बनारस: गैस की किल्लत से दुकानदार और आम लोग परेशान, मां अन्नपूर्णा का अन्न क्षेत्र बंद

Written by sabrang india | Published on: March 16, 2026
गैस सिलिंडर की कमी के चलते 24 साल में पहली बार मां अन्नपूर्णा का अन्न क्षेत्र बंद कर दिया गया है। उधर अस्सी घाट, लंका, गोदौलिया और रविंद्रपुरी में 70 फीसदी फूड स्टॉल बंद हो गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि गैस इतनी महंगी हो गई है कि 50 रुपये की मैगी अब 60–70 रुपये में बेचनी पड़ रही है।


साभार : इंडियन एक्सप्रेस

धर्म नगरी बनारस में गैस की किल्लत से आम लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी बुरी तरह जूझ रहे हैं। रविंद्रपुरी, अस्सी, लंका, कबीरनगर और गोदौलिया समेत कई क्षेत्रों में 70 फीसदी से अधिक स्ट्रीट फूड वेंडर्स ने सिलिंडर न मिलने के कारण अपना काम बंद कर दिया है। वहीं गैस सिलिंडर की कमी के चलते 24 साल में पहली बार मां अन्नपूर्णा का अन्न क्षेत्र बंद कर दिया गया है। यहां रोजाना करीब 25 हजार से अधिक भक्तों को भोजन कराया जाता था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अस्सी घाट पर मैगी-चाय की दुकान लगाने वाले प्रभु साहनी ने बताया कि उनके पास गैस सिलिंडर नहीं है, जिसके कारण उनकी दुकान पिछले तीन दिनों से बंद है। वहीं घाट पर दुकान लगाने वाले अन्य लोगों ने बताया कि गैस इतनी महंगी हो गई है कि 50 रुपये की मैगी अब 60–70 रुपये में बेचनी पड़ रही है।

रविंद्रपुरी में सबसे ज्यादा फूड स्टॉल लगते हैं। पिज्जा का स्टॉल लगाने वाले राकेश शर्मा कहते हैं कि गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है और उसके बिना काम नहीं चल सकता। ग्रामीण क्षेत्रों में कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से हाईवे पर स्थित रेस्टोरेंट और ढाबे अब चूल्हे का इस्तेमाल करने लगे हैं। यही नहीं, परिषद विद्यालयों में भी अब चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, कलेक्ट्री फार्म निवासी वेद प्रकाश मिश्रा का सुंदरपुर की एचपी रोहिणी गैस एजेंसी में कनेक्शन है। उन्होंने 17 फरवरी को गैस की बुकिंग की और उन्हें 19 फरवरी को सिलिंडर की डिलीवरी का संदेश मिल गया, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। कई बार फोन करने के बाद उन्हें 26 फरवरी को सिलिंडर मिला। इसी दिन उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आया, जिसे उन्होंने डिलीवरी मैन को बता दिया। इसके बाद उन्हें दूसरी बुकिंग का सिलिंडर तो नहीं मिला, लेकिन सब्सिडी मिल गई।

चांदपुर, मंडुवाडीह में बंद हुई दुकानें

चांदपुर चौराहे पर नाश्ते की तीन दुकानें बंद हो चुकी हैं। जो दुकानें खुली हैं, वहां भी समोसे उपलब्ध नहीं हैं। दुकानदारों का कहना है कि समोसे बनाने में अधिक समय लगता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। गैस की आपूर्ति न होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

चांदपुर चौराहे पर स्थित धीरू पटेल की प्रीति मिष्ठान्न भंडार में गैस न होने के कारण भट्ठी बनाकर जलेबी और पकौड़ी तैयार कर बेची जा रही हैं। वहीं मंडुवाडीह चौराहे पर बलराम गुप्ता की कचौड़ी की दुकान गैस की कमी के चलते बंद पड़ी है।

इसी तरह गैस की आपूर्ति न मिलने से मंडुवाडीह स्थित पाल लस्सी भंडार भी बंद हो गया है। आकाशवाणी चौराहे पर मिठाई की दुकानों में भी कई प्रकार के आइटम उपलब्ध नहीं हैं।

24 साल में पहली बार बंद हुआ मां अन्नपूर्णा का अन्न क्षेत्र

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते 24 साल में पहली बार मां अन्नपूर्णा का अन्न क्षेत्र बंद हो गया है। यहां रोजाना करीब 25 हजार से अधिक भक्तों को भोजन कराया जाता था। जानकारी मिलने पर देर शाम प्रशासन की ओर से 20 सिलिंडर भेज दिए गए।

