गुजरात में टाइफाइड का प्रकोप: सीवेज से पीने के पानी का नेटवर्क दूषित, 100 से ज्यादा मामले सामने आए

Written by sabrang india | Published on: January 7, 2026
यह घटना चौबीसों घंटे पानी सप्लाई परियोजना में 257 करोड़ रुपये के निवेश के बाद सामने आई है, जिसके तहत सीवर लाइनों के पास नई पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई थीं।



गुजरात के गांधीनगर में सेक्टर 24, 28 और आदिवाड़ा इलाकों में पीने के पानी में गंदगी मिलने के कारण टाइफाइड के 100 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम सात स्थानों पर लीकेज के चलते सीवेज का पानी पीने के पानी की आपूर्ति में मिल गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटना 24×7 पानी सप्लाई परियोजना में 257 करोड़ रुपये के निवेश के बाद हुई है, जिसके तहत सीवर लाइनों के पास नई पानी की पाइपलाइनें बिछाई गई थीं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (गांधीनगर से लोकसभा सांसद) ने लीकेज की तत्काल मरम्मत करने और आसपास के इलाकों में पानी के नेटवर्क का निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए हैं।

कुल 113 मामलों में से 19 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज गांधीनगर सिविल अस्पताल और सेक्टर 24 व 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है। प्रभावित इलाकों में 24×7 ओपीडी भी शुरू की गई है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा में 75 स्वास्थ्य टीमों ने निरीक्षण किया है, जिसमें 20,800 घरों और 90,000 से अधिक लोगों को कवर किया गया है।

अखबार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पानी का सुपर-क्लोरीनेशन तेज कर दिया गया है। नगर आयुक्त जे. एन. वाघेला ने कहा, “हमें उम्मीद है कि सुपर-क्लोरीनेशन से एक या दो दिन में बीमारी के फैलाव को रोक लिया जाएगा।”

इस बीच, एहतियाती कदम के तौर पर 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। सरकार ने लोगों को केवल उबला हुआ पानी पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी है।

गुजरात की यह घटना मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में सामने आए इसी तरह के जल-प्रदूषण के मामलों के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जहां दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल वहां 142 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 11 इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं।

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