उदयपुर : मेजर मुस्तफा बोहरा की शहादत के वर्षों बाद भी परिवार सरकारी लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा

Written by sabrang india | Published on: July 6, 2026
बीजेपी नेता ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से शहीद के परिवार को सरकारी लाभ दिलाने की मांग की है।



उदयपुर ग्रामीण से बीजेपी के पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने देश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक नेतृत्व को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा (जिन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था) के परिवार को राजस्थान सरकार की सैनिकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए बनी नीतियों के तहत मिलने वाले सभी लाभ तत्काल दिए जाएं।

द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, यह ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और राजस्थान के मुख्य सचिव पी. श्रीनिवास को संबोधित किया गया है।

सोलंकी ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि शहीद के परिवार को राजस्थान सरकार की 'कारगिल पैकेज योजना' और 'शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता योजना' के तहत मिलने वाले सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पष्ट नीतिगत प्रावधानों के बावजूद कई पात्र लाभ अब भी लंबित हैं।

मेजर मुस्तफा बोहरा ने 21 अक्टूबर 2022 को देश की रक्षा करते हुए कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके असाधारण साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 जुलाई 2024 को नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में उनके परिवार को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया।

सोलंकी ने कहा कि यह वीरता पुरस्कार न केवल शहीद के परिवार के लिए सम्मान की बात है, बल्कि मेवाड़, राजस्थान और पूरे देश के लिए भी गर्व का विषय है।

कानूनी रूप से मिलने वाले लाभ में कथित देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सोलंकी ने कहा कि यह "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक" है कि भारत के सर्वोच्च शांति-कालीन वीरता पुरस्कारों में से एक प्राप्त करने वाले शहीद का परिवार आज भी उदयपुर और जयपुर में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है, ताकि उन्हें वे लाभ मिल सकें जो पहले से ही सरकारी नीतियों के तहत निर्धारित हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि वीरता पुरस्कार पाने वालों के परिवार स्पष्ट सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं, तो यह प्रशासन की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरकारी विभागों में लंबित मामलों का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शहीद के परिवार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) और अन्य प्रशासनिक विभागों के पास लंबित पड़े हैं। सोलंकी के अनुसार, कारगिल पैकेज योजना और शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता योजना के तहत स्पष्ट नियम होने के बावजूद संबंधित विभाग इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने में विफल रहे हैं।

ज्ञापन में कहा गया है, "अगर शौर्य चक्र पुरस्कार प्राप्त करने वाले शहीद के परिवार को भी अपने कानूनी अधिकार पाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़े, तो यह शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।"

सोलंकी ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से अनुरोध किया है कि वे शहीद के परिवार से जुड़े सभी लंबित मामलों के समन्वय के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करें।

उन्होंने प्रस्ताव दिया कि अधिकारी को निर्देश दिया जाए कि वह 15 दिनों के भीतर प्रत्येक लंबित मामले की समीक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि सभी वाजिब मांगों का समयबद्ध समाधान हो। उन्होंने राजस्थान सरकार की सैनिक कल्याण नीतियों के तहत मिलने वाले सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभों की व्यापक समीक्षा तथा उनके तत्काल क्रियान्वयन की भी मांग की।

ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें

ज्ञापन में केंद्र और राजस्थान सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:

1. सभी लंबित लाभ तुरंत जारी किए जाएं

राजस्थान सरकार कारगिल पैकेज योजना के तहत परिवार को देय सभी वित्तीय एवं अन्य लाभों का तत्काल सत्यापन कर उन्हें बिना किसी देरी के जारी करे।

2. MIG घर का आवंटन

कारगिल पैकेज योजना के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के तहत शहीद के परिवार को एक MIG आवासीय घर आवंटित किया जाए। सोलंकी का दावा है कि यह फाइल 2023 से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है।

3. आवासीय भूखंड का आवंटन

शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता योजना के तहत परिवार को रियायती आरक्षित दर पर 220 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड आवंटित किया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि परिवार स्पष्ट रूप से पात्र होने के बावजूद यह प्रस्ताव 2023 से लंबित है।

4. उदयपुर की रानी रोड का नाम बदलना

ज्ञापन में मांग की गई है कि उदयपुर की रानी रोड का नाम बदलकर "शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा मार्ग" किया जाए। सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में लंबे समय से पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

5. सरकारी स्कूल का नाम बदलना

खेरोदा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नाम बदलकर "शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय" किया जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से पत्राचार के बावजूद यह प्रस्ताव भी लंबित है।

6. स्मारक का निर्माण

खेरोदा में "शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा स्मारक" का निर्माण किया जाए, जो आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति, सैन्य सेवा और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रेरित करने का केंद्र बने।

7. आधिकारिक जिला-स्तरीय शहादत दिवस

ज्ञापन में प्रस्ताव रखा गया है कि मेजर मुस्तफा बोहरा के शहादत दिवस, यानी 21 अक्टूबर, को हर वर्ष जिला स्तर पर आधिकारिक तौर पर "शहीद मेजर मुस्तफा बोहरा शौर्य चक्र श्रद्धांजलि दिवस" के रूप में मनाया जाए।

इस प्रस्तावित वार्षिक आयोजन में आधिकारिक श्रद्धांजलि समारोह, रक्तदान शिविर, प्रेरणादायक व्याख्यान, छात्रों के लिए देशभक्ति कार्यक्रम तथा जिला प्रशासन, सैनिक कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग और पूर्व सैनिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम शामिल किए जाएं।

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