दूसरी ओर बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में केवल रविवार तक के लिए भोजन बनाने की गैस बची हुई थी। स्टॉक खत्म होने की स्थिति को देखते हुए 24 घंटे पहले ही एलपीजी गैस की पाइपलाइन गेस्ट हाउस के किचन में जोड़ दी गई। वहीं शहर के कई बड़े रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं और कुछ ने मेन्यू को 60 आइटम से घटाकर केवल 2 कर दिया है।

मां अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी ने बताया कि जिस एजेंसी से गैस सिलिंडर मिलते थे, वहां से अब आपूर्ति नहीं हो पा रही है। रविवार दोपहर तक गैस का स्टॉक खत्म हो गया। सुबह कुछ भक्तों को प्रसाद मिल गया था, लेकिन दोपहर में रसोई बंद करनी पड़ी।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही 20 गैस सिलिंडर अन्न क्षेत्र के लिए भेज दिए गए हैं। मंदिर प्रबंधन से कहा गया है कि अन्न क्षेत्र बंद न किया जाए और सिलिंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी।

दूसरी ओर बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में भी गैस सिलिंडर का स्टॉक रविवार को खत्म होने की स्थिति में था। करीब एक सप्ताह पहले कमर्शियल सिलिंडरों पर रोक लगने के बाद गेस्ट हाउस को गैस की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। उस समय केवल छह सिलिंडर उपलब्ध थे, जिनमें से तीन से भोजन बनाया जा रहा था और बाकी तीन स्टॉक में रखे थे। रविवार तक वे तीनों सिलिंडर भी समाप्त होने वाले थे।

एलडी गेस्ट हाउस में ही यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस के लिए भी भोजन तैयार किया जाता है। दोनों गेस्ट हाउस में प्रतिदिन 180 से अधिक मेहमान ठहरते हैं। एलडी गेस्ट हाउस में छह महीने पहले ही गैस पाइपलाइन के लिए एक लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा कर दी गई थी, लेकिन अब तक कनेक्शन शुरू नहीं किया गया था। एलडी गेस्ट हाउस के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. राकेश सिंह ने बताया कि अब गैस पाइपलाइन लगा दी गई है।

कई रेस्टोरेंट में मिल रही केवल इडली

भेलूपुर स्थित केरला कैफे में शनिवार को केवल इडली ही उपलब्ध थी, जबकि बाकी ग्राहकों को वापस लौटना पड़ रहा था। सामान्य दिनों में यहां इतनी भीड़ रहती है कि ग्राहकों को करीब आधे घंटे या उससे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है।

शनिवार को स्थिति यह थी कि ग्राहकों को सिर्फ इडली ही परोसी जा रही थी। मैनेजर ने बताया कि सामान्य दिनों में रेस्टोरेंट में लगभग 60 तरह के मेन्यू उपलब्ध रहते हैं, लेकिन गैस की किल्लत के कारण फिलहाल उन्हें घटाकर सिर्फ दो ही कर दिया गया है।

भेलूपुर क्षेत्र के ही एक अन्य नामचीन रेस्टोरेंट ने शनिवार से तवा रोटी बनाना बंद कर दिया है और सब्जियों के विकल्प भी कम कर दिए हैं। इसी तरह की स्थिति पूरे शहर के कई रेस्टोरेंटों में देखने को मिल रही है।

मंदिर से लाखों भक्त खाली हाथ लौटे: अजय राय

धर्म की नगरी काशी में आज जो हुआ वह हृदयविदारक है। गैस की किल्लत और बेतुके सरकारी नियमों के कारण मां अन्नपूर्णा मंदिर में शनिवार को प्रसाद नहीं बन सका। लाखों भक्त खाली हाथ लौटे। भाजपा सरकार ने अपनी कुनीतियों से काशी की अन्नदान की महापरंपरा पर ग्रहण लगा दिया है। बाबा विश्वनाथ देख रहे हैं!

विशेष कैंप के जरिए दिए जाएंगे घर-घर कनेक्शन: राज्यमंत्री

प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में गेल के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने घर-घर गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रविवार से शहर के सभी आठ जोनल कार्यालयों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। राज्यमंत्री ने बताया कि गेल की ओर से घर-घर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है और आवेदन करने के एक सप्ताह के भीतर कनेक्शन लगा दिया जाएगा।

एलपीजी की समुचित उपलब्धता, कोई कमी नहीं: डीएम का दावा

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को टकटकपुर स्थित इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम के एलपीजी गैस सिलिंडर गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम संचालकों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस सिलिंडरों का वितरण नियमों के अनुसार और सुगमता से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या स्टॉक होल्डिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने कहा कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं तक गैस का वितरण नियमानुसार सुनिश्चित कराया जाएगा।

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