UPPSC का पेपर लीक होने के बाद यूपी लोक सेवा आयोग के बोर्ड पर लिखा 'चिलम' सेवा आयोग

Written by sabrang india | Published on: May 31, 2019
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज के दफ्तर पर लगे साइन बोर्ड पर लिखे शब्दों के साथ की छेड़छाड़ की गई है। स्थानीय थाना पुलिस के अनुसार शरारती तत्वों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा में लोक की जगह ‘चिलम’ लिख दिया है। चिलम नीले रंग से लिखा गया है।

मालूम हो कि पेपर लीक प्रकरण से विवादों में घिरे यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए यूपी पीसीएस-2018 की मेंस की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। ये परीक्षाएं 17 से 21 जून तक होनी थीं। परीक्षाएं क्यों टाली गईं, फिलहाल कमीशन के पास इसका कोई जवाब नहीं है। वैसे ज़्यादातर अभ्यर्थियों ने पीसीएस की मुख्य परीक्षाएं टाले जाने के फैसले का स्वागत किया है। कमीशन ने अभी कोई नई तारीख भी घोषित नहीं की है।

आशंका जताई जा रही थी कि एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के खिलाफ केस दर्ज होने और प्रिंटिंग प्रेस संचालक की गिरफ्तारी के बाद मचे कोहराम से बचने के लिए कमीशन ने बैकफुट पर आते हुए यह कदम उठाया है। इस मामले में तमाम अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी अर्जी दाखिल की थी।

हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले कमीशन ने गुरुवार को अचानक मुख्य परीक्षाएं टालने का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है। यूपी पीसीएस 2018 की प्रारंभिक परीक्षाएं पिछले साल हुई थीं, जिसमें पांच लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसी साल तीस मार्च को प्री परीक्षा के नतीजे घोषित किये गए, जिसमें 19608 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इन अभ्यर्थियों को 17 से 21 जून तक होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल होना था।

इस बीच परीक्षा का पैटर्न बदलने के बाद कई अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा को टाले जाने की मांग की। ऐसे में कहा जा रहा है कि इसी कारण से यूपी लोक सेवा आयोग के दफ्तर पर लगे साइन बोर्ड पर लिखे शब्दों के साथ शरारती तत्वों ने छेड़छाड़ की है।

बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव की सरकार में लोक सेवा आयोग के गेट पर यादव आयोग लिख दिया गया था। इसके बारे में अफवाह थी कि अखिलेश राज में यादवों की भर्ती की गई है। अखिलेश यादव ने चुनाव के वक्त पत्रकारों को यादवों की भर्ती की अफवाह छापने के लिए लताड़ लगाई थी।
  

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