अखिलेश यादव ने खाई 'गंगा की सौगंध', सत्ता में आए तो जातिगत आंकड़े जारी करेंगे

Written by Sabrangindia Staff | Published on: January 28, 2019
प्रयागराज: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कुंभ पर संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद अखिलेश ने संगम स्थित बड़े हनुमानजी के दर्शन किए और फिर राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के कुंभ स्थित आश्रम में गए। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि जब सम्राट हर्षवर्धन यहां आते थे तो सब कुछ दान करके चले जाते थे। सरकार ने अभी तक कुछ दान नहीं किया। हम चाहेंगे कि केंद्र सरकार यहां पर स्थित किला प्रदेश सरकार को दान कर दे। 

समाजवादी पार्टी पर जातिगत राजनीति के आरोप लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर सपा प्रमुख ने कहा, “हम चाहते हैं कि सभी जातियों की गणना कर ली जाए। किसी जाति को दूसरी जाति के प्रति नफरत फैलाने का मौका न मिले। मैं गंगा मइया की कसम खाकर आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम सत्ता में आए तो जातियों के आंकड़े सार्वजनिक करेंगे।” अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से सुर्खियों में है। 

देशभर में लंबे समय से जातिवार जनगणना को सार्वजनिक करने की मांग उठती रही है। ऐसे समय में जब विश्वविद्यालयों में आरक्षण की प्रक्रिया बदल दी गई है और एससी/एसटी व ओबीसी का आरक्षण करीब समाप्त ही हो गया है, अखिलेश यादव का यह पहला बयान आया है। 13 प्वाइंट रोस्टर को लेकर अखिलेश यादव और मायावती द्वारा चुप्पी साधे जाने के चलते दलित ओबीसी के निशाने पर दोनों ही नेता आ गए हैं। 

प्रदेश सरकार द्वारा अर्द्धकुंभ का नाम कुंभ किए जाने के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा, “संगम और अर्द्धकुंभ, नाम बदल जाए, रंग बदल जाए और कुंभ के किनारे कैबिनेट हो जाए। अगर किसान खुशहाल न हो, नौजवानों को नौकरी न मिले तो सब बातें अधूरी रह जाती हैं।”  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि से यह पूछे जाने पर क्या 2019 के आम चुनावों के लिए वह अखिलेश यादव को आशीर्वाद देंगे, नरेंद्र गिरि ने कहा, 'पूरा का पूरा आशीर्वाद है'।

 
  
 

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