देना बैंक-विजया बैंक से विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा बंद कर सकता है 800-900 शाखाएं

Written by sabrang india | Published on: May 20, 2019
देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी 800-900 शाखाओं को बंद करने या तर्कसंगत करने का निर्णय लिया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने देना बैंक और विजया बैंक से विलय के बाद परिचालन क्षमता में सुधार के लिए यह कदम उठाया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देना और विजया बैंक के  विलय के बाद एक ही स्थान पर दोनों बैंकों की शाखाएं चल रही हैं। साथ ही कई  मामलों में तीनों बैंकों की शाखाएं एक ही स्थान या एक ही बिल्डिंग में कार्यरत हैं। ऐसे में या तो इन शाखाओं को बंद किया जाएगा या फिर दक्षता और डुप्लीकेसी रोकने के उद्देश्य इन शाखाओं को तर्कसंगत बनाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि व्यापक समीक्षा के बाद हमने महसूस किया है कि 800 से 900 शाखाओं को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है, जिससे संचालन क्षमता पर असर न हो। इसमें कुछ शाखाओं को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित करना या फिर बंद करने का विकल्प शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि तीनों बैंकों के कई क्षेत्रीय और रीजनल कार्यालय भी एक ही स्थान पर चल रहे हैं। ऐसे में विलय के बाद इनको चलाने का कोई औचित्य नहीं है और इन्हें बंद करने की आवश्यकता है। अधिकारी का कहना है कि बैंक की दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत में स्थिति मजबूत है। ऐसे में अब पूर्वी भारत में विस्तार की आवश्यकता है।

दो बैंकों से विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा एसबीआई के बाद दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन गया है। बैंक की अब 9,500 से अधिक शाखाओं की संख्या  है जबकि एटीएम 13,400 से अधिक हो गए हैं। वहीं करीब 85,000 कर्मचारी 12 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही इसका कुल बाजार पूंजीकरण 15 लाख करोड़ रुपये अधिक हो गया है।

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