जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लगी पाबंदी को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह पाबंदी 27 मई से पूरी तरह से हटा दी जाएगी। मंगलवार को राज्यपाल ने यह निर्देश दिया है कि 27 मई से नागरिक आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने सभी सुरक्षा एजेंसियों, नागरिक और पुलिस प्रशासन के साथ मंगलवार को अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। सत्यपाल मालिक ने राज्य के लोगों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही यह निर्देश दिया कि 27 मई से नागरिक आवाजाही में किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।
14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले में 40 से अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद सीआरपीएफ के काफिले की सुरक्षा के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक हो गए थे। वहीं चुनाव के दौरान आतंकवाद निरोधक अभियानों और आम चुनावों के सुचारु रूप से संचालन के लिए बलों की जरूरत थी। इसलिए सरकार ने सप्ताह में दो दिन रविवार और बुधवार को बारामुला से उधमपुर तक सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक नागरिक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने प्रतिबंध की अवधि के दौरान जनता की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की थीं।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को ही श्रीनगर और बारामुला के बीच प्रतिबंध केवल रविवार के दिन तक ही सीमित कर दिया गया था। फिर 2 मई को इसे पूरी तरह से हटा दिया गया। साथ ही श्रीनगर उधमपुर खंड पर भी प्रतिबंध 13 मई से केवल एक दिन तक सीमित कर दिया गया था।
प्रशासन ने पहले ही 7 मई से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नागरिक आवाजाही पर पाबंदी दो दिन से हटाकर सिर्फ एक दिन रविवार तक ही सीमित कर रखा है। इसके साथ ही 26 मई को अंतिम प्रतिबंध रहेगा, उसके बाद 27 मई से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नागरिक आवाजाही के लिए कोई भी प्रतिबंध नहीं रहेगा।

राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने सभी सुरक्षा एजेंसियों, नागरिक और पुलिस प्रशासन के साथ मंगलवार को अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। सत्यपाल मालिक ने राज्य के लोगों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही यह निर्देश दिया कि 27 मई से नागरिक आवाजाही में किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।
14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले में 40 से अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद सीआरपीएफ के काफिले की सुरक्षा के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक हो गए थे। वहीं चुनाव के दौरान आतंकवाद निरोधक अभियानों और आम चुनावों के सुचारु रूप से संचालन के लिए बलों की जरूरत थी। इसलिए सरकार ने सप्ताह में दो दिन रविवार और बुधवार को बारामुला से उधमपुर तक सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक नागरिक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने प्रतिबंध की अवधि के दौरान जनता की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की थीं।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को ही श्रीनगर और बारामुला के बीच प्रतिबंध केवल रविवार के दिन तक ही सीमित कर दिया गया था। फिर 2 मई को इसे पूरी तरह से हटा दिया गया। साथ ही श्रीनगर उधमपुर खंड पर भी प्रतिबंध 13 मई से केवल एक दिन तक सीमित कर दिया गया था।
प्रशासन ने पहले ही 7 मई से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नागरिक आवाजाही पर पाबंदी दो दिन से हटाकर सिर्फ एक दिन रविवार तक ही सीमित कर रखा है। इसके साथ ही 26 मई को अंतिम प्रतिबंध रहेगा, उसके बाद 27 मई से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नागरिक आवाजाही के लिए कोई भी प्रतिबंध नहीं रहेगा।