दरकिनार होने के बावजूद क्यों कर रही हैं सुषमा, मोदी की तारीफ?

Written by सबरंगइंडिया | Published on: August 4, 2017
नौकरी भी न जाने क्या-क्या करवाती है। पीएम बनते ही विदेश
नीति को अपने हिसाब से चलाने वाले नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री
सुषमा स्वराज को लगभग अप्रासंगिक सा कर दिया है। सारा
कुछ मोदी तय करते हैं। सुषमा स्वराज की हैसियत राजदूत से
ज्यादा नहीं है। लेकिन सुषमा को मोदी की ही तारीफ के कसीदे
काढ़ने पड़ रहे हैं। वह यह जानती हैं कि मोदी के पीएम रहते
उन्होंने थोड़ा भी असंतोष जाहिर किया तो किनारे कर दिया
जाएगा। सो, जब जेडी यू के शरद यादव, सीपीएम के सीताराम
येचुरी और कांग्रेस के आनंद शर्मा ने बृहस्पतिवार में संसद में
यह कहा कि सुषमा काबिल हैं लेकिन सरकार उन्हें खुल कर
काम नहीं करने दे रही है। उनकी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल
नहीं कर रही है तो उन्हें तुरंत सफाई दी।


Image Courtesy: PTI

उन्होंने मोदी की तारीफ की और कहा कि मोदी में ही ट्रंप को
चुनौती देने का माद्दा है। अब भारत ही ग्लोबल एजेंडा तय कर

रहा है। सुषमा ने कहा कि उनकी क्षमताओं का ठीक से
इस्तेमाल न करने का सवाल उठा कर विपक्ष आग लगा रहा है।
झगड़ा करवाना चाहता है। लेकिन सच्चाई यही है कि पीएम
नरेंद्र मोदी विदेशी नीति की गाड़ी खुद चला रहे हैं। विदेशी दौरों
में शायद ही सुषमा उनके साथ होती हैं।

लेकिन सुषमा के साथ दिक्कत यह है कि सरकार के अंदर उनके
समर्थक काफी कम रह गए हैं। अमित शाह-मोदी और जेटली की
तिकड़ी के आगे सुषमा की नहीं चल रही है। उनके पुराने
समर्थक मार्गदर्शक मंडल में भेज दिए गए हैं। इसलिए यह
सुषमा की मजबूरी है कि वह दरकिनार किए जाने के बावजूद
पीएम की तारीफ करती रहें। विपक्षी नेताओं के इस बात में दम
है कि सुषमा के पास काबिलियत है लेकिन उन्हें पूरी तरह से
काम नहीं करने दिया जा रहा है। दरअसल यह पीएम नरेंद्र
मोदी की नीति है। वह सरकार पर अपना लौह पाश कमजोर
नहीं होना देना चाहते।

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