मेरठ में ठाकुरों और दलितों के बीच संघर्ष, दलित युवक की हत्या

Written by Sabrangindia Staff | Published on: August 10, 2018
कांवड़ यात्रा देखकर लौट रहे दलित व ठाकुर बिरादरी के युवकों के बीच मामूली कहासुनी के बाद हुए संघर्ष में गंगानगर के ऊलेदपुर गांव में दलित छात्र की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए हैं। 



गुस्साएं दलितों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने ठाकुर बिरादरी के तीन युवकों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स व पीएसी के साथ ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 

पुलिस के मुताबिक ऊलेदपुर गांव में ठाकुर व दलितों के  बीच पिछले तीन साल से विवाद चला आ रहा है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार जातीय संघर्ष हो चुके हैं। 

बुधवार की रात दलित समाज के युवक कांवड़ देखने मोदीपुरम गए हुए थे कि तभी ठाकुर समाज के कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। लेकिन दोनों समाज के लोगों की दखलंदाजी के बाद मामला शांत हो गया। लेकिन गुरुवार सुबह अचानक मामला फिर भड़क गया। 

जाटव समाज के लोगों ने इकठ्ठा होकर ठाकुर बस्ती पर धावा बोल दिया। इसके बाद कृष्ण चौहान के घर के बाहर दोनों पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आधा घंटे तक लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना में जाटव समाज के रोहित, विनोद, अनुज और रवि घायल हो गए। इनमें गंभीर रुप से घायल रोहित को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 


रोहित मेरठ में बीए की पढ़ाई कर रहा था। दलित समाज में आक्रोश फैल गया है जिसके बाद उन्होने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।

गांव में पीएसी व पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने का प्रयास किया लेकिन दलित समाज के लोगों ने पुलिस को शव सौंपने से इनकार कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस शव को अपने कब्जे में ले सकी। 

दलित समाज के लोग मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मौके पर पहुंची एसडीएम मेरठ निशा अनंत ने बताया कि एससी एसटी एक्ट के प्रावधान के मुताबिक मुआवजा दिया जाता है, वह मृतक के परिजनों को दिया जाएगा, वह मृतक के परिजनों को दिया जाएगा। 

उधर गंगानगर थाना प्रभारी राकेश कुमार के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा कायम किया गया है।