संशोधित शेड्यूल के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तारीख 31 अगस्त कर दी गई है और मतदाताओं को दावे व आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। अब फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।


Image: The Indian Express
चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के शेड्यूल में बदलाव किया है। इसके तहत कई अहम डेडलाइन बढ़ाई गई हैं और फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तारीख 4 नवंबर कर दी गई है।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को एक आदेश जारी करके यह बदला हुआ शेड्यूल जारी किया।
नए शेड्यूल के मुताबिक, वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 31 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं के पास दावे और आपत्तियां (claims and objections) दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक, यानी एक महीने का समय होगा।
फाइनल वोटर लिस्ट, जिसे पहले 7 अक्टूबर को प्रकाशित किया जाना था, अब 4 नवंबर को जारी की जाएगी।
दावे और आपत्तियों की अवधि बढ़ाई गई
नए शेड्यूल में 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान है। दावे और आपत्तियों पर नोटिस तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी।
पुराने शेड्यूल के तहत ड्राफ्ट लिस्ट 5 अगस्त को प्रकाशित होनी थी और दावे व आपत्तियां 4 सितंबर तक स्वीकार की जानी थीं। नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक चलनी थी। इसलिए इन बदलावों से फाइनल लिस्ट तैयार होने से पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की जांच और दावे व आपत्तियों के निपटारे की कुल समय-सीमा बढ़ गई है।
24 अगस्त तक मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण
चुनाव आयोग ने पोलिंग स्टेशनों के पुनर्निर्धारण और पुनर्गठन की समय-सीमा में भी बदलाव किया है। यह काम, जो पहले 29 जुलाई तक पूरा होना था, अब 24 अगस्त तक पूरा किया जाना है।
नए शेड्यूल में चुनाव अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित अधिकारियों को बदलावों के बारे में बताएं और उपलब्ध माध्यमों से नए शेड्यूल का प्रचार-प्रसार करें। राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में इन बदलावों की जानकारी देना जरूरी है।
17 अगस्त तक एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी हुई
महाराष्ट्र में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन (गिनती/डेटा कलेक्शन) का काम पहले ही पूरा हो चुका है। SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने मतदाताओं से संपर्क किया और भरे हुए व साइन किए हुए एन्यूमरेशन फॉर्म इकट्ठा किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 9.78 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 7.71 करोड़ मतदाताओं (यानी 78.85 प्रतिशत) ने 30 जून से 17 अगस्त के बीच घर-घर जाकर किए गए सर्वे के दौरान अपने भरे हुए और साइन किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए। बाकी 2.07 करोड़ मतदाताओं को तय नियमों और सर्वे के दौरान दर्ज असल स्थिति के आधार पर “ऐसे मामले जिनमें फॉर्म जमा नहीं हो पाए” की श्रेणी में रखा गया है।
शुरुआती शेड्यूल जून में शुरू हुआ था
मूल SIR प्रोग्राम में 20 जून से 29 जून के बीच तैयारी, ट्रेनिंग और प्रिंटिंग का काम शामिल था। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक BLOs ने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। बाद में घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की अवधि बढ़ाई गई और एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का काम आखिरकार 17 अगस्त को पूरा हुआ।
चुनाव आयोग ने अब इस प्रक्रिया के अगले चरणों में बदलाव किया है, जिसमें ड्राफ्ट रोल (प्रारंभिक मतदाता सूची) का प्रकाशन, दावे और आपत्तियों का समय, आपत्तियों का निपटारा और फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन शामिल है।
1 अक्टूबर की पात्रता तिथि
महाराष्ट्र में SIR का काम 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता निर्धारित करने की तारीख मानकर किया जा रहा है।
बदला हुआ शेड्यूल वोटर लिस्ट में सुधार के बाकी चरणों पर लागू होगा, जिसकी शुरुआत 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन से होगी। इसके बाद 4 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से पहले दावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
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चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के शेड्यूल में बदलाव किया है। इसके तहत कई अहम डेडलाइन बढ़ाई गई हैं और फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन की तारीख 4 नवंबर कर दी गई है।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने 19 अगस्त को एक आदेश जारी करके यह बदला हुआ शेड्यूल जारी किया।
नए शेड्यूल के मुताबिक, वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 31 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं के पास दावे और आपत्तियां (claims and objections) दर्ज कराने के लिए 30 सितंबर तक, यानी एक महीने का समय होगा।
फाइनल वोटर लिस्ट, जिसे पहले 7 अक्टूबर को प्रकाशित किया जाना था, अब 4 नवंबर को जारी की जाएगी।
दावे और आपत्तियों की अवधि बढ़ाई गई
नए शेड्यूल में 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान है। दावे और आपत्तियों पर नोटिस तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी।
पुराने शेड्यूल के तहत ड्राफ्ट लिस्ट 5 अगस्त को प्रकाशित होनी थी और दावे व आपत्तियां 4 सितंबर तक स्वीकार की जानी थीं। नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक चलनी थी। इसलिए इन बदलावों से फाइनल लिस्ट तैयार होने से पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की जांच और दावे व आपत्तियों के निपटारे की कुल समय-सीमा बढ़ गई है।
24 अगस्त तक मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण
चुनाव आयोग ने पोलिंग स्टेशनों के पुनर्निर्धारण और पुनर्गठन की समय-सीमा में भी बदलाव किया है। यह काम, जो पहले 29 जुलाई तक पूरा होना था, अब 24 अगस्त तक पूरा किया जाना है।
नए शेड्यूल में चुनाव अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित अधिकारियों को बदलावों के बारे में बताएं और उपलब्ध माध्यमों से नए शेड्यूल का प्रचार-प्रसार करें। राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में इन बदलावों की जानकारी देना जरूरी है।
17 अगस्त तक एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी हुई
महाराष्ट्र में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन (गिनती/डेटा कलेक्शन) का काम पहले ही पूरा हो चुका है। SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने मतदाताओं से संपर्क किया और भरे हुए व साइन किए हुए एन्यूमरेशन फॉर्म इकट्ठा किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में लगभग 9.78 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से 7.71 करोड़ मतदाताओं (यानी 78.85 प्रतिशत) ने 30 जून से 17 अगस्त के बीच घर-घर जाकर किए गए सर्वे के दौरान अपने भरे हुए और साइन किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए। बाकी 2.07 करोड़ मतदाताओं को तय नियमों और सर्वे के दौरान दर्ज असल स्थिति के आधार पर “ऐसे मामले जिनमें फॉर्म जमा नहीं हो पाए” की श्रेणी में रखा गया है।
शुरुआती शेड्यूल जून में शुरू हुआ था
मूल SIR प्रोग्राम में 20 जून से 29 जून के बीच तैयारी, ट्रेनिंग और प्रिंटिंग का काम शामिल था। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक BLOs ने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। बाद में घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की अवधि बढ़ाई गई और एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने का काम आखिरकार 17 अगस्त को पूरा हुआ।
चुनाव आयोग ने अब इस प्रक्रिया के अगले चरणों में बदलाव किया है, जिसमें ड्राफ्ट रोल (प्रारंभिक मतदाता सूची) का प्रकाशन, दावे और आपत्तियों का समय, आपत्तियों का निपटारा और फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन शामिल है।
1 अक्टूबर की पात्रता तिथि
महाराष्ट्र में SIR का काम 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता निर्धारित करने की तारीख मानकर किया जा रहा है।
बदला हुआ शेड्यूल वोटर लिस्ट में सुधार के बाकी चरणों पर लागू होगा, जिसकी शुरुआत 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन से होगी। इसके बाद 4 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से पहले दावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
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