नई दिल्ली। 14 फरवरी को दोपहर साढ़े तीन बजे के लगभग जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में NH-44 (नेशनल हाईवे) से गुजर रहे CRPF के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस आत्मघाती हमले में देश के 44 बहादुर जवान शहीद हो गए थे और दर्जनों अन्य घायल हुए थे।

इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश काफी गुस्से और आक्रोश में है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैलियों में जाकर खुद के अंदर आक्रोश की बात कह रहे हैं। टीवी चैनलों पर युद्ध का माहौल बनाया जा रहा है और देशभर के कई हिस्सों में कश्मीरियों को पीटा जा रहा है। ऐसे में बिहार के शेखपुरा की जिलाधिकारी (DM) इनायत खान शहीदों के परिवारों के लिए मदद की खुद से पहल की है।
इनायत खान ने बिहार से ताल्लुक रखने वाले दो CRPF जवानों (संजय कुमार सिन्हा और रतन कुमार ठाकुर) की शहादत को सलाम करते हुए एक के परिवार को गोद लेने की इच्छी जताई है।
इसके अलावा डीएम खान ने शहीद जवानों के परिवारवालों की मदद के लिए बैंक में अकाउंट भी खोला है। उन्होंने इसमें अपने दो दिन की सैलरी दान में देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सबको एक होकर सहयोग करने की जरुरत है। आम लोगों की शहीदों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी।
इनायत खान ने बताया कि 10 मार्च तक बैंक खाते में जितनी भी रकम इकट्ठा होगी उसे दोनों शहीदों के परिवारों में बराबर-बराबर हिस्से में दिया जाएगा।

इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश काफी गुस्से और आक्रोश में है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैलियों में जाकर खुद के अंदर आक्रोश की बात कह रहे हैं। टीवी चैनलों पर युद्ध का माहौल बनाया जा रहा है और देशभर के कई हिस्सों में कश्मीरियों को पीटा जा रहा है। ऐसे में बिहार के शेखपुरा की जिलाधिकारी (DM) इनायत खान शहीदों के परिवारों के लिए मदद की खुद से पहल की है।
इनायत खान ने बिहार से ताल्लुक रखने वाले दो CRPF जवानों (संजय कुमार सिन्हा और रतन कुमार ठाकुर) की शहादत को सलाम करते हुए एक के परिवार को गोद लेने की इच्छी जताई है।
इसके अलावा डीएम खान ने शहीद जवानों के परिवारवालों की मदद के लिए बैंक में अकाउंट भी खोला है। उन्होंने इसमें अपने दो दिन की सैलरी दान में देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सबको एक होकर सहयोग करने की जरुरत है। आम लोगों की शहीदों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी।
इनायत खान ने बताया कि 10 मार्च तक बैंक खाते में जितनी भी रकम इकट्ठा होगी उसे दोनों शहीदों के परिवारों में बराबर-बराबर हिस्से में दिया जाएगा।