मणिपुर में हिंसा बढ़ने के बीच, घात लगाकर किए गए हमले में एक कुकी महिला की हत्या कर दी गई 

Written by sabrang india | Published on: October 17, 2026
कुकी-जो काउंसिल ने एक बयान में कहा कि कामजोंग जिले में मोलवैलुप से फाइकोह की ओर जरूरी सामान खरीदने जा रहे चार कुकी-जो ग्रामीणों पर शाम के समय NSCN-IM के सदस्यों ने हमला कर दिया।


फोटो साभार : मकतूब

मणिपुर में स्थिति गंभीर बनी हुई है। नागा और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है और सरकार इसका समाधान निकालने में विफल रही है।

मकतूब की रिपोर्ट के अनुसार, ताजा घटनाक्रम में गुरुवार को मणिपुर के कामजोंग जिले में संदिग्ध नागा उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में एक कुकी-जो महिला की मौत हो गई और उसका पति घायल हो गया। साथ ही, समुदाय के दो अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं।

यह हमला तीन जिलों में नौ लोगों की हत्या के पांच दिन बाद हुआ है। मारे गए लोगों में दो कुकी (जिनमें एक महिला थी), एक गोरखा और छह नागा लोग शामिल थे।

मृतक महिला की पहचान मोलनोई गांव की रहने वाली हतनेइकिम हाओकिप के रूप में हुई है।

कुकी-जो काउंसिल ने एक बयान में कहा कि कामजोंग जिले में मोलवैलुप से फाइकोह की ओर जरूरी सामान खरीदने जा रहे चार कुकी-जो ग्रामीणों पर शाम के समय NSCN-IM के सदस्यों ने हमला कर दिया।

काउंसिल ने बताया कि हतनेइकिम हाओकिप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति जामखोंगाम हाओकिप गंभीर रूप से घायल हो गए।

बयान में कहा गया, “इसके साथ ही, NSCN-IM (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक-मुइवा) और ZUF(K) (ज़ेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट, कामसन गुट) से जुड़ी हिंसा में मारे गए कुकी-जो नागरिकों की संख्या 30 हो गई है। कुकी-जो काउंसिल (KZC) लगातार हो रही इन हत्याओं की कड़ी निंदा करती है और तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग करती है, साथ ही जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की भी मांग करती है।”

इस साल फरवरी में कुकी-नागा संघर्ष शुरू होने के बाद से हिंसा में कम से कम 22 नागा और 30 कुकी-जो लोग मारे जा चुके हैं।

इस बीच, बुधवार देर रात सुरक्षा बलों को कांगपोकपी जिले में एक नागा व्यक्ति का कटा हुआ सिर मिला, जिसकी पहचान अज़िनबोउ रिंगकामाई के रूप में हुई है।

पुलिस ने गुरुवार को बताया कि 10 अक्टूबर को कुकी सशस्त्र समूहों द्वारा कथित तौर पर मारे गए नागा व्यक्ति का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया है। उस घटना में उनके साथ पांच अन्य लोग भी मारे गए थे। पीड़ित रिंगकामाई लियांगमाई नागा जनजाति से थे।

इस घटना के बाद ‘जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल’ ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि वे उसका कटा हुआ सिर खोजकर निकालें।

दोनों समुदायों ने इन हमलों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।

‘जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल’ ने कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन/यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (KNO/UPF) के साथ हुए ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (SoO) समझौते को रद्द करने की भी मांग की है। ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (SoO) समझौता एक त्रिपक्षीय संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौता है, जिस पर 22 अगस्त 2008 को गृह मंत्रालय (भारत सरकार), मणिपुर सरकार और कुकी-जो विद्रोही समूहों के बीच हस्ताक्षर किए गए थे।

इसके चलते कुकी नागरिक समाज संगठनों (CSOs) ने मांग की है कि NSCN-IM के साथ हुए संघर्ष-विराम समझौते की भी समीक्षा की जाए, ताकि उसे रद्द करने पर विचार किया जा सके।

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