कानून का बोलबाला

May 8, 2026
दो दिनों तक चली जोरदार कानूनी बहसों के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की बारीकी से जांच की। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि भारत के मुख्य न्यायाधीश की जगह किसी केंद्रीय मंत्री को शामिल करने से एक "होम अंपायर" जैसी व्यवस्था बन जाती है; वहीं, जब पीठ ने संसदीय शक्तियों की सीमाओं पर सवाल उठाए, तो वकीलों ने आगाह किया कि लोकतंत्र के "रेफरी" पर...
May 7, 2026
मामले की गंभीरता और हिरासत में पूछताछ पर जोर देते हुए, सेशंस कोर्ट का आदेश "संगठित प्रभाव" की दलील पर काफी हद तक निर्भर करता है जिससे सबूतों के मानकों, धार्मिक मेल-जोल को अपराध मानने और जमानत के चरण में दी जाने वाली दलीलों के दायरे के विस्तार को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं। नासिक सत्र न्यायालय ने 2 मई, 2026 के एक आदेश में निदा एजाज़ खान को एक ऐसे मामले में अग्रिम जमानत देने से...
May 7, 2026
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कथित पीड़िता के बयान के अलावा रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे छात्रा की संलिप्तता साबित हो सके। साभार : एक्सप्रेस इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12वीं कक्षा की एक मुस्लिम छात्रा को अग्रिम जमानत दे दी है। छात्रा पर अपनी हिंदू सहपाठी का जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में बार एंड बेंच ने रिपोर्ट प्रकाशित की है। सोमवार...
May 6, 2026
एक तर्कपूर्ण फैसले में न्यायालय ने यह माना है कि जब पुलिस अपने ही लोगों की जांच करती है, तो निष्पक्षता का केवल अस्तित्व होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि यह स्पष्ट, विश्वसनीय और संवैधानिक रूप से बचाव योग्य भी होनी चाहिए।   एक ऐसे फैसले में जो आपराधिक जांच में संस्थागत जवाबदेही के मूल मुद्दे को छूता है, तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक सब-इंस्पेक्टर की मौत की जांच CBCID को सौंपने का आदेश दिया है।...
May 5, 2026
मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए, न्यायालय ने दलित और आदिवासी आरोपियों पर लगाई गई "अपमानजनक" जमानत शर्तों की कड़ी निंदा की है। साथ ही, न्यायिक क्षेत्राधिकार के अतिक्रमण के प्रति आगाह करते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को अपमान या जाति-आधारित श्रम की शर्त पर सीमित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने 4 मई को ओडिशा की अदालतों पर सख्त...
May 5, 2026
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर, 'फ्री स्पीच कलेक्टिव' (एफएससी) दमन, जेल और संस्थागत चुप्पी की एक सशक्त और बहुआयामी दास्तान पेश कर रहा है जिसके केंद्र में जेल में बंद पत्रकारों रूपेश कुमार सिंह और इरफान मेहराज के मामले हैं, ताकि भारत के लोकतांत्रिक वादों में बढ़ती दरारों को उजागर किया जा सके। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर, 'फ्री स्पीच कलेक्टिव' (...
May 4, 2026
यह घटनाक्रम हाल की उन रिपोर्टों के बाद सामने आया है, जिनमें ओडिशा हाई कोर्ट और राज्य की कुछ ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेशों का जिक्र किया गया है। इन आदेशों में आरोपियों को जमानत देने की शर्त के तौर पर पुलिस स्टेशनों में सफाई का काम करने का निर्देश दिया गया था। फोटो साभार : पीटीआई सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाई कोर्ट और राज्य की कुछ ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई जमानत की शर्तों के संबंध में...
April 30, 2026
कोर्ट ने पूछा कि अलग धर्म के व्यक्ति के साथ कॉफी पीना भी डर पैदा करने वाला काम बन गया है, इस पर कार्रवाई क्यों नहीं। साभार : द लीफलेट इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश के 588 मदरसों की जांच के विरोध में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आयोग मुस्लिमों पर हमलों और लिंचिंग...
April 30, 2026
कोर्ट ने कहा कि इस बात पर कोई पक्की रिपोर्ट नहीं थी कि वह मांस किसी गाय या गोवंश का था। फोटो साभार : हिंदुस्तान टाइम्स इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह एक व्यक्ति को 2 लाख रुपये का मुआवजा दे। इस व्यक्ति का वाहन 2024 में कथित तौर पर 'गोमांस ले जाने' के आरोप में जब्त कर लिया गया था, जबकि इस बात की कोई पक्की रिपोर्ट नहीं थी कि वह मांस गाय या गोवंश का था...
April 29, 2026
वर्ष 1976 में शासन से मिली 44 एकड़ भूमि को ‘नजूल’ घोषित कर AKVN के माध्यम से उद्योग को सौंपने का आरोप लगाया गया है, जिसे किसान SC/ST एक्ट और पेसा (PESA) कानूनों का उल्लंघन बता रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 29 आदिवासी किसानों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि को नियमों के खिलाफ एक उद्योग को लीज पर दे दिया गया...