राजनीती

August 29, 2020
आदिवासी हैं तो जंगल हैं। वन विभाग न जंगल लगा सकता है और न जंगल बचा सकता है। आदिवासी मूलनिवासी समुदायों का सदियों से जंगल से तालमेल है। परस्पर सह-अस्तित्व का रिश्ता है। जंगल की रक्षा की बुनियादी और वैज्ञानिक समझ है। पीढ़ी दर पीढ़ी इस समझ व ज्ञान का विस्तार हो रहा है। इन्हें जंगल से अलग करके पर्यावरणीय न्याय की कल्पना करना भी बेमानी है। वैसे भी (अंग्रेज) सरकार और उसके द्वारा बनाया गया वन विभाग 150...
August 28, 2020
सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद देश में कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. पूरे देश में इस रोग के प्रसार और उसके कारण लगाए गए प्रतिबंधों से एक बड़ी आबादी बहुत दुःख और परेशानियां झेल रही है. इस साल की फरवरी की शुरूआत में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर की सरकारों को इस रोग से बचने के लिए उपयुक्त कदम उठाने को कहा था. परंतु उस समय भारत सरकार ‘नमस्ते ट्रंप’ और...
August 27, 2020
एनकाउंटर प्रदेश बन चुके उप्र में अपनी 'ठोको' नीति के सहारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले अपराध घटने और कानून व्यवस्था दुरस्त होने जैसे लाख दावे करें लेकिन उनकी पोल खुद उनके अपने सांसद और विधायक ही खोल दे रहे हैं। वह भी अंतरराष्ट्रीय चौराहे सोशल मीडिया पर। प्रदेश में क्राइम कम होने के अपने दावों के पक्ष में योगी आदित्यनाथ 9 साल के तुलनात्मक आंकड़े लेकर आते हैं। जिसके मुताबिक, उनकी...
August 26, 2020
“प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्,” यूपी सरकार बार-बार अपराध की घटनाओं पर पर्दा डालती है, मगर अपराध चिंघाड़ते हुए प्रदेश की सड़कों पर तांडव कर रहा है। उतर प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला चरम पर है हालात यह है कि हर दिन प्रदेश के किसी न किसी कोने में रेप, हत्या, लूट या निडर पत्रकारों पर एफ आई आर की धटनाएं सामने आ रही है. पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या और 11 पत्रकारों के ऊपर खबर लिखने...
August 25, 2020
दुनियां में मौजूद लगभग सभी विचारधाराओं को मानने वाले लोगों ने नारी की स्थितियों की अलग अलग ढंग से व्याख्या की है. मेरी राय में अगर नारी की व्याख्या की जाए तो कहा जा सकता है कि ‘नारी मानवता और समाज का वह अभिन्न हिस्सा है जिससे सभ्य समाज की संरचना पूर्ण होती है’.  नारी सिर्फ मादा जीव प्राणी नहीं है, बल्कि नारी मादा से भिन्न अर्थों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को...
August 24, 2020
एएमयू में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोपी बनाए गए डॉ. कफील खान पर रासुका तीन महीने तक के लिए बढ़ा दी गई है। वह पिछले छह महीने से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मथुरा जेल में बंद हैं। चार अगस्त को गृह विभाग के अनु सचिव विनय कुमार के दस्तखत से जारी एक आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 (2) के तहत कफील खान को 13 फरवरी 2020 को अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट...
August 24, 2020
बिहार और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी काफी सजग नजर आ रही है। शायद इसी का नतीजा है कि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) में पूछे जाने वाले सवाल हटा लिए हैं। अब एनपीआर के अंतर्गत पूछे जाने वाले सवालों में से मातृभाषा, माता-पिता के जन्म की तारीख और स्थान वाले सवाल आधिकारिक वेबसाइट से हटा लिए गए हैं।  भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय की...
August 24, 2020
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। इसे लेकर शनिवार को कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सरकार की कार्यप्रणाणी पर सवाल उठाए। इस दौरान कांग्रेस ने यूरिया की कालाबाजारी रोकने, नौजवानों को रोजगार देने, डॉ कफील खान को रिहा करने, गन्ना किसानों का भुगतान करने की मांग रखी।  बता दें कि सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बीजेपी की सरकार...
August 22, 2020
प्रशांत भूषण मामले में कल सजा नहीं सुनाई जा सकी और आज के अखबारों के अनुसार अदालत ने उन्हें सोचने का समय दिया है। इस मामले में फैसला चाहे जो हो आज की खबरों से लग रहा है कि मामला उलझ गया है। जिसे सीधे-सीधे अवमानना का मामला माना गया, जिसे बहुत जल्दी निपटाने या जिसपर बहुत जल्दी कार्रवाई की जरूरत समझी गई, उस कारण बहुत सारे मामले सामने आए जो शायद इस मामले को छोड़ दिया जाता या आम मामलों की तरह लिया जाता...
August 21, 2020
नई दिल्ली। अदालत की अवमानना के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की सजा को लेकर बीस अगस्त यानि शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान प्रशांत भूषण ने साफ किया कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं और अपने ट्वीटस को लेकर दया नहीं मांगेंगे। भूषण ने साफ किया कि उन्होंने ये ट्वीट बतौर नागरिक अपना कर्तव्य निभाने के लिए किए थे।  फिर भी कोर्ट ने भूषण को...