असम सीएम के वीडियो पर बवाल, कांग्रेस ने इसे ‘सीधे तौर पर नरसंहार का आह्वान’ बताया

Written by sabrang india | Published on: February 9, 2026
असम भाजपा द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था। भारी निंदा के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस वीडियो को “संविधान के सीने पर गोली” करार दिया है।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुस्लिम बहुल देश मलेशिया की यात्रा से ठीक एक दिन पहले उनकी पार्टी की असम इकाई ने एक ऐसा वीडियो साझा किया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया।

यह वीडियो राज्य की मुस्लिम आबादी के प्रति शर्मा की पहले से चली आ रही सांप्रदायिक बयानबाज़ी को एक असाधारण और गैरकानूनी स्तर तक ले जाता हुआ प्रतीत होता है।

वीडियो में शर्मा को एयर राइफल पकड़े हुए दिखाया गया है, जो वास्तविक फुटेज जैसा लगता है। इसके साथ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए क्लिप जोड़े गए हैं, जिनमें एयर राइफल से चली गोलियाँ टोपी और दाढ़ी वाले मुस्लिम पुरुषों की तस्वीरों को निशाना बनाती दिखाई देती हैं — जो स्पष्ट रूप से उनकी धार्मिक पहचान के संकेत हैं।

वीडियो में शर्मा को एक वेस्टर्न फ़िल्म के नायक की तरह पेश किया गया है और उनकी तस्वीर के साथ लिखा गया है — “विदेशी-मुक्त असम।” ख़बरों के अनुसार, वीडियो में असमिया भाषा में “कोई दया नहीं”, “पाकिस्तान क्यों नहीं चले गए?” और “बांग्लादेशियों को माफ़ी नहीं” जैसे वाक्य भी दिखाई देते हैं।

वीडियो के साथ “पॉइंट ब्लैंक शॉट” कैप्शन दिया गया था। इसके सामने आते ही इसकी कड़ी निंदा शुरू हो गई। व्यापक आलोचना के दबाव में अंततः यह वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया गया।

इस बीच, सेवानिवृत्त IAS, IFS और IPS अधिकारियों के समूह कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप ने एक बयान जारी कर कहा, “देश भर में — विशेषकर चुनावों के दौरान — राजनेताओं द्वारा लगातार दिए जा रहे नफरत भरे बयानों के बावजूद, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का यह हालिया कृत्य देश के नागरिकों को झकझोर देने वाला है।”

द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह शर्मा के नफरत भरे बयानों पर स्वतः संज्ञान ले, क्योंकि ये न केवल अदालत के पूर्व आदेशों का सीधा उल्लंघन हैं, बल्कि अवमानना के दायरे में भी आते हैं।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने इसे गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत स्पष्ट अपराध बताया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “भाजपा असम ने UAPA के तहत अपराध किया है और हिंसा के लिए खुले तौर पर उकसावा दिया है। केवल विज्ञापन हटाने से इससे बचा नहीं जा सकता। यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 152, 156 और 192 के अंतर्गत भी आता है। इस मामले में एक मिसाल कायम करने वाली सज़ा दी जानी चाहिए।”

शर्मा इससे पहले भी यह कह चुके हैं कि उनका काम “मिया लोगों को तकलीफ़ देना” है। इसके बाद उन्होंने यह दावा भी किया था कि असम में मुसलमानों को वोट नहीं करने दिया जाएगा और राज्य से “चार से पाँच लाख” मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं।

एक अन्य बयान में उन्होंने कहा था, “जो भी उन्हें किसी भी तरह से परेशान कर सकता है… करे। अगर रिक्शा का किराया पाँच रुपये हो तो चार रुपये दीजिए। जब उन्हें परेशानी होगी, वे असम छोड़ देंगे। हिमंता बिस्वा शर्मा और भाजपा सीधे तौर पर मियाओं के ख़िलाफ़ हैं।”

