तामेंगलोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 साल के नागा किशोर की हत्या कर दी। फरवरी से अब तक नागा-कुकी जातीय हिंसा में 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर,
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा हुई। राज्य के तामेंगलोंग जिले में सोमवार, 21 सितंबर को संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 वर्षीय नागा किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान एनके विफेनबौ के रूप में हुई है। यह जानलेवा हमला सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे किया गया।
द मूकनायक ने लिखा, यह किशोर अपर नकोउ गांव से तामेई शहर की ओर अकेला ही पैदल जा रहा था। इसी सफर के दौरान रास्ते में घात लगाए उग्रवादियों ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
घटना के कुछ समय बाद नागा गांव के स्थानीय स्वयंसेवकों को एक संकरी और सुनसान पगडंडी पर उस युवक का शव पड़ा मिला।
राज्य में जातीय हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस साल फरवरी से नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इन दोनों जनजातियों के बीच जारी लगातार हिंसक संघर्षों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फिलहाल कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोनी, उखरुल और कामजोंग जिले इस हिंसा के चलते सबसे ज्यादा तनावग्रस्त बने हुए हैं।
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पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान एनके विफेनबौ के रूप में हुई है। यह जानलेवा हमला सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे किया गया।
द मूकनायक ने लिखा, यह किशोर अपर नकोउ गांव से तामेई शहर की ओर अकेला ही पैदल जा रहा था। इसी सफर के दौरान रास्ते में घात लगाए उग्रवादियों ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
घटना के कुछ समय बाद नागा गांव के स्थानीय स्वयंसेवकों को एक संकरी और सुनसान पगडंडी पर उस युवक का शव पड़ा मिला।
राज्य में जातीय हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस साल फरवरी से नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसक झड़पों में अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इन दोनों जनजातियों के बीच जारी लगातार हिंसक संघर्षों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फिलहाल कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोनी, उखरुल और कामजोंग जिले इस हिंसा के चलते सबसे ज्यादा तनावग्रस्त बने हुए हैं।
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