नगर निगम की बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में मांस और मछली की बिक्री केवल शहरी सीमा के बाहर निर्धारित पांच केंद्रों पर ही की जाएगी। इसके लिए रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में भूमि चिह्नित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर के भीतर अनियंत्रित रूप से संचालित मांस और मछली की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को टाउन हॉल में आयोजित नगर निगम सदन की बैठक में शहर की सीमा के बाहर पांच स्थानों पर मांस और मछली बिक्री केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में भूमि का चयन किया गया है। सदन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन कर लिया गया है। आने वाले समय में शहर के भीतर संचालित मांस और मछली की दुकानों को इन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
सदन में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लगभग एक वर्ष पहले भी ऐसा प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन अब तक उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि सावन माह के दौरान इन दुकानों को बंद किए जाने से मांस कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होती है।
वहीं, भेलूपुर जलकल परिसर में प्रस्तावित काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क के संबंध में नगर आयुक्त ने सदन को आश्वस्त किया कि परिसर में स्थित जलकल के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, शिवपुर में एक फुटकर फल मंडी विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस परियोजना के तहत फल व्यापारियों के लिए लगभग 500 दुकानों के निर्माण की योजना है।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पार्षद गुलशन अली ने बैठक के दौरान कहा कि मीट, मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पहले भी लाया गया था, लेकिन उस पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान दुकानों के बंद रहने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होती है।
इस पर नगर आयुक्त ने सदन को बताया कि प्रस्तावित स्थलों का चयन कर लिया गया है और जल्द ही योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि आगामी छह महीनों के भीतर शहर की सीमा के अंदर संचालित मीट, मांस और मछली की दुकानों को निर्धारित बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि काशी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप बनाए रखना आवश्यक है।
नगर निगम के इस निर्णय को काशी के शहरी विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यटन प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Related

महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को टाउन हॉल में आयोजित नगर निगम सदन की बैठक में शहर की सीमा के बाहर पांच स्थानों पर मांस और मछली बिक्री केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में भूमि का चयन किया गया है। सदन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन कर लिया गया है। आने वाले समय में शहर के भीतर संचालित मांस और मछली की दुकानों को इन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा।
सदन में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि लगभग एक वर्ष पहले भी ऐसा प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन अब तक उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि सावन माह के दौरान इन दुकानों को बंद किए जाने से मांस कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होती है।
वहीं, भेलूपुर जलकल परिसर में प्रस्तावित काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क के संबंध में नगर आयुक्त ने सदन को आश्वस्त किया कि परिसर में स्थित जलकल के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, शिवपुर में एक फुटकर फल मंडी विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस परियोजना के तहत फल व्यापारियों के लिए लगभग 500 दुकानों के निर्माण की योजना है।
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पार्षद गुलशन अली ने बैठक के दौरान कहा कि मीट, मांस और मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पहले भी लाया गया था, लेकिन उस पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान दुकानों के बंद रहने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होती है।
इस पर नगर आयुक्त ने सदन को बताया कि प्रस्तावित स्थलों का चयन कर लिया गया है और जल्द ही योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि आगामी छह महीनों के भीतर शहर की सीमा के अंदर संचालित मीट, मांस और मछली की दुकानों को निर्धारित बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि काशी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप बनाए रखना आवश्यक है।
नगर निगम के इस निर्णय को काशी के शहरी विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यटन प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Related
नफ़रती भाषण के मामलों में सुप्रीम कोर्ट की झिझक
RSS नेता कल्लाडका प्रभाकर भट ने कर्नाटक हाई कोर्ट से कहा कि वह भड़काऊ भाषण देने से परहेज करेंगे