मिडिया

August 30, 2018
बस्तर या छोटा नागपुर या झारखण्ड के जंगलों में रहने वाले आदिवासिओं ने सरकार का एक ही चेहरा देखा है – टिम्बर माफिया का साथ देने वाला फ़ॉरेस्ट ऑफिसर, खनन कंपनियों का पहरेदार सुरक्षाकर्मी और आदिवासिओं के शोषण का साथ देने वाला नेता. इनके लिए सरकार, राजनीती और उद्योग बाहरी जगत है. ऐसी सामाजिक ज़मीन पर बिसात फ़ैलाते है तीन तरह के तत्त्व – पहले दो हैं ईसाई मिशनरी और हिंदूवादी संस्थाएं...
August 29, 2018
कल्पना कीजिए, आज रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी टीवी पर आते हैं और नोटबंदी के बारे में रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट पढ़ने लगते हैं। फिर थोड़ा रूक कर वे 8 नवंबर 2016 का अपना भाषण चलाते हैं, फिर से सुनिए मैंने क्या क्या कहा, उसके बाद रिपोर्ट पढ़ते हैं। आप देखेंगे कि प्रधानमंत्री का गला सूखने लगता है। वे खांसने लगते हैं और लाइव टेलिकास्ट रोक दिया जाता है। वैसे कभी उनसे पूछिएगा कि आप अपने उस ऐतिहासिक कदम के...
August 29, 2018
उपरोक्त संदर्भ में चौकीदार कौन है, नाम लेने की ज़रूरत नहीं है। वर्ना छापे पड़ जाएंगे और ट्विटर पर ट्रोल कहने लगेंगे कि कानून में विश्वास है तो केस जीत कर दिखाइये। जैसे भारत में फर्ज़ी केस ही नहीं बनता है और इंसाफ़ झट से मिल जाता है। आप लोग भी सावधान हो जाएं। आपके ख़िलाफ़ कुछ भी आरोप लगाया जा सकता है। अगर आप कुछ नहीं कर सकते हैं तो इतना तो कर दीजिए कि हिन्दी अख़बार लेना बंद कर दें या फिर...
August 29, 2018
बात 28 फरवरी 2002 की है। बजट का दिन था। हर रिपोर्टर बजट के मद्देनजर बरों को कवर करने दफ्तर से निकल चुका था। मेरे पास कोई काम नहीं था तो मैं झंडेवालान में वीडियोकान टॉवर के अपने दफ्तर आजतक से टहलते हुये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडक्वार्टर पहुंच गया, जो 10 मिनट का रास्ता थ। मिलने पहुंचा था आरएसएस के तब के प्रवक्ता एमजी वैद्य से। नागपुर में काम करते वक्त से ही परीचित था तो निकटता थी। निकटता थी तो...
August 29, 2018
रिहाई मंच ने मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के जाने-माने पैरोकारों के घरों पर हुई छापेमारी और उनकी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। मंच ने सुधा भारद्ववाज, गौतम नवलखा, अरुण फरेरा, वेराॅन गोंजाल्विस, आनंद तेलतुंबडे, वरवर राव, फादर स्टेन स्वामी, सुसान अब्राहम, क्रांति और नसीम जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर इस हमले को अघोषित आपातकाल कहा। रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद...
August 29, 2018
नाम-गुरमित , उम्र - 25 बरस , केस - 7, एनकाउंटर की तारीख-31 मार्च 2017, एनकाउंटर की जगह-बलिया। नाम -नौशाद उर्फ डैनी , उम्र 30 बरस , केस -19 , एनकाउंटर की तारीख-29 जुलाई 2017, जगह-शामली । नाम -सरवर , उम्र -28 बरस , केस -8,एनकाउंटर की तारीख-29 जुलाई 2017 , एनकाउंटर की जगह-शामली । नाम - इकरम उर्फ तोला, उम्र-40 बरस , केस-11, एनकाउंटर की तारीख-10 अग्सत 2017, जगह-शामली । नाम - नदीम...
August 28, 2018
क्या राजनीतिक सत्ता का खेल अब इस चरम पर पहुंच गया है, जहां देश में हर विचार सत्ता के लिये है। और सत्ता का मतलब है सबसे ज्यादा मुनाफा। कारपोरेट हो या मीडिया। अदालत हो या औद्योगिक घराने। धंधा खनन का हो या इन्फ्रास्ट्रक्चर का। सभी को चलना सत्ता के इशारे पर ही है और अपने अपने दायरे में सभी का मुनाफा राजनीतिक सत्ता से तालमेल बैठ कर ही संभव है। तो क्या राजनीतिक का अपराधीकरण या क्रोनी कैपटलिज्म...
August 28, 2018
व्हाट्स एप पर एक मित्र कुलदीप से बात हो रही थी । उन्होंने अमरीका के पत्रकार स्टीवन ब्रिल की किताब टेलिस्पिन का हवाला देते हुए बताया कि अमरीका में सरकारी नौकरी की प्रक्रिया काफी जटिल और थका देने वाली है। मुझे लगा कि वहां भी तीन चार साल में भर्ती पूरी होती है। मगर ब्रिल ने कोफ्त जताते हुए लिखा है कि औसतन एक सरकारी नौकरी की प्रक्रिया पूरी होने में 90 दिन लग जाते हैं. जबकि प्राइवेट कंपनियों में 23...
August 27, 2018
लंदन में राहुल ने जो सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि भारत में आरएसएस मिस्र के 'मुस्लिम ब्रदरहुड' का ही हिंदू प्रतिरूप है। और राहुल गाँधी के बौद्धिक रूप से सक्षम होने का यह प्रमाण ही है कि उन्होंने चाल-चरित्र और चेहरे में संघ और मिस्र के "मुस्लिम ब्रदरहुड" को कार्य और नीति के आधार पर एक बता दिया। आरएसएस की तुलना हम अभी तक हिटलर की नाजी पार्टी से लेकर अफगानिस्तान के तालिबान तक...
August 27, 2018
आज से कुछ साल पहले तक डेटॉल और लाइफ बॉय अपने साबुन के एड में दिखाते थे कि उनके प्रोडक्ट से 99% तक जर्म मर जाते हैं, सिर्फ लगाकर धोने भर से। अब इनके हैंडवॉश मार्केट में आये तो इन्होंने अपना नया एड बनाया और साबुन से घृणा करने के लिए बताया कि इसमें जर्म चिपके रह जाते हैं इसलिए इनसे बचने के लिए आपको बिना टच किये इस्तेमाल किये जाने वाला हैंडवॉश खरीद कर लाना चाहिए, विज्ञापन में दिखाया जाता है कि साबुन...