अनंत कुमार हेगड़े ने पहले ही कह दिया था कि बीजेपी संविधान बदलने आई है

Written by Krishna Kant | Published on: December 10, 2019
फरवरी, 2019 में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा कि भाजपा संविधान बदलने के लिए ही सत्ता में आई है और निकट भविष्य में ही ऐसा किया जाएगा।



तब मासूम व्याख्याकारों ने कहा था कि नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि संविधान ही सर्वोपरि है, हम इसी के तहत विकास करेंगे। हेगड़े जैसे लोग बकवास कर रहे हैं। मोदी जी की नीयत सही है।

लेकिन ना यह व्याख्या सही थी, ना मोदी जी की नीयत। नीयत सही होती तो नीयत सही होने का प्रचार ना किया जाता।

वास्तव में हेगड़े बकवास नहीं कर रहे थे। भाजपा की यही खूबी है। आज जो फ्रिंज एलिमेंट है, वही कल मुख्यधारा होगा। कभी राजधर्म न निभाने वाले मोदी और कब्र से निकाल कर महिलाओं का बलात्कार करने के इच्छुक योगी भी फ्रिंज एलिमेंट थे। आज मुख्यधारा हैं। इसी तरह हेगड़े ने जो कहा था, वह एक समर्पित भाजपाई का सच्चा बयान था। भाजपा 1947 से संविधान बदलना चाहती थी और आज बदल रही है।

संविधान बनाने में सावरकर, गोलवलकर, हेडगेवार जैसे संघ परिवारी नेताओं का कोई योगदान नहीं रहा है। ये सभी हिन्दू राष्ट्र के समर्थक थे और इस हिन्दू राष्ट्र की बुनियाद मुस्लिमों से घृणा पर आधारित है। मुस्लिमों से या मुस्लिम कट्टरता से प्रेम करने का मेरे पास कोई कारण नहीं है, उसी तरह हिन्दू कट्टरता से भी प्रेम करने का कोई कारण नहीं है।

मुस्लिम कट्टरता ने इस देश को तोड़ दिया था। उसकी बुनियाद में भी हिन्दू कट्टरता थी, जिसे हिन्दू राष्ट्र नहीं मिला तो गांधी की हत्या कर दी। मुस्लिम कट्टरता जिन्ना के साथ पाकिस्तान नाम के नरकिस्तान में दफन हो गई, हिन्दू कट्टरता बची रह गई है। वह सेकुलर, लोकतांत्रिक गणराज्य भारत को हिन्दू पाकिस्तान में बदलना चाहती है।

धर्म के आधार पर नागरिकता देना एक ऐसे पाकिस्तान की स्थापना का स्वप्न देखना है जो मात्र 24 वर्षों में टूट गया था।

यह देश जनता का है। ना यह गांधी नेहरू पटेल की जागीर था, ना मोदी अमित शाह का है। जनता के सहयोग से गांधी नेहरू पटेल ने इसे बनाया था, मोदी शाह इसे बर्बाद कर रहे हैं। अंतर बस इतना है।

आपको तय करना है कि आप निर्माण के साथ हैं या विध्वंस के साथ। भारत के मूल विचार को बदलने की कोशिश करना भारत का विध्वंस करना है।
 

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