मिडिया

September 3, 2018
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है लेकिन इस बार कोई दलित या मुस्लिम नहीं बल्कि सत्तर वर्षीय बुजुर्ग ब्राह्मण भीड़ के हमले का शिकार हुआ है। बलरामपुर जिले में एक 70 साल के बुजुर्ग को पहले तो भीड़ ने बुरी तरह पीटा, फिर उनका मुंडन कर मुंह पर कालिख लगाकर सडकों पर घुमाया। बुजुर्ग पर बीमार गाय को छोड़ने का आरोप लगाकर यह हमला किया गया।   जानकारी के मुताबिक बलरामपुर...
September 3, 2018
यूनिफॉर्म सिविल कोड की इस वक्त न ज़रूरत है और न ही यह अनिवार्य है। यह राय भारत के क़ानून आयोग की है। पिछले शुक्रवार को कानून आयोग ने परिवार कानून सुधार पर अपनी तरफ़ से एक चर्चा-पत्र जारी किया है।  आयोग का पक्ष है कि समुदायों के बीच समानता की जगह समुदायों के भीतर स्त्री और पुरुष के बीच समानता होनी चाहिए। सती प्रथा, देवदासी, तीन तलान और बाल विवाह ये सब सामाजिक बुराइयां हैं और मानव...
September 2, 2018
भीमा कोरेगावं हिंसा में गिरफ्तारी की बहसों के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने कहा कि जिन लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या का जश्न मनाया, अभी वह सत्ता में हैं.  स्वरा भास्कर ने कोरेगांव हिंसा मामले में हुई गिरफ्तारियों पर भी सवाल उठाया. इंडियन वीमन प्रेस कॉर्प्स की ओर से शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में स्वरा ने कहा कि लोगों को उनके कर्मों के लिए दंडित किया जाना चाहिए, न कि उनके...
September 2, 2018
एक बार जिद्दू कृष्णमुर्ती से किसी ने पूछा कि क्या आपको लगता है कि भारतीय लोग कर्म के सिद्धांत में भरोसा रखते हैं? कृष्णमूर्ति ने जोर देकर कहा कि भारतीय सिर्फ बातें करते हैं लेकिन असल में न तो कर्म का सिद्धांत समझते हैं न ही उसका पालन करते हैं. अगर वे पालन करते तो इतना दारिद्र्य और शोषण यहाँ नहीं हो सकता था. कृष्णमूर्ति का दर्शन असल में बुद्ध के प्रवाह में है और वे बिना किसी लाग लपेट या...
August 30, 2018
रिजर्व बैंक ने कल जो अपनी एन्युअल जनरल रिपोर्ट जनता के सामने पेश की है यदि उस पर भरोसा करें तो मोदी जी के चार सालों में देश की बदहाल हुई अर्थव्यवस्था की सच्ची तस्वीर निकल कर सामने आ जाती है, इस रिपोर्ट में यह तो सिद्ध कर ही दिया गया है कि नोटबन्दी पूरी तरह से फेल हो गयी है, लेकिन उसे एक तरफ भी रख दे तब भी इस रिपोर्ट मोदी सरकार के नेतृत्व में देश के बर्बाद होने वाले भविष्य की भयावह तस्वीर उभर रही...
August 30, 2018
मीडिया और सोशल मीडिया बहुत अलग-अलग संस्थाएँ नहीं हैं. दोनों ही एक दूसरे के लिए सप्लायर और वितरक का काम करते हैं. हमारे जनमानस का बहुत बड़ा स्पेस इस दायरे में ग्राहक बन कर खड़ा है. तर्क और तथ्य की पहचान की क्षमता हर किसी में विकसित नहीं होती. क्योंकि हमारी ख़राब शिक्षा व्यवस्था ने उन्हें इसी स्तर का बनाया है. इस जगत के खिलाड़ियों को पता है कि शब्दों की सीमा है. इसलिए शब्द कम होने लगे हैं. टैगलाइन...
August 30, 2018
बस्तर या छोटा नागपुर या झारखण्ड के जंगलों में रहने वाले आदिवासिओं ने सरकार का एक ही चेहरा देखा है – टिम्बर माफिया का साथ देने वाला फ़ॉरेस्ट ऑफिसर, खनन कंपनियों का पहरेदार सुरक्षाकर्मी और आदिवासिओं के शोषण का साथ देने वाला नेता. इनके लिए सरकार, राजनीती और उद्योग बाहरी जगत है. ऐसी सामाजिक ज़मीन पर बिसात फ़ैलाते है तीन तरह के तत्त्व – पहले दो हैं ईसाई मिशनरी और हिंदूवादी संस्थाएं...
August 29, 2018
कल्पना कीजिए, आज रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी टीवी पर आते हैं और नोटबंदी के बारे में रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट पढ़ने लगते हैं। फिर थोड़ा रूक कर वे 8 नवंबर 2016 का अपना भाषण चलाते हैं, फिर से सुनिए मैंने क्या क्या कहा, उसके बाद रिपोर्ट पढ़ते हैं। आप देखेंगे कि प्रधानमंत्री का गला सूखने लगता है। वे खांसने लगते हैं और लाइव टेलिकास्ट रोक दिया जाता है। वैसे कभी उनसे पूछिएगा कि आप अपने उस ऐतिहासिक कदम के...
August 29, 2018
उपरोक्त संदर्भ में चौकीदार कौन है, नाम लेने की ज़रूरत नहीं है। वर्ना छापे पड़ जाएंगे और ट्विटर पर ट्रोल कहने लगेंगे कि कानून में विश्वास है तो केस जीत कर दिखाइये। जैसे भारत में फर्ज़ी केस ही नहीं बनता है और इंसाफ़ झट से मिल जाता है। आप लोग भी सावधान हो जाएं। आपके ख़िलाफ़ कुछ भी आरोप लगाया जा सकता है। अगर आप कुछ नहीं कर सकते हैं तो इतना तो कर दीजिए कि हिन्दी अख़बार लेना बंद कर दें या फिर...
August 29, 2018
बात 28 फरवरी 2002 की है। बजट का दिन था। हर रिपोर्टर बजट के मद्देनजर बरों को कवर करने दफ्तर से निकल चुका था। मेरे पास कोई काम नहीं था तो मैं झंडेवालान में वीडियोकान टॉवर के अपने दफ्तर आजतक से टहलते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडक्वार्टर पहुंच गया, जो 10 मिनट का रास्ता थ। मिलने पहुंचा था आरएसएस के तब के प्रवक्ता एमजी वैद्य से। नागपुर में काम करते वक्त से ही परीचित था तो निकटता थी। निकटता थी तो...