मुझे झूठा फंसाया गया, क्योंकि मैं किसानों के समर्थन में लोग इकट्ठा करने में सफल रही: नवदीप कौर

Written by Sabrangindia Staff | Published on: February 24, 2021
नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने नवदीप कौर की जमानत याचिका पर सुनवाई को 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। मजदूर अधिकार कार्यकर्ता नवदीप कौर ने कोर्ट में अपनी जमानत याचिका दाखिल करते हुए दावा किया है कि पुलिस स्टेशन में उन्हें बुरी तरह पीटा गया, प्रताड़ित किगा गया जिसमें उन्हें बहुत चोटें भी आईं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट कल इस मामले में सुनवाई करेगा। अपनी जमानत याचिका में उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस के अधिकारी उन्हें उठाकर पुलिस स्टेशन ले गए और किसी भी महिला पुलिस की अनुपस्थिति में पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा।


 
दलित मजदूर अधिकार एक्टिविस्ट और मजदूर अधिकार संगठन (एमएएस) की सदस्य 24 वर्षीय नवदीप कौर को 12 जनवरी को सिंघु बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। वह सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने वहां पहुंची थीं। नवदीप कौर की ओर से जमानत याचिका उनके अधिवक्ता अर्शदीप सिंह चीमा और पवनदीप सिंह और अन्य वकीलों (डीएसजीएमसी की ओर से) के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा के मार्गदर्शन में दायर की गई है जिसमें कहा गया है कि उन्हें आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश) समेत कई धाराओं के तहत गलत तरीके से आरोपी बताया गया है।
 
नवदीप ने जमानत याचिका के माध्यम से आगे कहा कि उन्हें इसलिए फंसाया गया क्योंकि वह किसान प्रदर्शन के समर्थन में सोनीपत जिले के मजदूरों को जमा करने में सफल रही थीं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार 12 फरवरीको हरियाणा पुलिस द्वारा उनके कथित अवैध कारावास का संज्ञान लिया था। 

दलित ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता नवदीप कौर की रिहाई के लिए CJP ने ऑनलाइन याचिका दायर की है और पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा से गुहार लगाई है कि वे नवदीप कौर को न्याय दिलाना सुनिश्चित करें। 23 वर्षीय नोदीप कौर करीब एक महीने से करनाल जेल में हैं और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ हिरासत में मारपीट भी की गई थी, उसी जेल में जिसमें उन्हें फिलहाल रखा गया है। CJP की याचिका पर साइन करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।

याचिका में कहा गया है कि नवदीप कौर पर कैसे करनाल जेल में कथित रूप से हमला किया गया था। उन्हें जिला अदालत ने जमानत नहीं दी है। नवदीप की बहन राजवीर कौर ने कहा है कि वे जल्द ही हाई कोर्ट जाएंगी। याचिका में उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को हटाने की मांग की गई है।

नवदीप कौर पंजाब की रहने वाली हैं और वे मज़दूर अधिनायक संगठन (एमएएस) से जुड़ी हैं। वह दिसंबर 2020 से सिंघु बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन में भाग ले रही थीं। 12 जनवरी 2021 को हरियाणा पुलिस ने उसके डेरे पर आकर नवदीप को गिरफ्तार कर लिया।

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