता – डॉ. सुनील पटेल, अपना दल (एस) (1,18,663)
उपविजेता – अभय पटेल, अपना दल (क) (72,191)
जीत का अंतर – 46,472
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 77,262
विधानसभा क्षेत्र – अजगरा
विजेता – त्रिभुवन राम, भाजपा (1,00,821)
उपविजेता – सुनील सोनकर, सुभासपा (91,768)
जीत का अंतर – 9,053
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 35,961
विधानसभा क्षेत्र – शिवपुर
विजेता – अनिल राजभर, भाजपा (1,15,231)
उपविजेता – अरविंद राजभर, सुभासपा (87,544)
जीत का अंतर – 27,687
एसआईआर के बाद हटे मतदाता – 51,963
विधानसभा क्षेत्र – सेवापुरी
विजेता – नील रतन पटेल, भाजपा (1,05,163)
उपविजेता – सुरेंद्र सिंह पटेल, सुभासपा (82,632)
जीत का अंतर – 22,531
एसआईआर में हटाए गए मतदाता – 55,028
एसआईआर: जिले में 25 लाख से ज्यादा मतदाता
जिले में एसआईआर से पहले कुल 31,53,705 मतदाता थे, जो अब घटकर 25,08,502 रह गए हैं। इनमें से 1,62,080 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। केवल उनके जवाब और चुनाव आयोग की संतुष्टि के बाद ही उनके नाम मतदाता सूची में बनाए जाएंगे। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इन सभी के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
अन्य जानकारी
76,197 मृतक मतदाता मिले।
1,86,000 अनुपस्थित पाए गए।
2,52,312 मतदाताओं का स्थान बदला गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ
भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, 1 जनवरी 2026 को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के तहत जनपद के सभी बूथों पर मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आर्य महिला इंटर कॉलेज में दीप प्रज्ज्वलित कर मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के कार्यों में लगे सभी कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी करने, दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने तथा नए मतदाताओं के नाम जोड़ने में विशेष सतर्कता बरतें। इसके अलावा, तहसील सदर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को विधानसभावार मतदाता सूची वितरित की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सभी से सहयोग का अनुरोध किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और 6 जनवरी से 27 फरवरी के बीच सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस कार्य के लिए 210 एईआरओ की तैनाती भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता अब दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
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