बायपास सर्जरी होनी थी, पैसा PMC बैंक में फंसा था, इलाज नहीं हो पाया, बुजुर्ग की मौत

Written by sabrang india | Published on: October 19, 2019
मुंबई: पीएमसी बैंक घोटाले के जंजाल में फंसे इसके ग्राहकों की त्रासदी रोज नए-नए स्वरूप में सामने आ रही है। पीएमसी खाताधारकों को नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है।  बैंक में पैसा होने के बावजूद आर्थिक संकट से घिरे एक बुजुर्ग को आज जान से हाथ धोना पड़ा। मुंबई में मुरली धर नाम के वृद्ध का आज उनके घर पर निधन हो गया। अब तक चार खाताधरकों की मौत हो चुकी है। 



मुरली धर के बेटे प्रेम धर का कहना है कि डॉक्टर ने बायपास सर्जरी के लिए कहा था लेकिन सब पैसा PMC बैंक में फंसा होने की वजह से सर्जरी नहीं करवा पाए। चार दिन पहले ही पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले के पीड़ित खाताधारकों में से एक संजय गुलाटी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

मुरली धर के परिवार का तकरीबन 80 लाख रुपये अलग-अलग एकाउंटों में बैंक में जमा है। मुरली धर का परिवार मुंबई की मुलुंड कॉलोनी में रहता है।

गौरतलब है कि गत 14 अक्टूबर को पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले के पीड़ित खाताधारकों में से एक संजय गुलाटी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। संजय के परिवार के 90 लाख रुपये पीएमसी बैंक में फंसे हैं। संजय की पहले जेट एयरवेज से नौकरी चली गई थी, और फिर सारी जमा पूंजी बैंक में फंस गई। वे इसका सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। सोमवार को संजय किल्ला कोर्ट के सामने प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। दोपहर में जब वे घर आए तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया।

संजय गुलाटी की मौत के अगले ही दिन एक 39 वर्षीय महिला डॉक्टर ने मुंबई के अपने घर पर आत्महत्या कर ली। जांच में पता चला है कि महिला का पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) में खाता भी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर आत्महत्या की वजह बैंक में हुए घोटाले को नहीं माना है। 

पुलिस का मानना है कि महिला डॉक्टर ने किसी और वजह से आत्महत्या की है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक डॉक्टर की पहचान निवेदिता बिजलानी के रूप में की गई है। इसके अलावा एक और खाताधारक की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। 

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