राजनीती

July 25, 2019
अपने भड़काऊ बयानों से मीडिया की सुर्खियों में रहने वाली साध्वी प्राची एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। दरअसल उत्तर प्रदेश के बागपत में एक कांवड़ शिविर का उद्घाटन करते हुए कहा कि अगर मुस्लमान गुर्राते हैं तो उनकी आंखों के खिलाफ भाला का इस्तेमाल करना चाहिए। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक साध्वी प्राची ने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम अगर गुर्राते हैं तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और...
July 25, 2019
नई दिल्ली। फॉरेस्ट राइट्स एक्ट 2006 पर आए सुप्रीम कोर्ट के 13 फरवरी के फैसले से लाखों वनाश्रित आदिवासियों पर बेदखली के बादल मंडरा रहे हैं। इस फैसले के बाद एकसाथ विभिन्न संगठनों और लाखों आदिवासियों के विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वन अधिकार अधिनियम से सम्बन्धित मामले को सुनना ज़रूरी समझा और उसपर बड़ी तत्परता के साथ उस आदेश पर रोक लगा दी इस मामले पर आदिवासी भारत महासभा ने वक्तव्य जारी किया है।...
July 25, 2019
साल 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद से कथित भगवा संगठनों द्वारा एक के बाद अराजक कारनामें सामने आए हैं। अब केंद्र में दूसरी बार मोदी सरकार है। ऐसे में मॉब लिंचिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं। हिंसक भीड़ लगातार कानून हाथ में लेकर बेझिझक हत्यारी होती नजर आ रही है। विभिन्न राज्यों में कई वारदातें हो चुकी हैं जिनमें भीड़ ने लोगों की जान ले ली। ऐसे में बॉलीवुड की 49 हस्तियों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर...
July 25, 2019
नई दिल्ली: गायिका शुभा मुद्गल, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा और फिल्मकार श्याम बेनेगल, अनुराग कश्यप, अपर्णा सेन और मणि रत्नम सहित विभिन्न क्षेत्रों की कम से कम 49 हस्तियों ने देश में लगातार हो रहीं लिंचिंग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा है। 23 जुलाई को लिखे गए पत्र में हस्तियों ने कहा है कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द और सख्त सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए। पत्र में...
July 25, 2019
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिराने का मुद्दा उठाया था और कहा था कि ये (भाजपा) हमारे विधायकों को चार्टेड प्लेन से मुंबई लेकर गए। सरकार तोड़ने के लिए दल-बदल की कोशिश की जा रही है और इसके लिए केंद्र सरकार साजिश रच रही है। चौधरी ने कहा था कि यह सरकार लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है और इसमें आपकी पार्टी के नेताओं का हाथ है। इसके जवाब में केंद्रीय...
July 25, 2019
भाजपा सरकार ने लोक सभा में दो विधेयक पेश किये हैं- मजदूरी संहिता 2019 एवं उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2019। मजदूरी संहिता निवर्तमान 4 श्रम क़ानूनों- न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, मजदूरी संदाय अधिनियम, बोनस संदाय अधिनियम और समान पारिश्रमिक अधिनियम को समेकित और संशोधित करने की ओर लक्षित है। वहीं, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता का उद्देश्य 13 निवर्तमान अधिनियम जिसमें कारख़ाना...
July 24, 2019
नई दिल्ली। आदिवासियों की जमीन के संबंध में 13 फरवरी 2019 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आदिवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता सुकालो गोंड और निवाडा राणा उच्चतम न्यायालय की शरण में पहुंची हैं। दोनों ने कोर्ट से लाखों आदिवासियों को बेदखली के फैसले से सुरक्षित करने की गुहार लगाई है। इन्होंने वाइल्डलाइफ फर्स्ट की अगुवाई में चल रहे मामले में हस्तक्षेप का आवेदन दिया है। बता दें कि इस साल 13 फरवरी...
July 24, 2019
वनाधिकार आंदोलन की लगभग 40 वर्षीय नेता निवादा राणा चार बच्चों की माँ हैं। उन्होंने अपने ऊपर घातक हमले होने के बावजूद पूरी दृढ़ता के साथ संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। जब वे हम पर वन्यजीवों को नष्ट करने का आरोप लगा रहे थे, तो मैं सब समझ रही थी; मैंने उन्हें पूरी सख्ती से कहा कि वे झूठी अफ़वाह फैला रहे हैं। मैंने उनसे कहा, ''जंगल को जलाने वाले और जानवरों को मारने वाले आप हैं...
July 24, 2019
मुंबई। लोकतंत्र बहाली के लिए आवाज उठाने वालों को भयभीत करने के लिए सरकार सरकारी मशीनरी का बुरी तरह इस्तेमाल कर रही है। मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस एक छह साल पुराने मामले को लेकर प्रीति शेखर के घर पहुंची। लेकिन आरोप लग रहे हैं कि पुलिस रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के चलते प्रीति शेखर के घर पहुंची थी। इस कार्यक्रम को मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और...
July 24, 2019
भारत के सभी दक्षिणपंथी वर्चस्ववादियों की एक आम विशेषता है, बेतुकी कल्पना और संकीर्ण विचार। इसका सटीक उदाहरण राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) द्वारा छापी गई यह पुस्तिका है। यह भारत के कुछ सम्मानित बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार रक्षकों को बदनाम करने के अभियान का हिस्सा है। यह कुटिल प्रयास कुछ बेबुनियाद काल्पनिक कहानियों पर आधारित है। जयपुर स्थित विश्व संवाद केंद्र द्वारा छापी गई इन पुस्तकों को २०/-...