मध्यप्रदेश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के बीच इंदौर में छेड़छाड़ की शिकार एक बच्ची ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छेड़छाड़ की शिकायत के बाद भी पुलिस ने आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की थी और वह बच्ची पर लगातार दबाव डाल रहा था और उसे बदनाम कर रहा था।

मध्यप्रदेश में छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी का बड़ा कारण पुलिस का भ्रष्टाचार और उनको मिलने वाला राजनीतिक संरक्षण है। बलात्कार की घटनाओं पर पुलिस तभी कार्रवाई करती है जब कोई हाईप्रोफाइल मामला हो। सामान्य मामलों में वह अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करती। ऐसा ही इस मामले में हुआ।
घटना इंदौर के द्वारकापुरी के प्रजापत नगर की है जहां दसवीं की एक छात्रा की तस्वीर को छेड़छाड़ करके पड़ोसी युवक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था जिससे वह बेहद परेशान हो गई थी।
नईदुनिया को लड़की के छोटे भाई ने बताया कि उसकी बहन को कई महीनों से पड़ोसी युवक मिलन चौहान परेशान कर रहा था। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पता चला कि मिलन चौहान ने बहन की तस्वीर से छेड़छाड़ करके अश्लील बनाया और उसे फेसबुक और वाट्सएप पर वायरल कर दिया है।
लड़की का भाई पुलिस के पास शिकायत करने गया तो वहां पहले तो उसे धमकाकर भगा दिया गया। दोबारा जाने पर कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया गया। अगले दिन सुबह फिर भाई थाने गया, लेकिन तब कहा गया कि थाने में महिला पुलिस नहीं है।
पुलिस आखिरकार गुरुवार को आरोपी के घर आई, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। इससे परेशान लड़की ने कमरे में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी।
मृतका के परिवार वालों का कहना है कि पुलिस में शिकायत के 52 घंटे बाद तक कोई कार्रवाई नहीं जिस कारण परेशान होकर लड़की ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस के इस रवैये से नाराज इलाके के लोगों ने गुरुवार की रात थाने का घेराव किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि पुलिस ने आरोपी से 35 हजार रुपए ले लिए थे, इसलिए वह उस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी।
आत्महत्या करने से पहले लड़की ने अपने पिता के नाम पत्र भी लिखा था जिसमें उसने लिखा था- “पापा सॉरी, मेरी कोई गलती नहीं है। वह मुझे परेशान-ब्लैकमेल कर रहा था। उसने मेरी फोटो एफबी पर डाल दी है। इससे मेरी इमेज खराब हो गई है। उसने मुझसे जबरदस्ती दो लेटर भी लिखवाए थे आपके लिए। मुझे स्कूल के टाइम पर परेशान करता है और जबरन बात करने का दबाव बनाता था। मैं उससे बहुत परेशान हूं। आपको पता है पापा उसकी मम्मी बहुत खराब है। मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से आपकी इमेज खराब हो। मैं स्कूल से आ रही थी, तब सब लोग बोल रहे थे कि मेरी गलती है। सॉरी मुझे माफ करना पापा। मुझे लगा कि मैं ही नहीं रहूंगी तो बात ही खत्म हो जाएगी।”
एनडीटीवी के मुताबिक, घटना के बाद डीआईजी ने सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया। पुलिस ने गुरुवार की रात को आरोपी मिलन चौहान, उसकी मां और बहन को हिरासत में लिया।

मध्यप्रदेश में छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी का बड़ा कारण पुलिस का भ्रष्टाचार और उनको मिलने वाला राजनीतिक संरक्षण है। बलात्कार की घटनाओं पर पुलिस तभी कार्रवाई करती है जब कोई हाईप्रोफाइल मामला हो। सामान्य मामलों में वह अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करती। ऐसा ही इस मामले में हुआ।
घटना इंदौर के द्वारकापुरी के प्रजापत नगर की है जहां दसवीं की एक छात्रा की तस्वीर को छेड़छाड़ करके पड़ोसी युवक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था जिससे वह बेहद परेशान हो गई थी।
नईदुनिया को लड़की के छोटे भाई ने बताया कि उसकी बहन को कई महीनों से पड़ोसी युवक मिलन चौहान परेशान कर रहा था। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पता चला कि मिलन चौहान ने बहन की तस्वीर से छेड़छाड़ करके अश्लील बनाया और उसे फेसबुक और वाट्सएप पर वायरल कर दिया है।
लड़की का भाई पुलिस के पास शिकायत करने गया तो वहां पहले तो उसे धमकाकर भगा दिया गया। दोबारा जाने पर कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया गया। अगले दिन सुबह फिर भाई थाने गया, लेकिन तब कहा गया कि थाने में महिला पुलिस नहीं है।
पुलिस आखिरकार गुरुवार को आरोपी के घर आई, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। इससे परेशान लड़की ने कमरे में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी।
मृतका के परिवार वालों का कहना है कि पुलिस में शिकायत के 52 घंटे बाद तक कोई कार्रवाई नहीं जिस कारण परेशान होकर लड़की ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस के इस रवैये से नाराज इलाके के लोगों ने गुरुवार की रात थाने का घेराव किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि पुलिस ने आरोपी से 35 हजार रुपए ले लिए थे, इसलिए वह उस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी।
आत्महत्या करने से पहले लड़की ने अपने पिता के नाम पत्र भी लिखा था जिसमें उसने लिखा था- “पापा सॉरी, मेरी कोई गलती नहीं है। वह मुझे परेशान-ब्लैकमेल कर रहा था। उसने मेरी फोटो एफबी पर डाल दी है। इससे मेरी इमेज खराब हो गई है। उसने मुझसे जबरदस्ती दो लेटर भी लिखवाए थे आपके लिए। मुझे स्कूल के टाइम पर परेशान करता है और जबरन बात करने का दबाव बनाता था। मैं उससे बहुत परेशान हूं। आपको पता है पापा उसकी मम्मी बहुत खराब है। मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से आपकी इमेज खराब हो। मैं स्कूल से आ रही थी, तब सब लोग बोल रहे थे कि मेरी गलती है। सॉरी मुझे माफ करना पापा। मुझे लगा कि मैं ही नहीं रहूंगी तो बात ही खत्म हो जाएगी।”
एनडीटीवी के मुताबिक, घटना के बाद डीआईजी ने सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया। पुलिस ने गुरुवार की रात को आरोपी मिलन चौहान, उसकी मां और बहन को हिरासत में लिया।