केरल:- आत्मकथा लिखने पर डीजीपी जैकब थॉमस के खिलाफ कार्रवाई

Written by sabrang india | Published on: May 28, 2019
केरल के डीजीपी जैकब थॉमस पर अपनी आत्मकथा लिखने के चलते सेवानियमों के कथित उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। थॉमस पिछले 18 महीनों ने निलंबित हैं और अब उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है। मुख्य सचिव टॉम जोश के आदेश पर प्रशासनिक विभाग ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। थॉमस के खिलाफ बिना शीर्ष अधिकारियों की अनुमति के आत्मकथा ‘श्रावुकालक्कोप्पम नींथुम्बोल’ लिखने पर आपराधिक मामला दर्ज किया है

गौरतलब है कि जैकब थॉमस ने अपनी 240 पृष्ठों की इस पुस्तक में पूर्व मुख्यमंत्री ओम्मन चांडी समेत कई नेताओं पर निशाना साधा है। साथ ही इस बात का भी जिक्र किया है कि कैसे कुछ विवादास्पद भ्रष्टाचार मामलों की जांच को सत्ता के बल से प्रभावित किया गया। प्राथमिकी के अनुसार थॉमस ने इस किताब में सरकारी गोपनीयता का कथित रूप से खुलासा किया है जो उनके पास सतर्कता निदेशक के तौर पर उनकी जानकारी में आया। इस तरह उन्होंने पुलिस बल संबंधी कानून का उल्लंघन किया।

हालांकि थॉमस का कहना है कि पुस्तक के प्रकाशन से पूर्व अनुमति की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि यह साहित्यिक कृतियों की श्रेणी में आती है। साथ ही यह भी दावा किया कि इस पुस्तक में कुछ भी खुलासा नहीं किया गया है, जो भी कहा गया है वह पहले से लोगों को ज्ञात है। इस कार्रवाई को अपने खिलाफ अन्याय बताते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ विभिन्न विकल्पों पर गौर कर रहे हैं। वह पहले ही केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण पहुंच गये हैं और उन्होंने केरल उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है।

बता दें कि अगर थॉमस दोषी पाये गए  तो उन्हें दो साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। राज्य सरकार ने इन आरोपों के आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की है जिसके तहत उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है।     

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