वे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देंगे, तुम उनके मुंह पर कुपोषण, बलात्कार, एसिड अटैक के आंकड़े खींचकर मारो।

Written by Mithun Prajapati | Published on: March 22, 2018
'साइंस एंड टेक्नोलॉजी' मंत्री ने कहा- E= mc^2 सूत्र वेदों में पहले से उपलब्ध है। 

उनके इस बयान से बड़ा हंगामा मचा। लोगों ने खूब खिल्लियां उड़ाई। कितने लोगों को आश्चर्य हुआ कि विज्ञान और तकनीकी मंत्री ऐसा कैसे कह सकता है ! पर मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। उनके इस बयान से दो बातें समझ मे आती हैं- या तो वे थोड़ा प्रकाश में आना चाहते होंगे या फिर सरकारी आदमी हैं, मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वे ऐसा कह दिए होंगे।
 
बचपन में एक कहानी सुनाई जाती थी। एक चोर  छत के रास्ते घरों मे चोरी करने घुसता था। चोरी करने में तो वह हमेशा कामयाब हो जाता था लेकिन  एक बार वह फंस गया। गांव में हल्ला हो गया कि फला आदमी के घर मे चोर घुस आया है। लोगों ने उस घर को चारों ओर से घेर लिया। हल्ला होने लगा- जाने न पाए, जाने न पाए। 
चोर सकपका गया। उसे कुछ न सूझा। भागकर छत पर चढ़ गया। चारों ओर अंधेरा था। लोग लाठी- डंडा हाथ मे लिए घर को घेरे खड़े थे। थोड़ी देर वह शांत होकर सोचता रहा। किसी ने चिल्लाकर कहा- देखो, वो छत पर जाकर खड़ा है। 

चोर डर गया। उसनें शांत दिमाग से काम लिया। सामने छत पर ही पुआल का गट्ठर था। चोर ने गट्ठर उठाया और उस तरफ फेंका जहां ज्यादा अंधेरा था और लोग नहीं थे।  गट्ठर गिरते ही कूदने जैसी आवाज आई। लोगों ने चिल्लाना शुरू किया- अरे देखो, वो कूदा... अरे दक्खिन भागा.... अरे वो भगा जा रहा।
सारी भीड़ दक्षिण की तरह भागी। चोर के लिए अन्य दिशाएं खुल गईं। वह आराम से चोरी किये गए सामान को लेकर एक दिशा में चलता बना।
 
यही हो रहा है आज के दौर में। बहुत बड़ा देश है। सरकार को आये चार साल हो गए हैं। बहुत सुनहरे सपने दिखाकर आई थी सरकार। अच्छे दिन से लेकर टोक्यो होते हुए बेरोजगारी दूर करते हुए हर खाते में 15 लाख तक भेजने के वादे किये गए। चार साल के काम को देखा जाए तो नतीजा वही ढाक के तीन पात नज़र आता है। कभी छात्रों पर लाठियां चलाई जा रही तो कभी शिक्षा का बजट गिराया जा रहा है। किसानों के आत्महत्या के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। किसान  अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरता है तो मीडिया से लेकर जनता का दिमाग भटकाने के लिए कोई राष्ट्रवादी कह देता है- राम मंदिर बलिदान मांग रहा है। चोर पुआल फेंकता था, ये कह देते हैं- राम मंदिर बलिदान मांग रहा है। भगवान राम भी सोचते होंगे कि जितना दोहन उनके नाम पर उनके तथाकथित भक्तों ने किया है, शायद ही उतना किसी से किया होगा।  
समस्याएं बहुत हैं। हर रोज बैंक में डकैती हो रही है। विजय माल्या डकैती का रेल  इंजन था। वह भागा तो पीछे डिब्बों की लाइन लग गई। कभी नीरव भाग रहा तो कभी मेहुल , कभी वीडियोकॉन का मालिक हाथ खड़े कर रहा तो कभी कनिष्क सोने वाला। बैंक्स के ये जो पैसे लेकर भाग रहे भरपाई कहाँ से होगी ! इकॉनमी धूल चाटेगी तो भरपाई तो जनता की जेब से ही होनी है न ! 
किसान कर्जमाफी के लिए आंदोलन कर बैठते हैं। उनके हजार के बकाए के लिए बैंक्स की कार्यवाही किसी से छुपी नहीं है।  
सिलेंडर के दाम आसमान पर हैं। रेल किराया तीन से तेरह हो गया। सुविधाओं के नाम पर आर्यभट्ट द्वारा खोजा गया शून्य हाथ आ रहा है। कभी इन चीजों पर आवाज उठने लगती है या सरकार घिरने लगती है तो कोई आकर कह देता है- गौ मूत्र में से सोना निकलता है। जनता, मीडिया अन्य सभी सब उस बयान पर जोक बनाने मजे लेने में जुट जाते हैं। सरकार ने पुआल फेंक दिया होता है। हम समझ नहीं पाते चोर निकला जा रहा है। 
 
हमें समझना होगा। चोर को पकड़ने के फ़िजूल की चीजों में नहीं फंसना होगा। वे महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे चोरों से दिमाग डाइवर्ट करने के लिए बेतुकी बयानबाजी करेंगे पर हमें मुद्दों पर टिके रहना है। 
मैं बेरोजगारों से कहता हूँ , वे 'एन्टी रोमियो स्क्वाड' में तुम्हें भर्ती करने की बात करेंगे, तुम उनसे पक्के रोजगार की मांग करो। किसानों से कहता हूँ, वे 2022 तक आय दुगुनी करने की बात करेंगे, तुम पूछ बैठो- इस क्षेत्र में क्या काम हुआ है, बड़े बड़े चोर बैंक्स को चूना लगा रहे हैं। हमारा कर्ज कब माफ होगा ?
मैं महिलाओं से कहता हूँ- वे ' बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देंगे। तुम उनके मुंह पर महिलाओं में बढ़ते कुपोषण, बलात्कार,एसिड अटैक के बढ़ते  मामलों के आंकड़े खींचकर मारो।
 
यही वक्त है। वे हर तरह से तुम्हें मुद्दों से भटकाने की कोशिश करेंगे तुम उन्हें मुद्दों पर खींच लाओ। राम मंदिर की मांग करें तुम घर की मांग करो। केंद्र में सरकार बहुमत से है। राज्य सभा में भी उनका बहुमत है। कुछ राज्यों को छोड़कर हर राज्य में  केंद्र सरकार वाली पार्टी है। ये उनका स्वर्णिम समय है। हर चीज की मांग सरकार से होनी चाहिए। आखिर सरकार के साथ-साथ जनता का भी तो स्वर्णिम दौर होना चाहिए।

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