असम सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, 'मैं भी चौकीदार' की तरह नाम के आगे लगाया 'ड्राइवर'

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 18, 2019
असम के सरकारी स्कूली शिक्षकों ने बीजेपी के मैं भी चौकीदार कैंपेन की तरह अपने नामों के आगे ड्राइवर लगाकर अपना विरोध प्रकट किया है। दरअसल, इन्होंने ऐसा राज्य के शिक्षा मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य के एक बयान के खिलाफ विरोध के तौर पर किया है। बता दें कि शिक्षा मंत्री ने पिछले हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी सरकारी स्कूली शिक्षकों को अपने क्रेडेंशियल को ड्राइविंग लायसेंस की तरह रिन्यू कराने की बात कही थी।




शिक्षकों को कहना है कि सरकार 2016 के चुनाव में कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर नियमित करने की बात कही थी, लेकिन अव वह अपने वादे से पीछे हट रही है। बता दें कि राज्य के तमाम शिक्षकों ने अपना विरोध जताने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है।

असम के शिक्षा मंत्री ने गुरूवार (13 जून) को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि राज्य में जितने भी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सरकारी स्कूली शिक्षक हैं, उन्हें अपने क्रेडेंशियल को रिन्यू कराना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से ड्राइवर हर पांच साल में अपना लायसेंस रिन्यू कराते हैं, उन्हें भी कराना होगा। शिक्षा मंत्री के इस बयान का शिक्षकों ने जमकर विरोध किया है। उनलोगों ने बीजेपी के मैं भी चौकीदार कैंपेन की तरह अपने नामों के आगे ड्राइवर लगाकर अपना विरोध जताया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के करीब 40, 000 कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सरकारी स्कूली शिक्षक लंबे समय से उसे नियमित करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखी कर रही है। उनका यह भी आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करने के बजाए उनपर नए नियम थोपने की तैयारी में है। शिक्षकों ने सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार 2016 के चुनाव में उनके कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर नियमित करने का वादा किया था। लेकिन अब उस पर कोई कदम न उठाकर उनपर नए नियमों को लागू करने की बात कह रही है।

शिक्षा मंत्री भट्टाचार्य के इस बयान से राज्य के सभी सरकारी स्कूली शिक्षक बेहद नाराज हैं। टेट की परीक्षा पास किए प्राथमिक शिक्षक के समन्वय समिति ने भी सरकार के कदम को गतल ठहराया है। प्रथमिक टेट उत्तीर्ण सिखक समाज के सोदौ असोम का कहना है, शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की क्रेडेंशियल को मांग कर और उनकी तुलना ड्राइवरों से करके उनका अपमान किया है। अगर वे शिक्षकों को सम्मान नहीं देंगे तो इससे राज्य में शिक्षा का स्तर खराब हो जाएगा।

बाकी ख़बरें