काशी के नाविक बोले- 40 हजार मल्लाहों की रोजी-रोटी छीन रहे PM मोदी, 2019 में देंगे जवाब

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 14, 2018
वाराणसी. 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली में कहा था कि हम काशी को क्योटो बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने खुद को मां गंगा का लाल बोलकर तालियां बटोरी थीं और अपने संसदीय क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास करने का दावा किया था। लेकिन यह विकास जिस कीमत पर किया जा रहा है उससे लोगों में नाराजगी है। काशी के नाविकों का आरोप है कि पीएम मोदी 40 हजार नाविकों की रोजी रोटी छीनने पर आमदा हैं। अगर ऐसा हुआ तो वे इसका जवाब उन्हें 2019 में देंगे। 

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काशी के नाविकों ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा में जल परिवहन, क्रूज चलाए जाने तथा कछुआ सेंचुरी को यहां से अन्यत्र ले जाने के विरोध में बैठक की। नाविकों ने महापंचायत कर पीएम को पत्र भेजा है जिसमें कहा कि वे 40 हजार मल्लाहों की रोजी-रोटी न छीनें। हम पीढियों से यह काम कर रहे हैं। इसी से हम सभी 40 हजार लोगों का परिवार चलता है।

मल्लाहों ने पीएम को भेजे पत्र में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री जी, आपसे हम समस्त बनारस के 40 हजार मांझी (नाविक) समाज निवेदन करते हैं कि आप जब से वाराणसी के सांसद व देश के प्रधानमंत्री बने हैं तथा अस्सी घाट पर हमारे सामाजिक भाई वीरेंद्र माझी के नाव से गंगा में नौकायन भी किया। उसी समय से आप हमारे नौकायन पेशा पर अपनी नजर गड़ाए बैठे हैं। 2014 में जब से आपकी सरकार बनी है, तब से मां गंगा के पुत्रों की रोजी रोटी छीनने का काम गंगा में क्रूज चलाकर किया जा रहा है। यह अतिक्रमण है। ये हम नाविकों की रोजी रोटी छीनने की साजिश है।

नाविकिों ने पत्र में लिखा कि निवेदन करते हैं कि हम बनारस के नाविक समाज की रोजी रोटी छीनना बंद कर दीजिए। नाविकों ने चेतावनी भी दी कि अगर हमारी रोजी रोटी पर संकट आया तो 2019 के लोकसभा चुनाव में केवल वाराणसी ही नहीं वरन् भारत के समस्त निषाद, बिंद, कश्यप, मल्लाह, मछुआरा आदि मिल कर देश भर में भ्रमण कर लोगों को यह बताएंगे कि बनारस के सांसद व देश के प्रधानमंत्री ने काशी के 40 हजार मल्लाहों की रोजी रोटी अपने चहेते पूंजीपतियों के साथ मिल कर छीन ली। अनादि काल से रहने वाले नाविकों को उजाड़ दिया।

महापंचायत में सर्वसम्मित से निम्न मांगें पारित की गईं 
-क्रूज की वापसी 
-नावों का लाइसेंस पुराने नियम के तहत विनियमित हो 
-गोताखोरों की नियुक्ति जल पुलिस में स्थाई रूप से हो 
-बाढ के दिनों में हमारी नावें बंद न हों 
-वाटर स्पोर्ट्स काशी में बंद हो गंगा तट की जमीनों का पट्टा मल्लाहों के नाम आवंटित हो

नाविकों की महापंचायत को भारतीय मानव समाज पार्टी, भाकपा माले, जेएसी बीएचयू, गांधी आईएसओ समिति, राष्ट्रीय दलित आदिवासी मंच, आम आदमी पार्टी, साझा संस्कृति मंच, राष्ट्रीय अपना दल का समर्थन रहा।


PC- Live VNS News
मणिकर्णिका से विश्‍वनाथ मंदिर तक पाथ-वे के लिये अहमदाबाद की कंपनी का प्रेजेंटेशन

लाइव वीएनएस न्यूज के मुताबिक, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण व चौड़े पाथ-वे का प्रारंभिक प्रेजेंटेशन अहमदाबाद से आयी कंसल्टेंट कंपनी ने पावर प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान एडीजी जोन पीवी रामाशास्‍त्री, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा ने पूरे प्रेजेंटेशन का ध्‍यानपूर्वक अवलोकन किया। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कंसल्टेंट कम्पनी को कई सारे सुझाव भी दिये।

प्रेजेंटेशन में वर्तमान स्थिति, गंगा से मंदिर तक आने की संकरी गलियों को दिखाते हुए विस्तारीकरण व चौड़े पाथवे का प्लान रखा गया। प्रेजेंटेशन के जरिये दिखाया गया कि गंगा घाट से मंदिर तक 350 मीटर की लंबाई होगी तथा घाट से मंदिर ऊंचाई भी पड़ेगी। प्रारम्भिक प्लान में मंदिर को 42×47 मीटर के आयताकार क्षेत्र तथा चारों साइड पर द्वार का प्रावधान दिखाया है। मंदिर परिसर के बाहर एक खुला चौक आयताकार में होगा। ज्ञानवापी के पास भी खुले चौक का प्रावधान किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से वॉच टावर, फायर और मेडिकल फैसिलिटी की भी व्‍यवस्‍था की जा रही है।

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने खुले चौक में काशी व मंदिर की पौराणिकता व ऐतिहासिकता का ध्‍यान रखते हुए म्यूजियम, मल्टीपरपज हाल, सुरक्षा के लिये पेट्रोलिंग, फोर्स के लिये टावर, दर्शनार्थियों के प्रवेश व निकास के अलग-अलग द्वार आदि को प्वाइंट वाइज प्रोजेक्ट में समाहित करने का सुझाव दिया। इसके बाद अब कंसलटेंट फर्म, सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा मानकों को समाहित करने का प्रावधान करेगी।

Input- Live VNS News And Patrika.com

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