राजनीती
October 28, 2018
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने मुंबई में आयोजित हुए 'ए डी श्रॉफ मेमोरियल लेक्चर' में जो बातें कही है वह बेहद गंभीर है ओर बड़ी बात यह है कि विरल आचार्य इस विषय पर रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की 'सलाह' पर ही अपनी बात रख रहे थे, ...........उन्होंने साफ साफ कहा कि "यदि सरकार केन्द्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान नहीं करेगी, वह भविष्य में वित्तीय बाजार की...
October 27, 2018
आर्थिक जगत की छुपाई जा रही खबरों पर जरा निगाह डालिए ओर सोचिए कि इस बार की दीवाली कितनी भारी गुजरने वाली है.
- रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 94.2 करोड़ डॉलर घटकर 393.52 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार 5.14 अरब डॉलर की भारी गिरावट आयी थी इस साल अप्रैल के बाद से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 31 अरब डॉलर तक की कमी आ चुकी है...
October 27, 2018
रामलला हम आएँगे, मन्दिर वहीं बनाएँगे
जे सरवा सिरि राम न बोली, पकड़-पकड़ लतियाएँगे
रामलला हम आएँगे
पढ़े बदे इस्कूल ना रहै, घर चौका औ चूल्ह ना रहै
रोटी औ रोजगार ना रहै, कउनो कारोबार ना रहे
अपने खूब मलाई काटें, लम्बा-लम्बा भाषण छाँटैं
गाय-भईंस के नाम पे हरदम, जनता को लड्वाएँगे
रामलला हम आएँगे
अस्पताल, गोदाम अनाज के, एक्को नाही काम-काज के
सरकारी स्कूल औ कॉलेज, उफरि परै सब नालेज-वालेज...
October 27, 2018
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन में शराब तस्करों को इतना बढ़ावा मिला है कि वे अब पुलिस के काबू में भी नहीं आ रहे हैं। जब कभी पुलिस उन पर कोई कार्रवाई करने जाती है तो वे पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते।
ऐसी ही घटना राजधानी जयपुर में हुई है जहां पुलिस पर शराब के तस्करों ने हमला कर दिया। मामला जयपुर के हरमाड़ा थाने का है जहां की पुलिस ने बरौनी से नीमकाथाना ले जाई जा रही अवैध शराब को...
October 27, 2018
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तमाम दावे विधानसभा चुनावों के ठीक पहले खोखले साबित होने लगे हैं। राज्य में कई जिले डेंगू, डायरिया और टाइफाइड से ग्रस्त हैं जिनमें इलाज की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
Image Courtesy: https://naidunia.jagran.com/
गुना जिले के डोंगर गांव में ही 300 से ज्यादा मरीज उल्टी-दस्त और टाइफाइड से पीड़ित हैं, लेकिन अब तक डॉक्टर इस गांव में झांके तक नहीं हैं...
October 27, 2018
छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद एक तरह से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में कम ही रहा है। भारतीय जनता पार्टी भी उसे काफी हद तक रमन सिंह के हवाले करके आश्वस्त बैठी रही।
Image Courtesy: Twitter
कांग्रेस भी पहले जोगी के भरोसे छत्तीसगढ़ को छोड़े रही, फिर जोगी को निकालने के बाद चरणदास महंत, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव जैसे नेताओं को उनका विकल्प बनाने में लगी रही।
छत्तीसगढ़ में बड़े-...
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का बड़ा हमला- नरेंद्र मोदी असत्यवादी प्रधानमंत्री हैं, लोगों का तोड़ा भरोसा..
October 27, 2018
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर हमले किए। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी का शासन भारत के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि उन्होने मतदाताओं का भरोसा तोड़ा है और पर हमला करते हुए कहा कि उनका शासन भारत के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि उन्होंने मतदाताओं का भरोसा तोड़ा है और ऐसी सरकार का नेतृत्व किया है जो देश में साम्प्रदायिक हिंसा, लिंचिंग और गऊ-रक्षा...
October 27, 2018
दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की राजनीति का सच तो यही है कि सत्ता पाने के लिये नागरिकों को वोटरों में तब्दील किया जाता है। फिर वोटरों को जाति-धर्म-सोशल इंजीनियरिंग के जरीये अलग अलग खांचे में बांट जाता है। पारंपरिक तौर पर किसान-मजदूर, महिला, दलित, युवा और प्रोफेशनल्स व कारपोरेट तक को सपने और लुभावने वादों की पोटली दिखायी जाती है। और सत्ता पाने के बाद समूचे सिस्टम को ही सत्ता बनाये रखने के...
October 26, 2018
आज जयपुर में घुमन्तू समुदाय के लोगों ने एनजीओ, सीबीओ, वामपंथ और दक्षिणपंथ को ऐसा घुमाया कि सारी विचारधाराओं का कचूमर निकल गया !
पहले वो आये, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़े सभा भवन कुमारानंद हॉल ,जहाँ पर सिविल सोसाइटी धुरंधरों के कार्यक्रम का हिस्सा बने, यहां से सीधे भाजपा दफ्तर चले, बहाना तो घुमन्तुओं के मुद्दे पर ज्ञापन देना था, हारती हुई बीजेपी के मैनिफेस्टो में घुमन्तुओं के मुद्दों...
October 26, 2018
"क्या चुनाव आयोग, क्या सीवीसी, क्या सीबीआई........"
60 साल में भारत गर्त में चला गया था. आपके लिए ये फैक्ट हो सकता है. मेरे लिए एक शानदार तरीके से स्थापित पर्सेप्शन. नतीजा, कांग्रेस को आज मांगे मिले न भीख वाली हालत हो गई. लेकिन, वो 60 साल बनाम आज का 5 साल बराबर है. क्यों? क्योंकि तब न मीडिया/सोशल मीडिया का प्रकोप इतना था न जनता के मन में इतनी बेचैनी थी.
एन विठ्ल का नाम...