राजनीती
January 17, 2020
कर्नाटक की पिछली कांग्रेस सरकार ने बेंगलुरु से 65 किलोमीटर दूर कनकपुरा में ईसा मसीह की 114 फुट लंबी मूर्ति बनवाने के लिए 10 एकड़ ज़मीन देने का प्रस्ताव रखा था लेकिन अब राज्य में हिंदू जागरण वेदिके नाम की दक्षिणपंथी संस्था मौजूदा बीजेपी सरकार से यह मांग कर रही है कि वो इस प्रस्ताव को वापस ले।
प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों ने इस मूर्ति के प्रस्ताव को वापस लेने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल...
January 16, 2020
भारत सरकार की प्रश्नोत्तरी जितना बताती है उससे अधिक छिपाती क्यों है - एडवोकेट मिहिर देसाई
सीएए/एनआरसी पर केन्द्र सरकार द्वारा जारी प्रश्नोत्तरी (FAQ) पूरी तरह गुमराह करनेवाली है और कई बार तो यह बिल्कुल झूठी जानकारी देती है। यह जितना बताती है उससे कहीं अधिक छिपाती है। सरकार ने हर सवाल का जो जवाब जारी किये हैं, उनमें से हर जवाब के अन्त में मेरी टिप्...
January 16, 2020
शिवाजी क्षत्रीय नहीं थे इसलिए ब्राह्मणों ने उनका राजतिलक करने से मना कर दिया था। इसके लिए गागा भट्ट नाम के एक ब्राह्मण को भारी दक्षिणा देकर काशी से लाया गया था। तीस्ता सीतलवाड़ की ‘हैंडबुक ऑन हिस्ट्री फॉर टीचर्स’ में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है।
महाराष्ट्र में शिवाजी बहुत ऊंचे कद के जननायक हैं। समाज के विभिन्न वर्ग अलग-अलग कारणों से शिवाजी को अत्यंत श्रद्धा की दृष्टि से...
January 16, 2020
'छपाक' पर बवाल से असली नुकसान दीपिका या फ़िल्म प्रोड्यूसर्स का नहीं बल्कि आपका हमारा हुआ है। सबसे ज़्यादा नुकसान में रहेगी वो लड़की, जिस पर भविष्य में कोई कमबख्त तेज़ाब फेंक भागेगा। एक अहम टॉपिक पर फ़िल्म बनी, जिसके बाद बात छिड़नी चाहिए थी कि अब भी तेज़ाब क्यों फेंका जा रहा है। जबकि 2003 में सोनाली मुखर्जी और 2005 में लक्ष्मी केस के बाद कई गाइडलाइंस जारी हुईं। फिर भी बाज़ार में...
January 16, 2020
दिल्ली में विरोध के शाहीन (बाज़) बाग ने ऐसी परवाज़ की, इलाहाबाद में "रोशन बाग" हो गया। दिल्ली का 'खुरेजी" हो गया। यानी शाहीन बाग के बाद रोशन बाग, और खुरेजी में भी महिलाएं धरने पर।
तीनों जगह महिलाएं सड़क पर आ बैठी हैं, जिनकी ज़िद है सरकार हमारी सुने। ऐसी हठधर्मी मैंने आज़ादी के किस्सों में पढ़ी थी। जहां अंग्रेज़ सुनते नहीं थे। जलियांवाला बाग में मीटिंग करते। अब फिर जगह...
January 16, 2020
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक अदालत ने रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुएब एडवोकेट को जमानत दे दी है। लखनऊ पुलिस ने उन्हें 19 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उन्हें 18 दिसंबर की रात में ही उनके घर में नजरबंद कर दिया था।
मोहम्मद शुएब 19 दिसंबर को नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ होने वाले विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने वाले थे। रिहाई मंच मानवाधिकारों के क्षेत्र में काम करता है।...
January 16, 2020
चार अच्छे जाने - माने चिकित्सक और राजनेता प्रधानमंत्री के करीबी है। 1) डॉ. हर्षवर्धन 2) डॉ. महेश शर्मा 3) डॉ जितेन्द्र सिंह और 4) संबित पात्रा। इनमें संबित पात्रा इस बार चुनाव हार गए। बाकी तीनों मंत्री पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री नहीं थे। संबित तो मंत्री ही नहीं थे। हर्षवर्धन बनाए गए थे पर खेल हो गया। उसके बाद जेपी नड्डा स्वास्थ्य मंत्री रहे। पिछले कार्यकाल में महेश शर्मा पर्यटन मंत्री थे और...
January 16, 2020
देश में डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के उस कथित बयान पर सफाई मांगी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दवा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत के रूप में लड़कियां सप्लाई करती हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कथित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि प्रधानमंत्री या तो अपने बयान के समर्थन में तथ्य...
January 15, 2020
तकिया कलाम प्रभावशाली होते है , वे एक ही समय में बहुत सारी भावनाएं और उनके साथ अर्थ पैदा कर सकते हैं। व्यापक तौर पर असर डालने में मदद करते हैं। ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’-आप इस वाक्यांश को पूरे सोशल मीडिया पर अक्सर एक हैशटैग के साथ देखेंगे। इसका इस्तेमाल सत्ता से सवाल करने वालों को राष्ट्र-विरोधी के रूप में जोड़ने के लिए किया जाता है।
दीपिका जेएनयू गईं- टुकड़े-टुकड़े गैंग का...
January 15, 2020
पता नहीं इन लोगों ने पत्रकारिता कहां पढ़ी है और किससे पढ़ी है तथा पत्रकारिता की इनकी यह समझ कैसे विकसित हुई है। जनता महंगाई से परेशान तब हुई जब खुदरा मुद्रास्फीति में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसे पांच साल में सबसे ज्यादा कहा गया?
मामला महंगाई की याद आने का नहीं है। महंगाई की याद तब आई जब एक पुलिस अफसर को आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोप में पकड़ा गया है। और इसे उल्टे ढंग से पेश...