गौरतलब है कि ‘मिया’ शब्द असम के बंगला-भाषी और पूर्वी बंगाल मूल के मुस्लिम समुदाय के लिए प्रयुक्त होता है। जहाँ शर्मा जैसे नेता इस शब्द का इस्तेमाल अपमानजनक अर्थ में करते हैं, वहीं इस समुदाय ने इसे आत्मसात करते हुए अपनी पहचान के रूप में अपनाया है।

कुछ दिन पहले, हिरेन गोहेन के नेतृत्व में असम के 43 प्रमुख लेखक, बुद्धिजीवी, पेशेवर और सामाजिक कार्यकर्ता गुवाहाटी हाई कोर्ट पहुँचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा बार-बार दिए जा रहे नफरत भरे भाषणों, मतदाता सूची के संशोधन में कार्यपालिका के हस्तक्षेप और अन्य संवैधानिक उल्लंघनों पर अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की माँग की थी।

इसी बीच कांग्रेस ने सवाल उठाया — अदालतें और संस्थाएँ कहाँ हैं?

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “भाजपा के एक आधिकारिक हैंडल ने अल्पसंख्यकों की ‘पॉइंट-ब्लैंक’ हत्या को दर्शाने वाला वीडियो पोस्ट किया। यह सीधे तौर पर नरसंहार का आह्वान है — एक ऐसा सपना जिसे यह फ़ासीवादी शासन दशकों से संजोता आया है। यह कोई साधारण ट्रोल वीडियो नहीं है। यह ज़हर सबसे ऊपर से फैलाया गया है और इसके गंभीर नतीजे होने चाहिए। नरेंद्र मोदी से इसकी निंदा या कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना चाहिए और किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।”

कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा पर “जनसंहारक” होने का आरोप लगाया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “जिस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ कैप्शन के साथ मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया, उसे केवल हटाना काफ़ी नहीं है। यही भाजपा की असली पहचान है — जनसंहारक। यह ज़हर, नफ़रत और हिंसा आपके खाते में जाती है, श्रीमान मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएँ सो रही हैं?”

कांग्रेस की केरल इकाई ने कहा, “भाजपा ने अब दिखावा भी छोड़ दिया है और आधिकारिक तौर पर अल्पसंख्यकों के नरसंहार की खुली अपील शुरू कर दी है — और वह भी संवैधानिक शपथ ले चुके मुख्यमंत्री को मुसलमानों को गोली मारते हुए दिखाकर।”

पार्टी ने इस वीडियो को प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा से जोड़ते हुए सवाल उठाया, “प्रधानमंत्री मोदी के लिए रेड कार्पेट बिछाने वाले मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, मलेशिया की जनता तथा भारत और दुनिया भर के मुसलमानों को मोदी आखिर क्या संदेश दे रहे हैं?”

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को बर्खास्त करने और उनसे सार्वजनिक रूप से माफ़ी मंगवाने की माँग की है।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस वीडियो को “संविधान के सीने पर गोली” बताया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “प्रिय प्रधानमंत्री जी, आपका दुलारा मुख्यमंत्री अपने चुनावी विज्ञापन में सीधे मुसलमानों के सीने पर जो गोली मार रहा है, वह दरअसल संविधान की छाती पर मारी जा रही गोली है। ऐसी ही एक गोली गोडसे ने महात्मा गांधी के सीने पर मारी थी। भले ही यह वीडियो अब डिलीट कर दिया गया हो, लेकिन सवाल तो आपसे ही है, मोदी जी — आप यह सब देख ही रहे होंगे, है ना?”

शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा, “भाजपा असम प्रदेश के एक्स हैंडल ने ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत से भरा और सीधे तौर पर निशाना साधने वाला वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन यह इतनी देर तक ऑनलाइन रहा कि कई लोगों ने इसे डाउनलोड कर आगे फैला दिया। बेशर्मी से चुनाव आयोग इस सबसे घिनौने रूप की नफरत और राजनीतिक निशानेबाज़ी को नज़रअंदाज़ करेगा। भाजपा के सामने वह पूरी तरह बेअसर और निष्प्रभावी नज़र आता है।”

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